बीजिंग, एजेंसी।ट्रम्प की तीन दिवसीय चीन यात्रा, शी जिनपिंग से कई अहम मुद्दों पर चर्चा।

 अमेरिका-चीन रिश्तों में नई पहल:-

बीजिंग एजेंसी शनिवार 

बीजिंग, एजेंसी।ट्रम्प की तीन दिवसीय चीन यात्रा, शी जिनपिंग से कई अहम मुद्दों पर चर्चा।

बीजिंग, शनिवार। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अपनी तीन दिवसीय चीन यात्रा के दौरान चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping से मुलाकात कर व्यापार, वैश्विक सुरक्षा और ताइवान समेत कई अहम मुद्दों पर बातचीत की।

बीजिंग पहुंचने पर ट्रम्प का भव्य स्वागत किया गया। दोनों नेताओं के बीच औपचारिक बैठक के अलावा Zhongnanhai परिसर में निजी मुलाकात भी हुई, जिसे अमेरिका-चीन संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार सहयोग बढ़ाने और वैश्विक आर्थिक स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया गया। ट्रम्प ने बातचीत को “सकारात्मक और ऐतिहासिक” बताया, जबकि शी जिनपिंग ने आपसी सम्मान और सहयोगको दोनों देशों के लिए आवश्यक बताया।

ताइवान मुद्दे पर चीन ने अपनी पुरानी नीति दोहराई और अमेरिका से संवेदनशील मामलों में सावधानी बरतने की अपील की। वहीं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, तकनीकी सहयोग और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी चर्चा हुई।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को कम करने और नए संवाद की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है।

"बीजिंग। वॉशिंगटन रिश्तों पर नई चर्चा: व्यापार और ताइवान को लेकर सख्त संदेश”

"बीजिंग। वॉशिंगटन रिश्तों पर नई चर्चा: व्यापार और ताइवान को लेकर सख्त संदेश”
(भारतीय रेलवे कुली समाचार पत्र देश विदेश समाचार )
बीजिंग, 15 मई — एक काल्पनिक राजनीतिक परिदृश्य में, अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह चर्चा तेज हो गई कि शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रम्प के बीच व्यापार और ताइवान को लेकर कड़ा संदेश आदान-प्रदान हुआ है।

सूत्रों के अनुसार (इस काल्पनिक कथा में), चीन की ओर से यह संकेत दिया गया कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए अमेरिका को चीन के साथ “व्यापारिक साझेदारी” को मजबूत करना चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट संदेश बताया गया कि ताइवान जैसे मुद्दों पर हस्तक्षेप से तनाव बढ़ सकता है।

अमेरिकी पक्ष की प्रतिक्रिया इस काल्पनिक स्थिति में मिश्रित दिखाई गई, जहाँ कुछ सलाहकारों ने व्यापारिक सहयोग के पक्ष में तर्क दिए, जबकि सुरक्षा और एशिया-प्रशांत रणनीति को लेकर कठोर रुख बनाए रखने की बात भी कही गई।

विश्लेषकों के अनुसार (काल्पनिक संदर्भ में), अमेरिका–चीन संबंध पहले से ही तकनीक, टैरिफ और भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के कारण तनावपूर्ण रहे हैं, और ऐसे “सिंपल मैसेज” जैसी चर्चाएँ अक्सर सोशल मीडिया पर बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत की जाती हैं।

अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का कहना है कि वास्तविक दुनिया में ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर बयान हमेशा औपचारिक कूटनीतिक चैनलों और विस्तृत वार्ताओं के माध्यम से आते हैं, न कि संक्षिप्त या वायरल संदेशों के रूप में।

कोलकाता, हाईकोर्ट। पश्चिम बंगाल। पार्टी देखे बिना सबको सुरक्षित वापस कराने का आदेश दिया।

