कोलकाता:बंगाल में कुर्बानी को लेकर सियासत गरम।

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कोलकाता:बंगाल में कुर्बानी को लेकर सियासत गरम.

हुमायूं कबीर बोले।“गाय, बकरी, ऊंट की कुर्बानी कोई नहीं रोक सकता”

ए जे यू पी प्रमुख हुमायूं कबीर बयान देते हुए कहा कि “कुर्बानी हर हाल में होगी” और गाय, बकरी, ऊंट समेत सभी जायज जानवरों की कुर्बानी जारी रहेगी।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में बकरीद से पहले कुर्बानी को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। ए जे यू पी प्रमुख हुमायूं कबीर बयान देते हुए कहा कि “कुर्बानी हर हाल में होगी” और गाय, बकरी, ऊंट समेत सभी जायज जानवरों की कुर्बानी जारी रहेगी।

हुमायूं कबीर ने कहा कि कुर्बानी इस्लाम की 1400 साल पुरानी धार्मिक परंपरा है और इसे कोई सरकार रोक नहीं सकती। उनका बयान राज्य सरकार द्वारा जारी पशु वध नियमों के बाद सामने आया है।

पश्चिम बंगाल सरकार ने हाल ही में “वेस्ट बंगाल एनिमल स्लॉटर कंट्रोल एक्ट 1950” के तहत निर्देश जारी कर अवैध पशु वध पर सख्ती बढ़ाई है। 

सरकार का कहना है कि कानून के अनुसार ही कुर्बानी की अनुमति दी जाएगी।

इस विवाद के बीच कई मुस्लिम धर्मगुरुओं और इमामों ने लोगों से शांति बनाए रखने और सरकारी नियमों का पालन करते हुए बकरी व भेड़ की कुर्बानी करने की अपील की है।

वहीं बीजेपी नेताओं ने हुमायूं कबीर के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि राज्य में कानून से ऊपर कोई नहीं है। 


मुंबई एजेंसी। महाराष्ट्र सरकार ने 2014 से लंबित मुस्लिम आरक्षण व्यवस्था को आधिकारिक रूप से समाप्त कर दिया है।

मुंबई एजेंसी। महाराष्ट्र सरकार ने 2014 से लंबित मुस्लिम आरक्षण व्यवस्था को आधिकारिक रूप से समाप्त कर दिया है।
Maharashtra Government Orders 

हालांकि यह फैसला केवल महाराष्ट्र तक सीमित है और पूरे भारत में मुस्लिम समुदाय के लिए मिलने वाले सभी आरक्षण खत्म नहीं हुए हैं। मामला अब राजनीतिक और कानूनी दोनों रूपों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

क्या पूरे भारत से मुस्लिम आरक्षण खत्म हो गया?नहीं। यह बात गलत है कि पूरे देश से मुस्लिम आरक्षण खत्म हो गया है।

भारत में कई राज्यों में मुस्लिम समुदाय की कुछ जातियाँ OBC सूची में शामिल हैं और उन्हें अभी भी आरक्षण मिलता है। 

उदाहरण: Karnataka,Kerala,Telangana

इन राज्यों में सामाजिक पिछड़ेपन के आधार पर मुस्लिम उपसमूहों को आरक्षण मिलता रहता है।

इसलिए महाराष्ट्र का फैसला राष्ट्रीय स्तर पर लागू नहीं हुआ है।
मुख्य बिंदु एक नजर में:-
मुद्दा स्थिति
आरक्षण कितना था?               5%
कब शुरू हुआ?                       2014
किसके लिए था?                     पिछड़े मुस्लिम उपसमूह
कहाँ लागू था?                         महाराष्ट्र
किसने खत्म किया?                 महाराष्ट्र सरकार (2026)
कारण क्या बताया गया? अध्यादेश खत्म और कानूनी विवाद पूरे भारत पर असर?       नहीं
निष्कर्ष: महाराष्ट्र सरकार ने 2014 से लंबित मुस्लिम आरक्षण व्यवस्था को आधिकारिक रूप से समाप्त कर दिया है। हालांकि यह फैसला केवल महाराष्ट्र तक सीमित है और पूरे भारत में मुस्लिम समुदाय के लिए मिलने वाले सभी आरक्षण खत्म नहीं हुए हैं। मामला अब राजनीतिक और कानूनी दोनों रूपों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

