वाशिंगटन एजेंसी:अमेरिका:डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ नीति से भारत के कौन-कौन से उद्योग (जैसे स्टील, आईटी, फार्मा) सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।
Donald Trump की टैरिफ (आयात शुल्क) नीति का असर India के कई उद्योगों पर पड़ा। कुछ सेक्टरों को नुकसान हुआ, जबकि कुछ को नए अवसर भी मिले। विशेषज्ञों के अनुसार सबसे अधिक प्रभाव इन उद्योगों पर देखा गया।
स्टील और एल्युमिनियम उद्योग: अमेरिका ने स्टील और एल्युमिनियम आयात पर भारी टैरिफ लगाए। इससे भारतीय स्टील कंपनियों के निर्यात पर असर पड़ा,भारतीय स्टील उत्पाद अमेरिका में महंगे हो गए। इससे मांग कम हुई और निर्यात घटा। इसका असर भारतीय कंपनियों जैसे: Tata Steel, JSW Steel पर भी पड़ा।
आईटी उद्योग:-भारत का आईटी सेक्टर सीधे टैरिफ से कम लेकिन नीतिगत बदलावों से प्रभावित हुआ।अमेरिका में लोकल जॉब्स बढ़ाने की नीति पर जोर दिया गया। वीजा नियम सख्त हुए। इससे भारतीय आईटी कंपनियों की लागत बढ़ी।
प्रभावित कंपनिया:- इन्फोसिस,टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, विप्रो।
फार्मास्यूटिकल उद्योग: भारत दुनिया में जेनेरिक दवाओं का बड़ा निर्यातक है। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा दवा बाजार है। टैरिफ और दवा कीमत नियंत्रण की चर्चा से कंपनियों पर दबाव बढ़ा।
प्रभावित कंपनियां: सन फार्मास्युटिकल,रेड्डी लेबोरेट्री हालांकि इस सेक्टर को अपेक्षाकृत कम नुकसान हुआ क्योंकि अमेरिका को सस्ती दवाओं की जरूरत रहती है।
ऑटो पार्ट्स उद्योग: भारतीय ऑटो कंपोनेंट कंपनिया अमेरिका को बड़ी मात्रा में निर्यात करती हैं। टैरिफ बढ़ने से इन उत्पादों की कीमत बढ़ गई। इससे प्रतिस्पर्धा कम हुई।
टेक्सटाइल और गारमेंट उद्योग: जब युनाइटेड स्टेट्स ने कुछ देशों पर टैरिफ बढ़ाए,तो कुछ ऑर्डर चीन से हटकर भारत की ओर आए। लेकिन प्रतिस्पर्धा वियतनाम और बांग्लादेश से भी रही।
निष्कर्ष:-Donald Trump की टैरिफ नीति से भारत के स्टील और ऑटो पार्ट्स उद्योग को सबसे ज्यादा सीधा असर हुआ। आईटी सेक्टर को वीज़ा और रोजगार नीति से दबाव झेलना पड़ा। फार्मा और टेक्सटाइल में मिश्रित असर देखने को मिला।

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