नई दिल्ली: भारत में एक इंजेक्शन की कीमत 17 करोड़ रुपए है।
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में माता-पिता ने नवजात शिशु एस एम ए इलाज के लिए याचिका दायर करने पर मजबुर हुआ।भारत में नवजात शिशुओं का इलाज संभव नहीं है क्योंकि एस एम ए इलाज करने के लिए जोलजेस्मा इंजेक्शन एक की कीमत 17 करोड़ रुपए है। भारत के नागरिक के लिए असंभव है। इस कारण नवजात शिशु के माता-पिता ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर दिया। उपरोक्त इंजेक्शन भारत में उपलब्ध नहीं है इसके लिए भारत सरकार द्वारा मंजूरी मिलने पर आयात कराया जाता है। गरीब परिवार के लोगों के लिए मिलना मुश्किल है।
जीन म्यूटेशन रोग की वजह है मांसपेशियों में कमजोरी कारण ये लक्षण पाया जाता है। विश्व में 10 लाख में किसी एक में पाया जाता है। भारत में 8,000 से 10,000 में एक नवजात शिशु इस बिमारी से ग्रस्त पाया जाता है।
लंदन: न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन और नेचर जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक जानकारी मिली। नवजात शिशु के माता-पिता ने पहले एक संतान खो चुके थे। पुनः दुसरी बार गर्भवती रहने के बाद आठवें महीने इलाज के दरम्यान रोग की जानकारी मिली। जन्म के बाद नवजात शिशु में एस एम एन प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा थी। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को दो साल से पहले ही जीन थेरेपी जरूरी है। अन्य देशों में यह बिमारी से ग्रस्त बच्चे एवं बुढ़े झेल रहे हैं।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें