बर्लिन: जर्मनी के राष्ट्रपति स्टाइनमायर का कहना था हमले के लिए दिया गया “आत्मरक्षा” का कारण विश्वसनीय नहीं है।

बर्लिन: जर्मनी के राष्ट्रपति स्टाइनमायर का कहना था कि हमले के लिए दिया गया “आत्मरक्षा” का कारण विश्वसनीय नहीं है।

जर्मनी के राष्ट्रपति का कहना है कि अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला जो किया है वह अंतरराष्ट्रीय कानून का उलंघन है।
अंतरराष्ट्रीय कानून का मूल सिद्धांत है: “युद्ध आखिरी विकल्प होना चाहिए, पहला नहीं।”

अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार युद्ध (या सैन्य कार्रवाई) पूरी तरह “मना” नहीं है, लेकिन इसे बहुत कड़े नियमों में रखा गया है। खासकर युनाइटेड नेशन्स चार्टड के तहत।(1) कब युद्ध “सही” (कानूनी) माना जाता है ? आत्मरक्षा (Self-defense) अगर किसी देश पर हमला होता है, तो वह जवाबी हमला कर सकता है। यह अधिकार युनाइटेड नेशन्स के आर्टिकल्स 51 में दिया गया है।

उदाहरण:-अगर Iran पर पहले हमला हो और वह जवाब दे, तो यह वैध माना जा सकता है।

(2) UN Security Council की अनुमति:- अगर United Nations Security Council किसी देश के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति देता है,तब सैन्य कार्रवाई “वैध” मानी जाती है
उदाहरण:- शांति बनाए रखने या बड़े खतरे को रोकने के लिए संयुक्त कार्रवाई।
कब युद्ध “गलत” (गैर-कानूनी) माना जाता है?
1. बिना कारण हमला (Aggression):-अगर कोई देश बिना उकसावे के दूसरे देश पर हमला करता है,इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन माना जाता है।
उदाहरण: अगर Israel या United States बिना स्पष्ट खतरे के Iran पर हमला करें।
2.“Pre-emptive strike” का विवाद:- कभी-कभी देश कहते हैं: “हमने पहले हमला इसलिए किया क्योंकि खतरा आने वाला था” लेकिन: अगर खतरा तुरंत और स्पष्ट नहीं है,तो यह बहाना स्वीकार नहीं किया जाता है।
मुख्य कानून बिंदु:-संप्रभुता (Sovereignty): बिना वैध कारण किसी देश पर हमला करना उसकी संप्रभुता का उल्लंघन माना जाता है। आत्मरक्षा (Self-defense): हमला तभी वैध माना जा सकता है जब वह आत्मरक्षा में हो (UN Charter के Article 51 के तहत)।
UN की अनुमति: अगर United Nations Security Council से मंजूरी हो, तो सैन्य कार्रवाई वैध हो सकती है।
बयान का मतलब:-अगर जर्मनी के राष्ट्रपति ने ऐसा कहा है, तो उसका अर्थ यह होता है कि वे बिना स्पष्ट आत्मरक्षा या UN मंजूरी के हमले को गलत मानते हैं। और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन जरूरी समझते हैं।
ध्यान देने वाली बात:-ऐसे मामलों में अलग-अलग देशों की व्याख्या अलग होती है। कुछ देश कहते हैं कि हमला “आत्मरक्षा” में था। जबकि अन्य देश इसे “अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन” बताते हैं।
ताज़ा खबर (जर्मनी के राष्ट्रपति का बयान):-जर्मनी के राष्ट्रपति Frank-Walter Steinmeier ने 24 मार्च 2026 को एक भाषण में कहा कि अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमला “अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन” है। उन्होंने यह भी कहा यह युद्ध “अनावश्यक और टाला जा सकता था” और इसे “राजनीतिक रूप से बड़ी गलती (disastrous mistake)” बताया। यह बयान किस संदर्भ में दिया गया? यह बयान जर्मनी के विदेश मंत्रालय (Foreign Ministry) के एक कार्यक्रम में दिया गया।
उस समय: United States और Israel ने Iran पर फरवरी 2026 से सैन्य हमले शुरू किए थे।
इस युद्ध में:-एयरस्ट्राइक, मिसाइल हमले और जवाबी कार्रवाई जारी है,पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है।जर्मनी का असल मैसेज क्या है? स्टाइनमायर का कहना था कि हमले के लिए दिया गया “आत्मरक्षा” का कारण विश्वसनीय नहीं है। इसलिए यह कार्रवाई UN चार्टर के नियमों के खिलाफ हो सकती है। यूरोप के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून बहुत जरूरी है। इसका महत्व क्यों है? जर्मनी आमतौर पर अमेरिका का करीबी सहयोगी माना जाता है।
लेकिन इस बार: उन्होंने खुलकर आलोचना की जिससे अमेरिका–यूरोप संबंधों में तनाव दिख रहा है।
आसान शब्दों में समझें:- जर्मनी कह रहा है “अगर बिना साफ आत्मरक्षा या UN की मंजूरी के हमला किया गया है, तो यह नियमों के खिलाफ है।


