।।भारतीय रेलवे कुली के लिए तेलगु देशम पार्टी के महिला सांसद ने शीतकालीन सत्र में आवाज उठाई।।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

।।भारतीय रेलवे कुली के लिए तेलगु देशम पार्टी के महिला सांसद ने शीतकालीन सत्र में आवाज उठाई।।
लोकसभा में तेलगु देशम पार्टी के महिला सांसद डॉ वाय रेडडी शबरी ने शीतकालीन सत्र में रेलवे कुली के लिए अपनी आवाज से संसद भवन में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को हक्का बक्का कर दिया।
लोकसभा सभा सदस्या वाय रेडडी शबरी ने पीठासीन कृष्ण प्रसाद के समक्ष भारतीय रेलवे कुली की समस्या से अवगत कराया । अवगत कराने के वाबजूद अभी तक कारवाई नहीं हुई।
पीठासीन: कृष्ण प्रसाद द्विवेदी

भारत वर्ष के सबसे बड़े मंदिर जिसमें न्याय और अन्याय का फैसला किया जाता है दुसरा सुप्रीम कोर्ट है इस मंदिर में नये-नये कानून बनाये जाते हैं इसी कानून को दायरे में सुप्रीम कोर्ट फैसला किया करते हैं। वाय रेडडी शबरी तेलगु देशम पार्टी की महिला सांसद सदस्या ने भारत वर्ष के सभी रेलवे कुली के लिए पीठासीन कृष्ण प्रसाद द्विवेदी जी के समक्ष वास्तविक रूप से रूबरू कराया फिर भी रेल मंत्री एवं प्रधानमंत्री जी कोई कड़ा निर्णय अभी तक नहीं लिए भारत वर्ष के रेलवे कुली ने बहुतों सांसद से मिले और कुली के बातों को गंभीरता सुना भी रेलवे कुली की बातों को आगे बढ़ाया कोई फर्क नहीं पड़ा। एक पुरानी कहावत है कि भैंस के आगे बीन बजाय भैंस रहे पगुराय ऐसे है हमारे देश के प्रधानमंत्री एवं रेल मंत्री जो अपने मन की बातों को सुनते हैं गरीबों को सुनने वाला गरीबों का मसीहा सिर्फ लालू प्रसाद यादव थे आज भी रेलवे कुली याद करते हैं।
सांसद भवन

लोकसभा सभा अध्यक्ष श्री कृष्ण प्रसाद द्विवेदी एवं प्रधानमंत्री का समकक्ष अधिकार है।
लोकसभा अध्यक्ष निर्णय लेने में सक्षम नहीं हैं क्योंकि भारत में ब्रिटिश शासन की सरकार है। जैसे ब्रिटिश सरकार अपने फायदे के लिए सोचते थे उसी तरह मोदी सरकार बिजनेस मैन की सरकार है पहले लाकडाउन लगाकर गरीबों भिख मांगने पर मजबूर कर दिया अब महंगाई बढ़ाकर गरीबों को समाप्त करने का संकल्प लिया है। मोदी का निर्णय सर्वोपरि माना जाता है यह स्वयं बजट को तैयार करता है वित्त मंत्री हो या रेलमंत्री हो ये सारे कठपुतली बनकर नाचते हैं।

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