नई दिल्ली।राज्य सभा। राज्यसभा की 24 सीटों पर 18 जून को होगा चुनाव।

नई दिल्ली।राज्य सभा। राज्यसभा की 24 सीटों पर 18 जून को होगा चुनाव।

चुनाव आयोग ने जारी किया कार्यक्रम, कई दिग्गज नेताओं का कार्यकाल खत्म।

 चुनाव आयोग ने जारी किया कार्यक्रम, कई दिग्गज नेताओं का कार्यकाल खत्म।

नई दिल्ली। Election Commission of India ने राज्यसभा की 24 सीटों पर होने वाले द्विवार्षिक चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। 

आयोग के अनुसार 10 राज्यों की इन सीटों पर 18 जून 2026 को मतदान कराया जाएगा और उसी दिन मतगणना भी होगी।

इन चुनावों को राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि कई वरिष्ठ नेताओं का कार्यकाल जून और जुलाई 2026 में समाप्त हो रहा है। 

इनमें Mallikarjun Kharge, Digvijaya Singh और H. D. Deve Gowda जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार नामांकन प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। नामांकन की अंतिम तिथि 1 जून तय की गई है,

जबकि उम्मीदवारों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया भी निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जाएगी।

राज्यसभा चुनाव की घोषणा के बाद विभिन्न राज्यों में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। 

राजनीतिक दल संभावित उम्मीदवारों के चयन और संख्या बल के हिसाब से रणनीति बनाने में जुट गए हैं।

कई राज्यों में मुकाबला रोचक होने की संभावना जताई जा रही है।

हैदराबाद। 7.30 शाम। 67 वां मैच। हैदराबाद। राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम। आज सनराइजर्स हैदराबाद और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर दोनों के बीच रोमांचक मुकाबला होगा। पीच रिपोर्ट।

हैदराबाद। 7.30 शाम। 67 वां मैच। हैदराबाद। राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम। आज सनराइजर्स हैदराबाद और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर दोनों के बीच रोमांचक मुकाबला होगा। पीच रिपोर्ट।
हैदराबाद में आज रन बरसाने को तैयार पिच, SRH और RCB के बीच होगा हाई-वोल्टेज मुकाबला।

हैदराबाद। आईपीएल 2026 का 67वां मुकाबला आज शाम 7:30 बजे राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेला जाएगा। दोनों टीमें प्लेऑफ में जगह बना चुकी हैं, लेकिन टॉप-2 में फिनिश करने की जंग इस मुकाबले को बेहद अहम बना रही है।

पिच रिपोर्ट की बात करें तो हैदराबाद की सतह बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग मानी जा रही है। यहां की विकेट फ्लैट है और गेंद बल्ले पर शानदार तरीके से आती है। तेज आउटफील्ड और छोटी बाउंड्री के कारण बड़े स्कोर बनने की पूरी उम्मीद है। क्रिकेट विशेषज्ञों के अनुसार यह मुकाबला “रन फेस्ट” साबित हो सकता है।

इस मैदान पर हाल के मुकाबलों में 190 से 220 रन तक के स्कोर आसानी से बने हैं। पिछला मैच 437 रन और 28 छक्कों का गवाह रहा था। ऐसे में विराट कोहली, अभिषेक शर्मा, ट्रैविस हेड और हेनरिक क्लासेन जैसे विस्फोटक बल्लेबाजों पर सभी की नजरें रहेंगी।

हालांकि शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को हल्की स्विंग और उछाल मिल सकती है, लेकिन मैच बढ़ने के साथ बल्लेबाज हावी होते नजर आते हैं। दूसरी पारी में ओस भी अहम भूमिका निभा सकती है, जिससे टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी चुन सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार मैच के दौरान बारिश की संभावना बेहद कम है और तापमान लगभग 32 से 34 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है।