कोलकाता हाईकोर्ट का बड़ा आदेश।
कोलकाता पश्चिम बंगाल हाईकोर्ट का शख्त आदेश जारी।
“पार्टी देखे बिना सभी लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करें”

ममता बनर्जी ने कहा पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है।

कोलकाता, संवाददाता। Calcutta High Court ने राजनीतिक हिंसा और तनाव के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए राज्य प्रशासन को निर्देश दिया है कि किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े लोगों में भेदभाव किए बिना सभी विस्थापित लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाए।

अदालत ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और नागरिकों की सुरक्षा राजनीति से ऊपर होनी चाहिए। कोर्ट ने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को भयमुक्त माहौल दिया जाए तथा उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति के राजनीतिक संबंधों के आधार पर उसके साथ अलग व्यवहार नहीं किया जा सकता। सभी नागरिकों को समान सुरक्षा और अधिकार मिलना चाहिए।

मामले की अगली सुनवाई में राज्य सरकार से सुरक्षा व्यवस्था और पुनर्वास संबंधी विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। हाईकोर्ट के इस आदेश को राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कीव, एजेंसी। रूस का कीव पर फिर बड़ा हमला।

 रूस का कीव पर फिर बड़ा हमला।

कई रिहायशी इमारतों और नागरिक ढांचे को नुकसान पहुंचा।
ड्रोन और मिसाइल अटैक से दहला यूक्रेन, कई घायल।कीव, एजेंसी। रूस ने शुक्रवार देर रात यूक्रेन की राजधानी कीव पर एक बार फिर बड़ा हवाई हमला किया। 
रूसी सेना ने ड्रोन और मिसाइलों से कई इलाकों को निशाना बनाया, जिससे शहर में अफरा-तफरी मच गई। हमले में कम से कम 1 व्यक्ति की मौत और 30 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है।

यूक्रेन की वायुसेना के अनुसार, रूस ने सैकड़ों ड्रोन और कई मिसाइलें दागीं। एयर डिफेंस सिस्टम ने अधिकांश ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, लेकिन कुछ हमले रिहायशी इलाकों में गिरे, जिससे कई इमारतों में आग लग गई।

यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि रूस ने सैकड़ों ड्रोन और कई मिसाइलें दागीं। यूक्रेन की वायुसेना ने दावा किया कि उसने बड़ी संख्या में ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया, लेकिन कुछ हथियार राजधानी और अन्य शहरों में गिरे।

यह हमला ऐसे समय हुआ है जब युद्धविराम और शांति वार्ता की चर्चाएं चल रही हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि लगातार हमले दिखाते हैं कि रूस अभी युद्ध रोकने के मूड में नहीं है।

पिछले कुछ दिनों में रूस और यूक्रेन दोनों ने एक-दूसरे पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए हैं, जिससे युद्ध और तेज़ होता दिखाई दे रहा है।

स्थानीय प्रशासन ने बताया कि बचाव दल लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। हमले के बाद पूरे कीव में अलर्ट जारी कर दिया गया।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूस लगातार नागरिक क्षेत्रों को निशाना बना रहा है और यह हमला शांति वार्ता के प्रयासों के बीच किया गया है। वहीं रूस की ओर से इस हमले पर अभी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में रूस-यूक्रेन युद्ध और तेज़ हो सकता है, क्योंकि दोनों देशों के बीच लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले बढ़ रहे हैं।

दक्षिण कोरिया,एजेंसी। समुद्र ने खोला रास्ता: दक्षिण कोरिया का "मोसेस चमत्कार" बना आकर्षण का केंद्र।

दक्षिण कोरिया,एजेंसी। समुद्र ने खोला रास्ता: दक्षिण कोरिया का "मोसेस चमत्कार" बना आकर्षण का केंद्र।

