तारीख पर तारीख" की तर्ज पर कुलियों को "आश्वासन पर आश्वासन"रेलवे कुलियों में बढ़ता असंतोष।

भारत के वर्तमान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव शन्नी देओल की तरह भुमिका निभा रहे हैं।

तारीख पर तारीख" की तर्ज पर कुलियों को "आश्वासन पर आश्वासन"रेलवे कुलियों में बढ़ता असंतोष।

बिकानेर: रेलवे स्टेशन पर  आश्वासन की बौछार कर दी गई।

बीकानेर से विशेष रिपोर्ट:

बीकानेर। हिंदी फिल्म के एक चर्चित संवाद में अभिनेता Sunny Deol कहते हैं, "तारीख पर तारीख मिलती रही, इंसाफ नहीं मिला।

" इसी तर्ज पर रेलवे कुलियों का कहना है कि उन्हें भी वर्षों से "आश्वासन पर आश्वासन" मिल रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम अभी तक दिखाई नहीं दे रहे हैं।

हाल ही में बीकानेर में रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw के दौरे के दौरान कुली प्रतिनिधियों ने अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं को उनके समक्ष रखा। 

कुलियों का कहना है कि हर बार मुलाकात के दौरान उनकी बात ध्यान से सुनी जाती है और सकारात्मक आश्वासन भी दिए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो पाती।

रेलवे कुलियों का आरोप है कि बदलते समय में उनकी आजीविका पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।

स्टेशन परिसरों में आधुनिक सुविधाओं और नई व्यवस्थाओं के विस्तार के बीच कुली वर्ग अपने भविष्य को लेकर चिंतित है। 

उनका कहना है कि रोजगार सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर लंबे समय से मांगें उठाई जा रही हैं, लेकिन समाधान की प्रक्रिया काफी धीमी है।

कुली संगठनों के अनुसार, जब भी वे रेल मंत्री या रेलवे अधिकारियों से मिलते हैं, उन्हें आश्वासन दिया जाता है कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। हालांकि, उनका मानना है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस और समयबद्ध कार्रवाई की आवश्यकता है

कुलियों की आवाज:

एक कुली प्रतिनिधि ने कहा, "हमें हर बार भरोसा दिलाया जाता है कि हमारी समस्याएं दूर होंगी, लेकिन आज भी हम उसी इंतजार में हैं। 

अब हमें आश्वासन नहीं, समाधान चाहिए।"

निष्कर्ष:

रेलवे के विकास और आधुनिकीकरण के साथ-साथ स्टेशनों पर वर्षों से सेवा दे रहे कुलियों की समस्याओं के समाधान की मांग भी तेज हो रही है। कुलियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ, तो वे अपने अधिकारों के लिए व्यापक स्तर पर आवाज उठाने को मजबूर होंगे।

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