अर्जेंटीना: यानी रेलवे का निजीकरण हुआ, लेकिन सुधार नहीं हुआ।भारत को सबक सिखाना जरूरी है।
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| अर्जेंटीना में बहुत ही खतरनाक रेलमार्ग द्वारा ट्रेनों का गुजरना बादलों से चारों तरफ घिरा हुआ। |
निजीकरण क्यों हुआ: 1990 के दशक में कार्लो मेंनम की सरकार ने बड़े पैमाने पर सरकारी कंपनियों का निजीकरण किया। रेलवे भी उसी का हिस्सा था। उस समय रेलवे भारी घाटे में था,इंफ्रास्ट्रक्चर जर्जर था।सरकार खर्च कम करना चाहती थी।
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अर्जेंटीना का रेलवे नेटवर्क |
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| अर्जेंटीना दक्षिण अमेरिका की पहाड़ी एरिया से गुजरती हुई। |
बाद में क्या हुआ इन समस्याओं के कारण: सरकार ने धीरे-धीरे फिर से राज्य नियंत्रण बढ़ाना शुरू किया।
2015 में फेरोकैरिलेस अर्जेंटीनो कंपनी को दोबारा सक्रिय किया गया। निजीकरण अपने आप में सुधार की गारंटी नहीं है।
अगर:मजबूत नियमन (नियमन) न हो,निवेश की शर्तें सख्त न हों। सार्वजनिक हित को प्राथमिकता न दी जाए तो नतीजा उल्टा भी हो सकता है,जैसा अर्जेंटीना में देखा गया।



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