तेहरान: ईरान में डर फैलाने गलत जानकारी फैलाने के आरोप में 466 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

तेहरान: ईरान में डर फैलाने गलत जानकारी फैलाने के आरोप में 466 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
तेहरान: ईरान में डर फैलाने वाले 466 व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया।
ईरान में हाल ही में “डर फैलाने” (अफवाह या गलत जानकारी फैलाने) के आरोप में 466 लोगों की गिरफ्तारी की खबर सामने आई है। यह कार्रवाई आमतौर पर तब होती है जब सरकार को लगता है कि लोग सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से ऐसी जानकारी फैला रहे हैं जिससे सार्वजनिक भय, अस्थिरता या विरोध बढ़ सकता है। ईरान की सरकार अक्सर इस तरह के मामलों में सख्ती दिखाती है, खासकर संवेदनशील हालात (जैसे विरोध प्रदर्शन, सुरक्षा घटनाएँ या राजनीतिक तनाव) के दौरान।

मुख्य बातें: कुल 466 लोगों को हिरासत में लिया गया।

आरोप: अफवाह फैलाना / जनता में डर पैदा करना।

माध्यम: ज़्यादातर सोशल मीडिया या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म

उद्देश्य (सरकार के अनुसार): शांति और सुरक्षा बनाए रखना।

पृष्ठभूमि: ईरान में पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं, जहाँ सरकार ने सूचना नियंत्रण को लेकर कड़े कदम उठाए हैं। मानवाधिकार संगठनों का कहना रहता है कि ऐसी कार्रवाई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित कर सकती है। यह खबर हाल की है और इसके पीछे का पूरा संदर्भ काफी गंभीर और जटिल है। यहाँ मैं आपको ताज़ा स्थिति, कारण और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया तीनों सरल तरीके से समझा देता हूँ।ताज़ा स्थिति (Latest Update) ईरान की पुलिस ने 466 लोगों को गिरफ्तार किया है।

आरोप: ऑनलाइन गतिविधियों के जरिए “राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर करना”अफवाह फैलाना, डर और अस्थिरता पैदा करना “दुश्मनों के पक्ष में प्रचार” करना।

रिपोर्ट्स के अनुसार: ये लोग सोशल मीडिया पर पोस्ट, वीडियो या जानकारी शेयर कर रहे थे। कुछ पर संवेदनशील जगहों की तस्वीर/वीडियो साझा करने का भी आरोप है।

इसके पीछे के कारण: इस कार्रवाई के पीछे मुख्य कारण मौजूदा तनावपूर्ण हालात हैं।

1. युद्ध और बाहरी तनाव:-

ईरान इस समय अमेरिका और इज़राइल के साथ संघर्ष जैसी स्थिति में है.सरकार का दावा है कि दुश्मन देश ऑनलाइन माध्यम से देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

2. इंटरनेट और सूचना नियंत्रण:- देश में लंबे समय तक इंटरनेट ब्लैक आउट रहा है। सरकार चाहती है कि “गलत खबर” या विरोध से जुड़ी जानकारी फैलने न पाए।

3. अंदरूनी विरोध और प्रदर्शन:- 2025–2026 में बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए। पहले ही हजारों लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यानी सरकार अब ऑनलाइन गतिविधियों को भी “सुरक्षा खतरा” मानकर कार्रवाई कर रही है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया:-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तरह की कार्रवाइयों पर चिंता जताई जाती रही है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है,कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने जैसा है।कई मामलों में बिना निष्पक्ष सुनवाई के गिरफ्तारी होती है। पहले भी बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियों और सख्ती की आलोचना हुई है। कुछ देशों और संगठनों ने इसे “दमनकारी कार्रवाई” बताया है।