क्रिकेट प्रेमियों को आज एक रोमांचक और हाई-स्कोरिंग मुकाबले की पूरी उम्मीद है।

अहमदाबाद।66वां मैच। नरेंद्र मोदी स्टेडियम।गुजरात टाइटंस ने धमाकेदार जीत दर्ज की, 89 रनों से हराया विरोधी टीम।

अहमदाबाद। 66वां मैच। नरेंद्र मोदी स्टेडियम।गुजरात टाइटंस ने धमाकेदार जीत दर्ज की, 89 रनों से हराया विरोधी टीम।

66th Match. Ahmedabad Narendra Modi Stadium.
It looks like you’re sharing a cricket match result! From what you wrote:

66वां मैच, अहमदाबाद नरेन्द्र मोदी स्टेडियम।

Gujarat Titans won by 89 Runs.Thu 21 May 2026 7.30 PM।

गुजरात टाइटन्स ने 89 रनों से अपनी जीत हासिल किया।

मोहम्मद सिराज को मैंन ऑफ द मैच घोषित किया गया। 

गुजरात टाइटन्स ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 229 रन बनाया जबकि  चेन्नई ने 13.4 ओवर में 140 रन बनाए।

साईं सुदर्शन ने 53 गेंदों पर तीन 84 रन हासिल किया।

शुभमन गिल ने 37 गेंदों पर 64 रन हासिल किया।

जोश बटलर ने 27 गेंदों पर 57 रन बनाए। चेन्नई के गेंदबाजों ने मात्र तीन विकेट चटकाए।

An 89-run win is quite a commanding victory in T20 cricket—it usually means the batting team set a big total, and the bowling/fielding team performed really well to defend it.

If you want, I can break down what such a win typically implies about the match performance, or even estimate possible scores. Do you want me to do that?

गुजरात टाइटंस ने धमाकेदार जीत दर्ज की, 89 रनों से हराया विरोधी टीम।

21 मई 2026, शाम 7:30 बजे

क्रिकेट प्रेमियों के लिए रोमांचक मुकाबले में गुजरात टाइटंस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी टीम को 89 रनों से जीत दिलाई। यह मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जिसमें गुजरात टाइटंस के बल्लेबाजों ने बेहतरीन खेल दिखाया और विरोधी टीम को चुनौतीपूर्ण लक्ष्य दिया।

गुजरात टाइटंस की गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण ने भी विरोधियों को अंक जुटाने से रोकने में अहम भूमिका निभाई। टीम के इस विजयी प्रदर्शन ने उनके फैंस में उत्साह और खुशी का माहौल बना दिया।

इस जीत के साथ ही गुजरात टाइटंस पॉइंट टेबल में अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं और अगले मैचों के लिए भी उम्मीदें बढ़ गई।


नई दिल्ली।भारत सरकार बिजनेसमैन के नियंत्रण में ,पिछले 5 साल में महंगाई की चुनौती: सरकार की नीतियों का असर कितना हुआ?

नई दिल्ली।भारत सरकार बिजनेसमैन के नियंत्रण में ।

भारत के रूपए की मुल्य घटा डॉलर के मुकाबले।

पिछले 5 साल में महंगाई की चुनौती: सरकार की नीतियों का असर कितना हुआ?