साऊथ कोरिया में हर साल होने वाला जिंदों समुद्री विभाजन उत्सव दुनिया भर के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस अनोखी प्राकृतिक घटना में समुद्र का पानी कुछ समय के लिए पीछे हट जाता है और बीच में लगभग 2.8 किलोमीटर लंबा रास्ता दिखाई देने लगता है। यह रास्ता जिंदो द्वीप और मोडो द्वीप को जोड़ा गया है।

साऊथ कोरिया में हर साल होने वाला जिंदों  समुद्री विभाजन उत्सव दुनिया भर के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस अनोखी प्राकृतिक घटना में समुद्र का पानी कुछ समय के लिए पीछे हट जाता है और बीच में लगभग 2.8 किलोमीटर लंबा रास्ता दिखाई देने लगता है। यह रास्ता जिंदो द्वीप और मोडो द्वीप को जोड़ा गया है।

स्थानीय लोग इसे “कोरिया का मोसेस चमत्कार” कहते हैं, क्योंकि यह दृश्य Bible में वर्णित Moses द्वारा समुद्र विभाजन की कहानी जैसा दिखाई देता है। हालांकि वैज्ञानिकों के अनुसार यह पूरी तरह प्राकृतिक ज्वार-भाटा की प्रक्रिया है।

समुद्र का रास्ता लगभग एक घंटे तक खुला रहता है, जिसमें हजारों पर्यटक पैदल चलकर एक द्वीप से दूसरे द्वीप तक पहुंचते हैं। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, पारंपरिक नृत्य और समुद्री भोजन मेले का भी आयोजन किया जाता है।

Bible में वर्णित कथा के अनुसार, Moses ने ईश्वर की शक्ति से Red Sea को विभाजित किया था। यह घटना Book of Exodus में बताई गई है।

कहानी के अनुसार: इस्राएली लोग मिस्र की गुलामी से निकलकर भाग रहे थे, उनके पीछे मिस्र के राजा फ़िरौन की सेना थी। सामने लाल सागर होने के कारण लोग फँस गए। तब मूसा ने ईश्वर के आदेश पर अपना डंडा समुद्र की ओर बढ़ाया।समुद्र का पानी दो भागों में बंट गया और बीच में सूखी जमीन का रास्ता बन गया। इस्राएली सुरक्षित पार निकल गए। बाद में समुद्र का पानी वापस आ गया।

इसी वजह से जब Jindo Sea Parting Festival में समुद्र के बीच रास्ता दिखाई देता है, तो लोग उसे “मोसेस चमत्कार” से जोड़कर देखते हैं, हालांकि दक्षिण कोरिया की घटना वैज्ञानिक रूप से ज्वार-भाटा का परिणाम मानी जाती है।


नई दिल्ली: एजेंसी। बीजेपी नेता शामिल, केन्द्रीय जांच ब्यूरो(CBI) ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

नई दिल्ली: एजेंसी। बीजेपी नेता शामिल, केन्द्रीय जांच ब्यूरो(CBI) ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 

एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने 2026 नीट परीक्षा पेपर लिक मामले में आक्रोश जताया। सरकार बीजेपी की, गिरफ्तार व्यक्ति बीजेपी की, सीबीआई बीजेपी की, पेपर लिक कैसे हुआ सिर्फ जांच होगी। निर्दोष व्यक्ति फंसेंगे।

बड़ी खबर:-

NEET पेपर लीक मामले में गिरफ्तारी तेज आरोपियों के राजनीतिक संबंधों पर भी उठे सवाल, CBI कर रही जांच।
ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार अब तक कम से कम 7 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।

नई दिल्ली/जयपुर। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियों के अनुसार पेपर परीक्षा से पहले कथित तौर पर वाट्सएप ,कुरियर और “गेस पेपर” नेटवर्क के जरिए फैलाया गया।

CBI ने राजस्थान, हरियाणा और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में छापेमारी की है। जांच के दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारी हो सकती हैं।