निष्कर्ष:- 466 लोगों की गिरफ्तारी सिर्फ “अफवाह” का मामला नहीं है। यह एक बड़े संदर्भ का हिस्सा है।युद्ध + आंतरिक विरोध + सूचना नियंत्रण सरकार इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला बता रही है, जबकि आलोचक इसे लोगों की आवाज दबाने की कार्रवाई मानते हैं।

।।खासकर ईरान जैसे देशों में।।

1. कानूनी प्रक्रिया (Legal Process) गिरफ्तारी के बाद आमतौर पर ये चरण होते हैं। पूछताछ (Interrogation):
सुरक्षा एजेंसियाँ (जैसे इंटेलिजेंस या साइबर यूनिट) आरोपियों से पूछताछ करती हैं। औपचारिक आरोप (Charges) जैसे “राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ काम”, “प्रचार”, या “अफवाह फैलाना”
अदालत में पेशी: कई मामलों में (रिवोल्यूशनरी कोर्ट) में चलता है।

ध्यान देने वाली बात: ऐसे मामलों में प्रक्रिया तेज़ भी हो सकती है और पारदर्शिता कम होने की आलोचना भी होती है।

2. संभावित सज़ा (Possible Punishments)आरोप के आधार पर सज़ा अलग-अलग हो सकती है। जुर्माना या चेतावनी (छोटे मामलों में) कुछ महीनों से लेकर कई साल तक की जेल कड़ी सज़ा (अगर “राष्ट्रीय सुरक्षा” या “विदेशी सहयोग” साबित हो जाए) कुछ मामलों में: सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक पासपोर्ट जब्त निगरानी में रखना ।
3.विवाद और आलोचना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठते हैं: मानवाधिकार समूह कहते हैं कि: निष्पक्ष सुनवाई नहीं मिलती वकील तक पहुँच सीमित हो सकती है।
सरकार का पक्ष:-
यह सब “देश की सुरक्षा और स्थिरता” के लिए जरूरी है
4.आगे क्या हो सकता है? इन 466 लोगों के साथ आगे ये संभावनाएँ हैं: कुछ को चेतावनी देकर छोड़ दिया जाएगा
कुछ पर मुकदमा चलेगा। गंभीर मामलों में लंबी सज़ा भी हो सकती है।
आसान भाषा में समझें:- यह मामला सिर्फ “सोशल मीडिया पोस्ट” का नहीं है। इसे सरकार सुरक्षा खतरा मानती है।जबकि आलोचक इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी का मुद्दा मानते हैं।
हाँ, यह समझना बहुत ज़रूरी है—खासकर ईरान जैसे देशों में जहाँ ऑनलाइन गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रहती है।
मैंआपको साफ़ और व्यावहारिक तरीके से बताता हूँ।सोशल मीडिया पर कौन-सी चीज़ें जोखिमभरी मानी जाती हैं?
1.“संवेदनशील” जानकारी शेयर करना:- सुरक्षा बलों, सरकारी इमारतों या सैन्य गतिविधियों की फोटो/वीडियो किसी घटना की अपुष्ट (unverified) जानकारी है। इसे “राष्ट्रीय सुरक्षा खतरा” माना जा सकता है।
2. अफवाह या अपुष्ट खबर फैलाना बिना पुष्टि के खबर शेयर करना डर या घबराहट फैलाने वाली पोस्ट सरकार इसे “डर फैलाना” या “प्रचार” मान सकती है।
3.सरकार या नेतृत्व की तीखी आलोचना सीधे विरोध, खासकर संगठित रूप में विरोध प्रदर्शन से जुड़ी ऑनलाइन गतिविधियाँ:- कई बार इसे “प्रणाली के खिलाफ प्रचार” कहा जाता है।
4.विदेशी मीडिया या “दुश्मन” स्रोतों की सामग्री शेयर करना कुछ अंतरराष्ट्रीय चैनलों या प्लेटफॉर्म की सामग्री
सरकार के खिलाफ नैरेटिव वाली पोस्ट आम लोग क्या सावधानियाँ रखते हैं?
1.पोस्ट करने से पहले सत्यापन खबर सही है या नहीं, यह चेक करना आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा2. संवेदनशील कंटेंट से दूरी सैन्य, पुलिस या विरोध से जुड़े वीडियो/फोटो शेयर नहीं करना है।
3.भाषा का ध्यान रखना:-आक्रामक या उकसाने वाली भाषा से बचना व्यंग्य या मीम भी कभी-कभी गलत समझे जा सकते हैं।
4.प्राइवेसी का ध्यान अकाउंट प्राइवेट रखना अनजान लोगों से बातचीत सीमित रखना ।
5.डिजिटल सुरक्षा:-VPN या एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल (हालाँकि यह भी कुछ जगहों पर नियंत्रित हो सकता है)
 सरल समझ:-
ऐसे माहौल में लोग सोशल मीडिया को “फ्री स्पेस” नहीं बल्कि “निगरानी वाला स्पेस” मानकर इस्तेमाल करते हैं।अगर आप चाहें, तो मैं आपको भारत जैसे देशों में इससे तुलना करके भी समझा सकता हूँ कि यहाँ क्या अलग है और क्या समान अगर आप चाहें, तो मैं आपको भारत जैसे देशों में इससे तुलना करके भी समझा सकता हूँ कि यहाँ क्या अलग है और क्या समान। ठीक है, अब इसे भारत और ईरान के बीच आसान तुलना से समझते हैं,ताकि फर्क साफ दिखे ।
1. अभिव्यक्ति की आज़ादी (Freedom of Speech)
भारत: संविधान (भारतीय संविधान) बोलने की आज़ादी देता है,लेकिन कुछ सीमाएँ हैं।राष्ट्रीय सुरक्षा धर्म या जाति पर हिंसा भड़काना मतलब: आलोचना कर सकते हैं, पर कानून के दायरे में,ईरान अभिव्यक्ति की आज़ादी सीमित है।सरकार या सिस्टम की आलोचना पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। मतलब: खुलकर बोलना ज्यादा जोखिमभरा है।