भारत सरकार को महंगाई पर पूरी तरह काबू पाना चुनौतीपूर्ण है क्योंकि इसके कई कारण बाहरी हैं। केंद्र सरकार ने कुछ उपाय किए हैं, लेकिन तेल और खाद्य मूल्यों जैसी वैश्विक परिस्थितियां कीमतों को प्रभावित करती हैं। इसलिए यह कहना कि सरकार “पूरी तरह सक्षम नहीं है” आंशिक रूप से सही है, लेकिन यह भी ध्यान देना जरूरी है कि कुछ कारण सरकार के नियंत्रण से बाहर हैं।

नई दिल्ली, 22 मई 2026:

भारत में महंगाई पिछले पांच वर्षों में लगातार अर्थव्यवस्था की निगाहों में रही है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (C P I) और थोक मूल्य सूचकांक (W P I) के आंकड़ों से पता चलता है कि खाद्य और ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने आम जनता की जेब पर सीधा असर डाला है।

5 साल का महंगाई ट्रेंड (C P I औसत)

वर्ष।              औसत C P I (%)।            मुख्य कारण:

2021             5.1%                       कोविड-19 महामारी से उबरने के दौरान आपूर्ति में कमी।

2022             6.0%                       तेल की कीमतों में बढ़ोतरी वैश्विक आपूर्ति बाधाएं।

2023             5.8%                       खाध पदार्थों की अस्थिर कीमतें, पैदावार में गिरावट।

2024             5.2%                       सरकार ने सब्सिडी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली बढ़ाई, कीमतों पर कुछ काबू।

2025             5.5%                          वैश्विक कच्चे तेल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी, घरेलू कृषि उत्पादों की किरणों में उछाल।

सरकार की नीति : पेट्रोल-डीज़ल पर करों में कटौती, खाद्य सब्सिडी, और स्टॉक प्रबंधन ने महंगाई को पूरी तरह रोकने में मदद नहीं की, लेकिन बढ़ोतरी की रफ्तार को सीमित किया।

बाहरी दबाव: अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस की कीमतों में वृद्धि, वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और आपूर्ति श्रृंखला बाधाओं ने घरेलू महंगाई को प्रभावित किया।

जनता पर असर: रोज़मर्रा की वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि से आम नागरिक की खर्च क्षमता पर दबाव बना रहा।

अर्थशास्त्री मानते हैं कि सरकार ने नियंत्रण उपाय किए, लेकिन महंगाई पर पूर्ण नियंत्रण तब संभव होगा जब अंतरराष्ट्रीय कीमतें स्थिर हों और कृषि उत्पादन में स्थायित्व आए।

पिछले 5 वर्षों में महंगाई बढ़ी है, लेकिन सरकार ने उसकी रफ्तार को सीमित करने के लिए विभिन्न कदम उठाए। हालांकि, वैश्विक परिस्थितियों ने यह साबित कर दिया कि महंगाई पर पूरी तरह नियंत्रण रखना आसान काम नहीं है।



कोलकाता: पश्चिम बंगाल। बंगाल राजनीति में विवाद: ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच बयानबाज़ी। राजनीतिक आरोपों ने फिर गरमाई सियासी हवा, जनता और मीडिया में बढ़ा उत्सुकता।

कोलकाता। बंगाल राजनीति में विवाद: ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच बयानबाज़ी।
कोलकाता। दुर्गापुर । पश्चिम बंगालशुभेंदु अधिकारी आगमन।

राजनीतिक आरोपों ने फिर गरमाई सियासी हवा, जनता और मीडिया में बढ़ा उत्सुकता।

कोलकाता, 22 मई 2026:

पश्चिम बंगाल में सियासी समीकरणों में एक बार फिर हलचल देखने को मिली है। कुछ राजनीतिक बयानबाज़ियों में यह दावा किया गया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ कदम उठाने में हिचकिचा रही हैं।

विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के बयान अक्सर सियासी रणनीति और प्रचार का हिस्सा होते हैं। सुरक्षा और प्रशासनिक कदम आमतौर पर कानूनी और प्रशासनिक कारणों पर आधारित होते हैं, न कि व्यक्तिगत राजनीतिक डर पर।

शुभेंदु अधिकारी और उनके समर्थक इस विषय पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दे पाए हैं।

राज्य सरकार ने भी इस विवाद पर कोई टिप्पणी नहीं दी है, जिससे अफवाहों और सुर्खियों को और हवा मिली है।

राजनीतिक विश्लेषक बताते हैं कि बंगाल की राजनीति में तीव्र प्रतिस्पर्धा के कारण अक्सर बयानबाज़ी का स्तर बढ़ जाता है।

