उत्तराखंड: मां गंगा (गंगा नदी) का उद्गम उत्तराखंड के हिमालय क्षेत्र में स्थित गंगोत्री ग्लेशियर से होता है।

उत्तराखंड: मां गंगा (गंगा नदी) का उद्गम उत्तराखंड के हिमालय क्षेत्र में स्थित गंगोत्री ग्लेशियर से होता है।
उत्तराखंड राज्य से माता गंगा की उत्पत्ति गोमुख से हुई।
इस ग्लेशियर के मुख को गोमुख कहा जाता है, जहां से भागीरथी नदी निकलती है। आगे चलकर देवप्रयाग में भागीरथी और अलकनंदा नदी आपस में मिलती हैं, और तब से इस धारा को गंगा कहा जाता है। उद्गम: गंगोत्री ग्लेशियर (गोमुख)
।गंगा का अवतरित गोमुख से निकलती हुई भागीरथी गंगा।
 प्रारंभिक धारा: भागीरथी गंगा नाम मिलता है: देवप्रयाग के बाद शुरुआत (हिमालय से)गंगा की शुरुआत गंगोत्री ग्लेशियर के गोमुख से होती है। यहां से जो नदी निकलती है, उसे भागीरथी नदी कहते हैं।

🏔️ 2. संगम से “गंगा” बनना नीचे आकर देवप्रयाग में भागीरथी मिलती है अलकनंदा नदी से। यहीं से इस संयुक्त धारा को “गंगा” कहा जाता है।
🏙️ 3.उत्तराखंड से उत्तर प्रदेश गंगा आगे बहती हुई,
ऋषिकेश:हरिद्वार (यहां मैदानों में प्रवेश करती है)फिर उत्तर प्रदेश में कानपुर प्रयागराज (यहां यमुना से संगम) वाराणसी
4.बिहार और झारखंड इसके बाद गंगा बहती है पटना
भागलपुर(आपके पास का क्षेत्र) पश्चिम बंगाल और अंत
आगे जाकर कोलकाता फिर गंगा कई शाखाओं में बंटकर
सुंदरबन डेल्टा बनाती है और अंत में बंगाल की खाड़ी में गिर जाती है।
आसान सार : गोमुख → देवप्रयाग → हरिद्वार →प्रयागराज → वाराणसी → पटना → कोलकाता → बंगाल की खाड़ी।





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