2. सोशल मीडिया पर नियंत्रण:-भारत Twitter (X), Instagram, YouTube खुले तौर पर उपलब्ध सरकार कुछ कंटेंट हटाने या अकाउंट ब्लॉक करने का आदेश दे सकती है। ईरान कई प्लेटफॉर्म बैन या सीमित इंटरनेट पर कड़ा नियंत्रण VPN का इस्तेमाल आम है (लेकिन हमेशा सुरक्षित नहीं)
3. गिरफ्तारी का जोखिम:-
भारत:-गिरफ्तारी होती है, लेकिन आमतौर पर कोर्ट प्रक्रिया खुली होती है।मीडिया और न्यायपालिका निगरानी करते हैं
ईरान:-“अफवाह”, “प्रचार”, “राष्ट्रीय सुरक्षा” जैसे आरोप जल्दी लग सकते हैं,बड़ी संख्या में गिरफ्तारियाँ (जैसे 466 लोग) संभव है।
4. न्यायिक प्रक्रिया:-
भारत:-स्वतंत्र न्यायपालिका अपील का अधिकारवकील तक पहुँच आसान है।
ईरान:-खास अदालतें जैसे Islamic Revolutionary Court पारदर्शिता पर सवाल उठते रहते हैं।
5. लोगों का व्यवहार (Practical Difference) 
भारत:- लोग खुलकर बहस, आलोचना, मीम, राजनीतिक पोस्ट करते हैं,जोखिम है, पर सीमित और केस-टू-केस।
ईरान:लोग ज्यादा सावधानी रखते हैं।“क्या पोस्ट करें” यह सोचकर ही शेयर करते हैं।
निष्कर्ष Simple Summary :-भारत:आज़ादी + कुछ कानूनी सीमाएँ ईरान में कड़ा नियंत्रण + ज्यादा जोखिम है।
सोशल मीडिया पोस्ट:-भारत में सामान्य हो सकता है,लेकिन ईरान में अपराध माना जा सकता है।



वाशिंगटन एजेंसी: अमेरिका खार्ग द्वीप पर कब्जा करने की कोशिश कर सकता है,अटकल, प्रोपेगैंडा या भ्रामक रिपोर्टिंग भी हो सकती हैं।

