बर्लिन: जर्मनी के राष्ट्रपति स्टाइनमायर का कहना था कि हमले के लिए दिया गया “आत्मरक्षा” का कारण विश्वसनीय नहीं है।
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| जर्मनी के राष्ट्रपति का कहना है कि अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला जो किया है वह अंतरराष्ट्रीय कानून का उलंघन है। |
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बर्लिन: जर्मनी के राष्ट्रपति स्टाइनमायर का कहना था कि हमले के लिए दिया गया “आत्मरक्षा” का कारण विश्वसनीय नहीं है।
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| जर्मनी के राष्ट्रपति का कहना है कि अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला जो किया है वह अंतरराष्ट्रीय कानून का उलंघन है। |
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| तेहरान: ईरान में डर फैलाने वाले 466 व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। |
मुख्य बातें: कुल 466 लोगों को हिरासत में लिया गया।
आरोप: अफवाह फैलाना / जनता में डर पैदा करना।
माध्यम: ज़्यादातर सोशल मीडिया या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म
उद्देश्य (सरकार के अनुसार): शांति और सुरक्षा बनाए रखना।
पृष्ठभूमि: ईरान में पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं, जहाँ सरकार ने सूचना नियंत्रण को लेकर कड़े कदम उठाए हैं। मानवाधिकार संगठनों का कहना रहता है कि ऐसी कार्रवाई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित कर सकती है। यह खबर हाल की है और इसके पीछे का पूरा संदर्भ काफी गंभीर और जटिल है। यहाँ मैं आपको ताज़ा स्थिति, कारण और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया तीनों सरल तरीके से समझा देता हूँ।ताज़ा स्थिति (Latest Update) ईरान की पुलिस ने 466 लोगों को गिरफ्तार किया है।
आरोप: ऑनलाइन गतिविधियों के जरिए “राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर करना”अफवाह फैलाना, डर और अस्थिरता पैदा करना “दुश्मनों के पक्ष में प्रचार” करना।
रिपोर्ट्स के अनुसार: ये लोग सोशल मीडिया पर पोस्ट, वीडियो या जानकारी शेयर कर रहे थे। कुछ पर संवेदनशील जगहों की तस्वीर/वीडियो साझा करने का भी आरोप है।
इसके पीछे के कारण: इस कार्रवाई के पीछे मुख्य कारण मौजूदा तनावपूर्ण हालात हैं।
ईरान इस समय अमेरिका और इज़राइल के साथ संघर्ष जैसी स्थिति में है.सरकार का दावा है कि दुश्मन देश ऑनलाइन माध्यम से देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
2. इंटरनेट और सूचना नियंत्रण:- देश में लंबे समय तक इंटरनेट ब्लैक आउट रहा है। सरकार चाहती है कि “गलत खबर” या विरोध से जुड़ी जानकारी फैलने न पाए।
3. अंदरूनी विरोध और प्रदर्शन:- 2025–2026 में बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए। पहले ही हजारों लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यानी सरकार अब ऑनलाइन गतिविधियों को भी “सुरक्षा खतरा” मानकर कार्रवाई कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया:-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तरह की कार्रवाइयों पर चिंता जताई जाती रही है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है,कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने जैसा है।कई मामलों में बिना निष्पक्ष सुनवाई के गिरफ्तारी होती है। पहले भी बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियों और सख्ती की आलोचना हुई है। कुछ देशों और संगठनों ने इसे “दमनकारी कार्रवाई” बताया है।
निष्कर्ष:- 466 लोगों की गिरफ्तारी सिर्फ “अफवाह” का मामला नहीं है। यह एक बड़े संदर्भ का हिस्सा है।युद्ध + आंतरिक विरोध + सूचना नियंत्रण सरकार इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला बता रही है, जबकि आलोचक इसे लोगों की आवाज दबाने की कार्रवाई मानते हैं।
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| अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा अटकल,प्रोपगैंडा |
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| अमेरिकी विदेश मंत्रालय जिसे डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट कहा गया है। |
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सोकहारा वाटिका चौक |
माँ कालरात्रि को भय, रोग और शत्रुओं का नाश करने वाली देवी माना जाता है।
इनके पूजन से जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं और साहस व आत्मबल बढ़ता है।
यह रूप अज्ञान और अंधकार को समाप्त कर ज्ञान का प्रकाश देता है।
पूजा का शुभ समय (सामान्य मार्गदर्शन):-
सप्तमी तिथि में प्रातःकाल या रात्रि में विशेष पूजा का महत्व होता है।
