वाशिंगटन एजेंसी:ईरान-अमेरिका संघर्ष की वजह से तेल सप्लाई पर बड़ा असर पड़ रहा है। तेल सप्लाई गंभीर रूप से बाधित हुई है।

मिडिल ईस्ट में युद्ध और तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य पर खतरा बढ़ गया है।
यह दुनिया के लगभग 20% तेल ट्रांसपोर्ट का मुख्य रास्ता है यहां रुकावट मतलब वैश्विक असर।
रिपोर्ट के अनुसार रोज़ाना 10–13 मिलियन बैरल तक सप्लाई प्रभावित हो रही है। कई टैंकर और शिपमेंट इस रूट से नहीं गुजर पा रहे कुछ देशों का एक्सपोर्ट रुक गया या धीमा हो गया स्टोरेज (रिजर्व) का इस्तेमाल बढ़ गया है इसलिए पूरी सप्लाई बंद नहीं है, लेकिन इतनी बड़ी कमी आई है कि बाजार में कमी जैसा असर दिख रहा है।

असर कितना बड़ा है: 50 दिनों में ही करीब 50 अरब डॉलर के तेल का नुकसान हुआ दुनिया की कुल डिमांड का ~10–12% हिस्सा प्रभावित इसे इतिहास का सबसे बड़ा सप्लाई शॉक तक कहा जा रहा है।
कीमतों पर असर तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं $100 /150 प्रति बैरल तक जाने का खतरा बताया जा रहा है। भारत जैसे देशों में इससे महंगाई, पेट्रोल-डीजल कीमत और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा।

अगर संघर्ष बढ़ा सप्लाई और घटेगी: अगर होर्मुज़ पूरी तरह बंद हुआ ग्लोबल ऑयल क्राइसिस और गहरा जाएगा अगर समझौता हुआ धीरे-धीरे सप्लाई सुधर सकती है,लेकिन इसमें महीनों लग सकते हैं।


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