वाशिंगटन एजेंसी: अमेरिका खार्ग द्वीप पर कब्जा करने की कोशिश कर सकता है। अटकल, प्रोपेगैंडा या भ्रामक रिपोर्टिंग भी हो सकती हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा अटकल,प्रोपगैंडा
अटकल, प्रोपेगैंडा या भ्रामक रिपोर्टिंग भी हो सकती हैं।जब तक इसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मीडिया या आधिकारिक बयान से पुष्टि न मिले, इसे सच मानना सही नहीं होगा।

खार्ग द्वीप (Kharg Island) ईरान का एक बेहद महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र है। यह द्वीप ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए रणनीतिक रूप से बहुत अहम है।


अमेरिका और ईरान के बीच तनाव समय-समय पर बढ़ता रहता है, लेकिन अभी तक कोई विश्वसनीय, मुख्यधारा के स्रोत यह नहीं कहते कि अमेरिका खार्ग द्वीप पर कब्जा करने की योजना बना रहा है।

अमेरिका सच में कब्जा करने की कोशिश कर सकता है ?

संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा किसी दूसरे देश के ऐसे महत्वपूर्ण इलाके पर सीधे कब्जा करना अंतरराष्ट्रीय कानून और युद्ध के बड़े खतरे से जुड़ा होगा। ऐसा कदम आम तौर पर तभी संभव होता है जब: खुला युद्ध चल रहा हो, या बहुत गंभीर सैन्य टकराव हो।

वाशिंगटन एजेंसी: ईरान में बढ़ते तनाव और सुरक्षा खतरे के कारण अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी।

वाशिंगटन एजेंसी : ईरान में बढ़ते तनाव और सुरक्षा खतरे के कारण अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय जिसे डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट कहा गया है।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय जिसे 'स्टेट आफ डिपार्टमेंट' भी कहा जाता है,1789 में स्थापित यह विभाग विदेशी सरकारों के साथ संबंधों, राजनयिक मिशनों (दूतावासों) और वीजा सेवाओं का प्रबंधन करता है। वर्तमान में (2026),मार्को रुबियो इसके विदेश मंत्री है।
मुख्य कारण:- अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव और टकराव बढ़ गया है। अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले (या संभावित हमले) और उसके जवाब में ईरान की प्रतिक्रिया (मिसाइल/ड्रोन हमले) पूरे मिडिल ईस्ट में सुरक्षा जोखिम, हवाई यात्रा बाधित, और अचानक हिंसा का खतरा इन कारणों से अमेरिकी सरकार ने अपने नागरिकों को कहा है। तुरंत देश छोड़ दें” (यदि सुरक्षित रूप से संभव हो) U.S. Department of State (अमेरिकी विदेश मंत्रालय) ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह/चेतावनी दी है। यह आदेश हाल के बढ़ते तनाव और सुरक्षा खतरे के कारण जारी किया गया है।
अगर निकलना संभव न हो, तो सुरक्षित जगह पर रहें और सतर्क रहें।
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की है, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया।
इसी कारण मिडिल ईस्ट के कई देशों (जिसमें ईरान भी शामिल है) से अमेरिकियों को निकलने की सलाह दी गई।
कई देशों (भारत, जर्मनी आदि) ने भी अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने को कहा है।
यह कोई सामान्य सलाह नहीं है, बल्कि उच्च स्तर की सुरक्षा चेतावनी है।
इसका मतलब यह है कि स्थिति अस्थिर और खतरनाक मानी जा रही है, इसलिए नागरिकों को जल्द से जल्द बाहर निकलने को कहा जा रहा है।


बिहार/बेगुसराय/बरौनी/सोकहारा: चैत्र शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि को मां महागौरी की पूजा अर्चना की जाती है।

बिहार/बेगुसराय/बरौनी/सोकहारा: चैत्र शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि को मां महागौरी की पूजा अर्चना की जाती है।

सोकहारा वाटिका चौक 

चैत्र शुक्ल पक्ष नवरात्रि महाअष्टमी पूजा महोत्सव एक महत्वपूर्ण हिन्दू पर्व है, जो विशेष रूप से देवी दुर्गा की पूजा से जुड़ा हुआ है। यह पूजा नवरात्रि के आठवें दिन, यानी महाअष्टमी के दिन की जाती है, जो चैत्र माह के शुक्ल पक्ष में आता है। नवरात्रि का पर्व खासतौर पर शारदीय नवरात्रि (अक्टूबर) और चैत्र माह के नवरात्रि (मार्च-अप्रैल) के दौरान मनाया जाता है।