राजनीतिक बयान अक्सर मीडिया और जनता में ध्यान आकर्षित करने के लिए दिए जाते हैं। पाठकों को ऐसे दावों और आरोपों की सत्यता की जांच विश्वसनीय स्रोतों से करना चाहिए, ताकि अफवाहों और असत्य प्रचार से भ्रमित न हों।


चेन्नई एजेंसी। तमिलनाडु: कांग्रेस M L A के बयान पर गवर्नर नाराज़, शपथ ग्रहण समारोह में तनाव।

चेन्नई एजेंसी। तमिलनाडु: कांग्रेस M L A के बयान पर गवर्नर नाराज़, शपथ ग्रहण समारोह में तनाव।
शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी भी शामिल हुए।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोशेफ विजय कुमार ने 21 मई 2026 को अपनी सरकार टीवीके का पहला मंत्री मंडल का विस्तार किया कुल 23 विधायक को मंत्री पद का शपथग्रहण करवाया गया जिसमें 21 विधायक टीबीके पार्टी के और 2 विधायक इंडियन नेशनल कांग्रेस के शामिल थे। शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी भी उपस्थित थे।

उप-शीर्षक:

चेन्नई,  21 मई    2026 – नए मंत्रियों  के शपथ   ग्रहण के दौरान कांग्रेस विधायक द्वारा राहुल गांधी का नाम लेने पर राज्य के गवर्नर ने  संवैधानिक मर्यादा का ध्यान रखने का संकेत दिया।

मुख्य समाचार:

आज तमिलनाडु में नए मंत्रीमंडल के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक अप्रत्याशित राजनीतिक घटना सामने आई। कांग्रेस के एक विधायक ने राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी का नाम लिया, जिसके बाद राज्य के गवर्नर ने नाराजगी जताई।

समारोह में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि गवर्नर ने राजनीतिक तटस्थता बनाए रखने का संदेश दिया और यह संकेत दिया कि संवैधानिक पद पर बैठे अधिकारियों के लिए किसी पार्टी या नेता का संदर्भ देना संवेदनशील माना जाता है।

संवैधानिक और राजनीतिक परिप्रेक्ष्य:

गवर्नर का पद संवैधानिक रूप से निष्पक्ष होता है और संविधान के अनुच्छेद 163 और 164 के तहत उन्हें राज्य में निष्पक्षता बनाए रखना अनिवार्य है। विशेषज्ञों का मानना है कि विधायक का बयान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अंतर्गत आता है, लेकिन शपथ ग्रहण समारोह के समय इसे संवेदनशील माना गया।

राजनीतिक महत्व:

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह घटना राज्य की राजनीति में संवैधानिक मर्यादा और राजनीतिक अभिव्यक्ति की सीमाओं पर बहस को बढ़ावा दे रही है। यह भी दर्शाता है कि समारोह और संवैधानिक गतिविधियों के दौरान नेताओं और अधिकारियों को संतुलन बनाए रखना कितना जरूरी है।

नई दिल्ली।आरक्षण सुधार: मेधावी छात्रों और पिछड़े वर्ग के लिए संतुलन की नई पहल।

नई दिल्ली। आरक्षण सुधार: मेधावी छात्रों और पिछड़े वर्ग के लिए संतुलन की नई पहल।
भारत में मेधावी छात्र आरक्षण के कारण नौकरी से वंचित रह जाते हैं।
संपादकीय/रिपोर्ट: भारतीय रेलवे कुली समाचार पत्र देश विदेश समाचार। अमन कुमार मिश्र 

नई दिल्ली, 21 मई 2026 भारत में आरक्षण प्रणाली को लेकर लंबे समय से चल रही बहस अब एक नए मोड़ पर पहुँच गई है। 


इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार और शिक्षा विशेषज्ञ एक संतुलित सुधार मॉडल पर काम कर रहे हैं।
समाधान आरक्षण हटाना नहीं, बल्कि सुधारना और संतुलित बनाना है। इससे पिछड़े वर्गों को मदद मिलेगी और मेधावी छात्रों का भविष्य अंधकारमय नहीं होगा।