बीजेपी कनेक्शन पर सियासत गरम:-

मामले में गिरफ्तार कुछ आरोपियों की तस्वीरें भाजपा नेताओं के साथ वायरल होने के बाद राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ था। वहीं भाजपा नेताओं ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में एक स्थानीय बीजेपी युवा मोर्चा से जुड़ा व्यक्ति भी शामिल बताया जा रहा है। हालांकि अब तक किसी बड़े भाजपा नेता की सीधी संलिप्तता आधिकारिक रूप से साबित नहीं हुई है।

छात्रों में नाराजगी:-

पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद देशभर के छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। कई छात्र संगठनों ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

सरकार का बयान:-

केंद्र सरकार ने कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी। शिक्षा मंत्रालय लगातार CBI और अन्य एजेंसियों से रिपोर्ट ले रहा है।

आगे क्या:-

जांच एजेंसियां अब पेपर लीक नेटवर्क के मास्टरमाइंड और संभावित राजनीतिक-प्रशासनिक कनेक्शन की जांच कर रही हैं। मामले को लेकर देशभर की नजरें CBI जांच पर टिकी हुई है।


पटना।बिहार कैबिनेट की पहली बैठक में 16 प्रमुख प्रस्तावों की मंजूरी दी गई।

पटना। बिहार कैबिनेट की पहली  बैठक में 16 प्रमुख प्रस्तावों की मंजूरी दी गई।
सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी।

बिहार इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) नीति 2026 को मंजूरी।

कई जिलों में ग्रामीण SP के नए पद सृजित करने का फैसला।

वैशाली में NIFTEM संस्थान के लिए भूमि अधिग्रहण।

सड़कों की मरम्मत और निर्माण योजनाओं को स्वीकृति।

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजनाओं का विस्तार।

स्वास्थ्य विभाग में नए पदों की स्वीकृति।

शिक्षा विभाग में नियुक्तियों से जुड़े प्रस्ताव।

नगर विकास परियोजनाओं के लिए बजट मंजूरी।

किसानों से जुड़ी राहत और अनुदान योजनाएं।

पुलिस विभाग के आधुनिकीकरण से जुड़े फैसले।

पेयजल एवं स्वच्छता परियोजनाओं को मंजूरी।

पर्यटन विकास योजनाओं का विस्तार।

ऊर्जा विभाग की नई परियोजनाएं।

प्रशासनिक सुधार से जुड़े प्रस्ताव।

विभिन्न विभागों के वित्तीय व्यय की स्वीकृति।

कहीं 19 प्रस्ताव मंजूर होने की खबर आई, जिसमें DA बढ़ाने जैसे फैसले शामिल थे।

दूसरी बड़ी बैठक में 63 प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की भी रिपोर्ट है।

हालांकि ताज़ा रिपोर्टों में अलग-अलग बैठकों में 18, 19 और 20 प्रस्तावों के मंजूर होने की जानकारी भी दी गई है।



चेन्नई, बुधवार।सी जोशेफ विजय कुमार ने कहा “नीट" परीक्षा बंद करो।

चेन्नई,बुधवार। सी जोशेफ विजय कुमार ने कहा “नीट" परीक्षा बंद करो।
Tamil Nadu of India Assembly यह बयान NEET-UG 2026 पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद आया।विजय का कहना है कि NEET में बार-बार गड़बड़ी और पेपर लीक हो रहे हैं। ग्रामीण और गरीब छात्रों को कोचिंग आधारित सिस्टम में नुकसान होता है।

चेन्नई, बुधवार।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री C. JOSEPH VIJAY ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को समाप्त करने की मांग करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेजों में दाखिला 12 वीं (इंटरमीडिएट) के अंकों के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा परीक्षा व्यवस्था से ग्रामीण और गरीब छात्रों को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि NEET परीक्षा में लगातार गड़बड़ी, पेपर लीक और अनियमितताओं की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि राज्यों को अपने स्तर पर मेडिकल एडमिशन की व्यवस्था तय करने की अनुमति दी जाए।

