पटना: बिहार के 30 जिले में आधार सेवा केन्द्र खुलेंगे और आधार आपरेटर की नियुक्ति जल्द शुरू होगी।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (U I D A I) या राज्य सरकार के सहयोग से की जाती है, ताकि लोगों को आधार से जुड़ी सेवा जैसे नाम अपडेट,मोबाइल नंबर लिंक करना, बायोमेट्रिक अपडेट आदि आसानी से मिल सकें।
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बिहार सरकार द्वारा आधार सेवा केन्द्र खुलने से जिला के स्थानीय लोगों को आधार कार्ड आसानी से प्राप्त होगा |
भर्ती से जुड़ी संभावित बातें: आधार ऑपरेटर बनने के लिए आमतौर पर 12वीं पास या उससे अधिक योग्यता,बेसिक कंप्यूटर ज्ञान,यू आई डी ए आई द्वारा मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट आधार आपरेटर/ सुपरवाइजर/परीक्षा पास सर्टिफिकेट होनी चाहिए।
आधार ऑपरेटर/सुपरवाइजर की नियुक्ति सीधे सरकार द्वारा नहीं की जाती,बल्कि यह प्रक्रिया U I D A I भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के नियमों के अनुसार होती है। आमतौर पर यह काम नामित एजेंसियों और एनरोलमेंट सेंटर के माध्यम से किया जाता है। प्रक्रिया इस तरह होती है।
1. जरूरी योग्यता:
ऑपरेटर: कम से कम 12वीं पास सुपरवाइजर: 12वीं पास कुछ अनुभव अक्सर I T/प्रशासन से जुड़ा बेसिक कंप्यूटर ज्ञान जरूरी।
2. सर्टिफिकेशन अनिवार्य:
आपको नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ of इलेक्ट्रॉनिक्स & इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी (N I E L I T) की परीक्षा पास करनी होती है।
यह परीक्षा “आधार/ आपरेटर/सुपरवाइजर सर्टिफिकेट" के लिए होती है। पास करने के बाद आपको U I D A I से मान्यता मिलती है।
3. आधार एनरोलमेंट/अपडेट सेंटर से जुड़ना U I D A I खुद भर्ती नहीं करता आपको किसी अधिकृत एजेंसी/बैंक/CSC के साथ काम करना होता है
उदाहरण: कामन सर्विस सेंटर,बैंक या पोस्ट ऑफिस।
4. रजिस्ट्रेशन और ऑन बोर्डिंग:
एजेंसी आपको अपने साथ जोड़ती है,UIDAI सिस्टम में आपका ID बनाया जाता है,बायोमेट्रिक डिवाइस आदि के साथ काम शुरू होता है।
5. जॉब कैसे मिलेगी:
CSC या एजेंसियों के जरिए आवेदन करें,जॉब पोर्टल्स या स्थानीय एनरोलमेंट सेंटर पर संपर्क करें,कई बार ठेके पर नियुक्ति होती है।
ध्यान देने वाली बातें:
बिना सर्टिफिकेट के काम नहीं मिल सकता पुलिस वेरिफिकेशन/डॉक्यूमेंट चेक जरूरी हो सकता है नौकरी स्थायी नहीं होती, ज्यादातर कॉन्ट्रैक्ट बेस पर होती है।

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