अवसर समानता और प्रारंभिक शिक्षा पर ध्यान

आरक्षण केवल अंतिम परीक्षा या नौकरी तक सीमित न रहे।

प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा में गुणवत्ता और अवसर सुधारना भी ज़रूरी है।

इससे सभी वर्ग के मेधावी छात्र प्रतियोगिता में तैयार होंगे और अंतिम स्तर पर आरक्षण के प्रभाव कम होंगे।


उदाहरण: यदि 100 सीटें हैं: 70% में मेधावी आधार (योग्यता पर) 30% आरक्षण (पिछड़े वर्ग)

लेकिन, यदि कोई आरक्षण वर्ग का छात्र meritorious है, तो उसे merit category में भी मान्यता दी जा सकती है।

इससे दोनों पक्षों सामाजिक न्याय और मेधावी छात्र का संतुलन बना रहता है।




सीटों में कैपिंग: कुल आरक्षण 50% से अधिक नहीं होगा, ताकि सामान्य वर्ग के मेधावी छात्रों के अवसर सुरक्षित रहें।

कौशल और योग्यता आधारित सहायता: आरक्षित वर्ग के छात्रों को अतिरिक्त कोचिंग, स्कॉलरशिप और ट्रेनिंग के जरिए प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जाएगा।

मिश्रित मॉडल अपनाना: मेधावी आरक्षित वर्ग के छात्रों को सामान्य श्रेणी में भी मान्यता मिलेगी, जिससे दोनों पक्षों में संतुलन बना रहे।

शिक्षा में समान अवसर: प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाकर सभी छात्रों को प्रतियोगिता के लिए तैयार किया जाएगा।


शिक्षा मंत्री ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य है कि भारत का हर छात्र, चाहे किसी भी पृष्ठभूमि का हो, अपने सपनों को पूरा करने में सक्षम हो।”

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह मॉडल सफल रहा, तो भारत में शिक्षा और रोजगार दोनों ही क्षेत्रों में योग्यता और समान अवसर का नया युग शुरू हो सकता है।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल। मुसलमानों के आरक्षण को समाप्त करने या ओबीसी आरक्षण को घटाने का दावा भ्रामक और फर्जी है।

कोलकाता: मुसलमानों के आरक्षण को समाप्त करने या ओबीसी आरक्षण को घटाने का दावा भ्रामक और फर्जी है।
मुसलमानों को बंगाल एवं महाराष्ट्र में आरक्षण को समाप्त कर दिया गया। कोलकाता हाईकोर्ट के निर्देश पर। जी न्यूज चैनल से जानकारी अनुसार।

THE FACT CHECK TIMES

कोलकाता | 21 मई 2026:



खबर में दावा किया गया था कि सरकार ने मुसलमानों का आरक्षण समाप्त कर दिया है और ओबीसी का आरक्षण 17% से घटाकर 7% कर दिया गया है।

हालांकि , सरकारी स्रोतों के अनुसार, भारत में किसी भी धर्म या जाति विशेष के लिए आरक्षण समाप्त करने या प्रतिशत घटाने का निर्णय केवल संसद या राज्य विधानमंडल के कानून के माध्यम से किया जा सकता है।अभी तक ऐसी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है

फैक्ट-चेकिंग वेबसाइटों जैसे Alt News, India Today Fact Check और BOOM Fact Check ने भी इस खबर को फर्जी बताया है। इस तरह की गलत रिपोर्टें अक्सर सोशल मीडिया पर फैलती हैं और जनता में भ्रम पैदा करती हैं।

  [साइड बार: विशेषज्ञ की टिप]

नागरिकों को किसी भी आरक्षण संबंधी खबर पर विश्वास करने से पहले हमेशा सरकारी नोटिफिकेशन और भरोसे मंद मीडिया स्रोत की जांच करनी चाहिए।