उन्होंने कहा,“छात्रों का भविष्य केवल एक परीक्षा पर निर्भर नहीं होना चाहिए। इंटरमीडिएट के अंकों के आधार पर भी मेडिकल प्रवेश दिया जा सकता है।”

राज्य सरकार का मानना है कि स्कूल शिक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। वहीं विपक्षी दलों और शिक्षा विशेषज्ञों के बीच इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है।

हालांकि फिलहाल देशभर में मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए NEET परीक्षा अनिवार्य बनी हुई है। नियमों में किसी भी बदलाव के लिए केंद्र सरकार और न्यायिक प्रक्रिया की आवश्यकता होगी।

चेन्नई,एजेंसी।तमिलनाडु के 16 लाख पेंशनभोगियों और कर्मचारियों को बड़ा तोहफा।

चेन्नई, एजेंसी। तमिलनाडु के 16 लाख पेंशन भोगियों और कर्मचारियों को बड़ा तोहफा।
मुख्यमंत्री विजय कुमार ने महंगाई भत्ते में 2% बढ़ोतरी का किया ऐलान।
चेन्नई। तमिलनाडु सरकार ने राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ता(D A) बढ़ाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सी जोशेफ विजय C. Joseph Vijay ने सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों, पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशन पाने वालों के लिए D A में 2% प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी है।

सरकार के इस फैसले का लाभ राज्य के लगभग 16 लाख लोगों को मिलेगा। बढ़े हुए D A के बाद महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगा। यह नई दर 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जाएगी।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, D A बढ़ोतरी से कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में सीधा इजाफा होगा। साथ ही जनवरी 2026 से लागू होने के कारण लाभार्थियों को एरियर का भी फायदा मिल सकता है।

राज्य सरकार ने कहा कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत देने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। इस फैसले से सरकारी खजाने पर करीब 1,230 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक भार आने का अनुमान है।

सरकारी कर्मचारियों के संगठनों ने मुख्यमंत्री के फैसले का स्वागत करते हुए इसे राहत भरा कदम बताया है। माना जा रहा है कि इस घोषणा से लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

कोलकाता: ममता बनर्जी हाईकोर्ट परिसर में वकील के गाउन में दिखीं, चर्चा तेज।

ब्रेकिंग न्यूज़:
कोलकाता: ममता बनर्जी हाईकोर्ट परिसर में वकील के गाउन में दिखीं, चर्चा तेज।
वकील के कपड़े देख लोग भौचक्के रह गई।
कोलकाता: ममता बनर्जी हाईकोर्ट परिसर में वकील के गाउन में दिखीं, चर्चा तेज।

कोलकाता, एजेंसी।
कोलकाता: ममता बनर्जी हाईकोर्ट परिसर में वकील के गाउन में दिखीं, चर्चा तेज।
ममता बनर्जी कोलकाता हाईकोर्ट पहुंची।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को शुक्रवार को कोलकाता हाईकोर्ट परिसर में वकील के गाउन में देखा गया, जिसके बाद राजनीतिक और कानूनी हलकों में हलचल मच गई है।

सूत्रों के अनुसार, वे किसी कानूनी कार्यवाही या जनहित से जुड़े मामले के सिलसिले में अदालत परिसर में मौजूद थीं। हालांकि, इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि वे किसी मामले में वकालत के पेशेवर रूप में उपस्थित थीं या केवल प्रतीकात्मक रूप से वहां मौजूद थीं।

घटना के बाद सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो गए, जिससे इस पर बहस और तेज हो गई है।कुछ लोगों ने इसे सामान्य उपस्थिति बताया है, जबकि कुछ ने इसे असामान्य और चर्चा योग्य माना है।

विपक्षी दलों की ओर से इस पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि मामले को राजनीतिक रूप से बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।

फिलहाल, हाईकोर्ट प्रशासन या ममता बनर्जी की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।