नई दिल्ली:मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा प्राइवेट अस्पताल को सरकार बढ़ावा दे रही है।
सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई। जस्टिस सुर्यकांत और एन के सिंह की बेंच ने इस पर सुनवाई की। केन्द्र सरकार ने अपने जवाब में कहा कि मरीजों को अस्पताल की फार्मेसी से दवा खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जाता है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश ने कहा ये जरूरी है कि राज्य सरकार अपने अस्पतालों में मेडिकल सेवा सस्ती कीमत पर उपलब्ध कराएं ताकि मरीजों का निजी अस्पताल वाले शोषण नहीं कर पावे। निजी अस्पताल में दवा खरीदने पर 18% जी एस टी देना पड़ता है। मेडिकल इक्विपमेंट खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है। दवा पर से जी एस टी हटा दिया जाए।
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