कालरात्रि पूजा अक्सर रात्रि (निशीथ काल) में करना अधिक शुभ माना जाता है।
सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें।
पूजा स्थल को साफ कर माँ दुर्गा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
माँ कालरात्रि को गुड़, जौ या काले चने का भोग लगाएँ।
लाल या पीले फूल अर्पित करें।
दीपक जलाकर दुर्गा सप्तशती या मंत्रों का पाठ करें।
मंत्र:-ॐ देवी कालरात्र्यै नमः।
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥
पूजा में मन की शुद्धता और श्रद्धा सबसे महत्वपूर्ण है।
रात्रि पूजा करते समय दीपक अवश्य जलाएं और शांत वातावरण रखें।
तिथि (2026)
चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत 19 मार्च 2026 से हुई है
उसके अनुसार शुक्ल सप्तमी (कालरात्रि पूजा) 25 मार्च 2026 (बुधवार) को पड़ती है।
सप्तमी तिथि समय (बरौनी/ सोकहारा के आसपास)
सप्तमी तिथि शुरू: 24 मार्च 2026 शाम लगभग 4:07 बजे के बाद
सप्तमी तिथि समाप्त: 25 मार्च 2026 शाम तक
इसलिए 25 मार्च को पूरे दिन सप्तमी पूजा मान्य है
प्रातः पूजा: सूर्योदय के बाद (लगभग 6:15 – 10:00 बजे तक)
सर्वश्रेष्ठ समय: रात्रि पूजा (निशीथ काल)
रात लगभग 11:45 बजे से 12:30 बजे (मध्यरात्रि के आसपास)
विशेष योग (इस दिन):-
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छोटी भगवती दुर्गा स्थान बरौनी |
इसलिए पूजा का फल और भी अधिक शुभ माना जाता है
सरल निष्कर्ष:-
देवी: माँ कालरात्रि (सातवाँ दिन)
श्रेष्ठ समय: रात्रि (मध्यरात्रि पूजा)।
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| आम जनता का नारा हर-हर मोदी घर घर ग़रीबी। |
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भारतीय कुंवारी लड़कियां मां कात्यायनी देवी की पुजा अर्चना कर अच्छे वर की प्राप्ति करें। |
मां कात्यायनी की लगातार पूजा (षष्ठी तिथि पर कैसे करें) यदि आप लगातार (नियमित) पूजा करना चाहते हैं, तो यह विधि अपनाएं:-
सुबह की शुरुआत,प्रातः स्नान कर स्वच्छ (पीले या लाल) वस्त्र पहनें,पूजा स्थान को साफ करें और गंगाजल छिड़कें,देवी का ध्यान और आवाहन,मां कात्यायनी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।दीपक (घी का) और धूप जलाएं हाथ जोड़कर ध्यान करें और प्रार्थना करें।
मंत्र जाप:"ॐ देवी कात्यायन्यै नमः"इस मंत्र का 108 बार जाप करें।
भोग और अर्पण:-शहद (हनी) का भोग विशेष प्रिय माना जाता है।साथ में फल, फूल (खासकर लाल/पीले) अर्पित करें।
आरती और प्रार्थना:-आरती करें और अपनी मनोकामना बोलें
दिनभर संयम और सकारात्मक विचार रखें।लगातार पूजा के लाभ विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।आत्मविश्वास और साहस बढ़ता है। नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।
नवरात्रि के 9 दिन माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा के लिए बेहद पवित्र माने जाते हैं। यहाँ पूरी नवरात्रि पूजा विधि, 9 दिन की देवी, मंत्र, सामग्री और व्रत नियम विस्तार से दिए गए हैं:
नवरात्रि पूजा की सामान्य विधि (हर दिन)सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें,पूजा स्थान पर माँ दुर्गा की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
कलश स्थापना (घट स्थापना) पहले दिन करें। दीपक जलाएँ (घी का दीपक श्रेष्ठ)माँ को रोली, चावल, फूल, धूप, नैवेद्य अर्पित करें।दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
अंत में आरती करें: 9 दिन – 9 देवियाँ, मंत्र और विशेषता:
दिन1–माँ शैलपुत्रीभोग: घी,मंत्र: ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः महत्व: जीवन में स्थिरता और शक्ति।
दिन 2 – माँ ब्रह्मचारिणी,भोग: शक्कर,मंत्र: ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः महत्व: तप, संयम और ज्ञान।
गंगाजल:- व्रत के नियम:-सात्विक भोजन करें (लहसुन-प्याज नहीं) फलाहार या एक समय भोजन (जैसे साबूदाना, कुट्टू, सिंघाड़ा) नमक में सेंधा नमक का उपयोग करें।क्रोध, झूठ और नकारात्मक विचारों से बचें।ब्रह्मचर्य का पालन करें रोज़ पूजा और मंत्र जाप करें।
अष्टमी/नवमी विशेष कन्या पूजन (कंजक) करें। 9 छोटी कन्याओं को भोजन कराएँ।उन्हें उपहार/दक्षिणा दें।
बिहार/बेगुसराय/बरौनी:नवरात्रि में कुछ सरल लेकिन प्रभावी टोटके/उपाय किए जाते हैं, जिन्हें माँ दुर्गा की कृपा पाने और जीवन की समस्याओं को दूर करने के लिए विशेष माना जाता है। यहाँ प्रमुख उपाय दिए गए हैं।
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| माता के सभी रूपों का वर्णन संक्षिप्त विवरण एवं टोटके दिए गए हैं। |
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| ।।ईरान और अमेरिका को समर्थन करने वाले देश।। |