कोलकाता में मिशनरीज़ ऑफ चैरिटी पहुँचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो।

कोलकाता में मिशनरीज़ ऑफ चैरिटी पहुँचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो।
मदर टेरेसा के ‘मदर हाउस’ में की प्रार्थना, बच्चों से भी मिले।

संवाददाता की रिपोर्ट:

कोलकाता, 24।   मई:  अमेरिकी विदेश     मंत्री  Marco Rubio ने अपने चार दिवसीय  भारत दौरे    की शुरुआत कोलकाता से की। 

शहर पहुंचते ही उन्होंने Missionaries of Charity के मुख्यालय “मदर हाउस” का दौरा किया, जहाँ उन्होंने मदर टेरेसा की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

रुबियो अपनी पत्नी जीनेट रुबियो और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के साथ मदर हाउस पहुँचे। 

इस दौरान उन्होंने संस्था की ननों और अधिकारियों से मुलाकात कर सेवा कार्यों की जानकारी ली। 

बाद में वे “निर्मला शिशु भवन” भी गए, जहाँ अनाथ और जरूरतमंद बच्चों की देखभाल की जाती है।

यह दौरा कई मायनों में खास माना जा रहा है। लगभग 14 वर्षों बाद किसी अमेरिकी विदेश मंत्री ने कोलकाता का दौरा किया है। 

इससे पहले वर्ष 2012 में अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन शहर आई थीं।

सूत्रों के अनुसार, रुबियो की भारत यात्रा में नई दिल्ली, आगरा और जयपुर भी शामिल हैं। 

नई दिल्ली में वे प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात करेंगे तथा Quad देशों की बैठक में हिस्सा लेंगे।

नई दिल्ली में अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात करेंगे। 

इस दौरान भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी, रक्षा सहयोग, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा और व्यापार संबंधों पर चर्चा होने की संभावना है।

इसके साथ ही रुबियो Quad देशों भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया की बैठक में भी हिस्सा लेंगे। 

Quad समूह का उद्देश्य इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना, समुद्री सुरक्षा मजबूत करना और चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच रणनीतिक संतुलन बनाए रखना माना जाता है।

अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio अपनी भारत यात्रा के दौरान Quad देशों भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया की अहम बैठक में हिस्सा लेंगे। 

नई दिल्ली में आयोजित इस बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा, समुद्री सहयोग, साइबर सुरक्षा, नई तकनीक और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व प्रधानमंत्री Narendra Modi और विदेश मंत्री Subrahmanyam Jaishankar करेंगे। माना जा रहा है।

कि Quad देशों के बीच रक्षा और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

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