नई दिल्ली:भारत के संसद सदस्य पांच साल में पचास करोड़ रुपए अर्जित कर लेते हैं।

नई दिल्ली:भारत के संसद सदस्य पांच साल में पचास करोड़ रुपए अर्जित कर लेते हैं।

न्यु संसद भवन
भारत की सुन्दर छवि की रचना करने वाले मोदी जी संसद एवं मंत्री की छवि को सुन्दर करें।

भारतीय रेल कभी भी घाटा में नहीं चलती है। इसे मंत्री और रेलवे अधिकारी ठेकेदार कमिशन खा खाकर घाटा में कर देते हैं। रेल सोने की अंडा देने वाली मशीन है। रेल अंडा देने वाली मशीन है जितना हो सके उतना ले लो ।

केन्द्रीय केविनेट मंत्री लगभग 100 करोड़ रुपए अर्जित कर लेते है।नोमीनेशन फार्म जमा करने के समय अपना-अपना ब्योरा चुनाव आयोग को सौंपते हैं लेकिन चुनाव आयोग यह जानकारी नहीं लेते हैं कि संसद, विधायक, राज् सभा सदस्य बनने से पहले उनके पास कितना रूपया था पहले इसका जांच कर लें। एक बार विधानसभा का चुनाव लड़कर जीत जाने के बाद और जितने से पहले की सम्पत्ति की जांच करें। अपराधी छवि के लोगों को चुनाव में टिकट नहीं देने का प्रावधान बनावें। भारत में अपराधी छवि के लोग सांसद, विधायक बनकर जनता के पैसों से मजा ले रहे हैं और जनता भुखमरी का शिकार हो रहे हैं सभी सांसद, विधायक के कालाधन को सरकार जांच करें जितना संसद विधायक के पास कालाधन है उतना बड़े बड़े उद्योगपति के पास कालाधन है अगर ये सभी लोग ईमानदारी से जनता का सेवा करें तो बेरोजगारी स्वत: समाप्त हो जायेगी। हमारे देश में रेलवे और संचार विभाग से आमदनी ज्यादा होती है फिर भी सरकार कहती है कि रेलवे घाटा में चल रहा है। बी एस एन एल सरकार की सबसे बड़ी संस्था है आज चरमराई हुई स्थति क्यों है इसका जिम्मेदार कौन है इसका जिम्मेदार भारत सरकार है। प्राईवेट कंपनी एयरटेल, वोडाफोन जी ओ कंपनी अरबों डॉलर भारत कमाई कर रहे हैं लेकिन भारत सरकार की संस्था घाटा में चल रही है क्यों इस पर मंथन करें।


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