वाशिंगटन।भारतवंशी वैज्ञानिक राज रेड्डी को AI के अग्रदूतों में माना जा रहा है।

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वाशिंगटन।भारतवंशी वैज्ञानिक राज रेड्डी को AI के अग्रदूतों में माना जा रहा है।
वाशिंगटन एजेंसी।नई दिल्ली। विशेष संवाददाता: अमन कुमार मिश्र रिपोर्ट।

दबबाला राजगोपाल राज रेड्डी एक प्रसिद्ध कम्प्यूटर वैज्ञानिक है जिनको कृत्रिम बुद्धिमत्ता ए आई और रोबोटिक क्षेत्र में कम्प्यूटर विज्ञान के सर्वोच्च सम्मान ए एम ट्यूरिंग पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में भारतवंशी वैज्ञानिक Raj Reddy के योगदान को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। 

तकनीकी जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक AI के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। 

उन्होंने मशीन लर्निंग, स्पीच रिकग्निशन और बुद्धिमान कंप्यूटर प्रणालियों के क्षेत्र में कई दशकों तक शोध किया।

राज रेड्डी को कंप्यूटर विज्ञान के सर्वोच्च सम्मान माने जाने वाले Turing Award से भी सम्मानित किया जा चुका है। 

विशेषज्ञों के अनुसार, AI का विकास किसी एक व्यक्ति के प्रयास का परिणाम नहीं है, 

बल्कि दुनिया भर के अनेक वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के सामूहिक योगदान का नतीजा है।

हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि “AI का जन्मदाता भारत का एक लड़का है।” 

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इस दावे को शाब्दिक रूप से सही नहीं माना जा सकता। AI की अवधारणा और विकास में John McCarthy, Alan Turing, Marvin Minsky सहित कई वैज्ञानिकों का योगदान रहा है।

फिर भी, राज रेड्डी को AI के शुरुआती और प्रभावशाली शोधकर्ताओं में गिना जाता है, और भारतीय मूल के वैज्ञानिकों के लिए उनकी उपलब्धियाँ प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।

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