महाअष्टमी विशेष रूप से दुर्गा माँ की पूजा का दिन होता है, जिसमें विशेष रूप से उनकी शक्तियों का वंदन किया जाता है। यह दिन देवी दुर्गा के शेर पर सवार होने और असुरों का वध करने की याद दिलाता है। इस दिन विशेष पूजा, व्रत, और साधना की जाती है। इसे "महाकाली" या "महासप्तमी" भी माना जाता है, क्योंकि इस दिन देवी दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए विशेष मंत्रों का उच्चारण और पूजा विधियाँ होती हैं।
माँ की नौ रूपों में पूजा:- नवरात्रि के आठवें दिन देवी दुर्गा के आठ रूपों की पूजा होती है, जैसे महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती आदि।
हवन करना या आग में विशेष घी और तिल डालकर देवी को अर्पित करना शुभ माना जाता है।
इस दिन विशेष रूप से "दुर्गा सप्तशती" के पाठ का महत्व है, साथ ही "मंत्र: "ॐ दुं दुर्गायै नमः" का जाप भी किया जाता है। यह मंत्र देवी दुर्गा की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यधिक प्रभावशाली माना जाता है।
महाअष्टमी का दिन देवी के रौद्र रूप, जो असुरों का वध करती हैं, को मान्यता देता है। यह दिन विशेष रूप से शत्रु के नाश और बुराई से मुक्ति के लिए उपयुक्त माना जाता है।
चैत्र नवरात्रि शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि 2026 के बारे में सही जानकारी इस प्रकार है ?

अष्टमी तिथि (Durga Ashtami 2026) तिथि प्रारंभ: 25 मार्च 2026 को दोपहर लगभग 2:05 बजे तिथि समाप्त: 26 मार्च 2026 को लगभग 12:00 बजे (दोपहर) उदया तिथि (सूर्योदय के अनुसार) के आधार पर अष्टमी व्रत और पूजन – 26 मार्च 2026 (गुरुवार) को किया जाएगा।

शुभ मुहूर्त (पूजा समय) अष्टमी पूजा के लिए श्रेष्ठ समय:सुबह से दोपहर तक (उदयकाल से) — सबसे शुभ माना जाता है विशेष संधि पूजा मुहूर्त:-सुबह 11:24 बजे से 12:12 बजे तक
यह समय अष्टमी और नवमी के संधिकाल का होता है, जिसे बहुत ही पवित्र माना जाता है।
अष्टमी तिथि: 25 मार्च दोपहर → 26 मार्च दोपहर
पूजा/व्रत: 26 मार्च 2026 सबसे शुभ समय: सुबह से दोपहर + संधि मुहूर्त (11:24–12:12) चैत्र शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि नवरात्रि अष्टमी पूजा !
चैत्र शुक्ल पक्ष अष्टमी (नवरात्रि अष्टमी / दुर्गा अष्टमी) हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है, जिसे मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा के लिए समर्पित माना जाता है।

यह दिन उदय तिथि के अनुसार अष्टमी पूजा के लिए मान्य है।
अष्टमी पूजा का महत्व:- इस दिन मां दुर्गा के 8वें स्वरूप — महागौरी की पूजा होती है।मान्यता है कि इस दिन पूजा करने से: पापों का नाश होता है।सुख-समृद्धि आती है।मन की इच्छाएं पूर्ण होती हैं।
पूजा का शुभ समय,सबसे उत्तम समय:-सूर्योदय से लेकर दोपहर तक (विशेषकर मध्याह्न काल) विशेष संधि पूजा मुहूर्त:
लगभग 11:24 AM से 12:12 PM यह समय अष्टमी और नवमी के मिलन का पवित्र काल होता है।अष्टमी पूजा विधि (सरल तरीके से) सुबह स्नान करके साफ वस्त्र पहनें। पूजा स्थान पर मां दुर्गा की प्रतिमा/चित्र स्थापित करें।गंगाजल से शुद्धि करें,फूल, रोली, चावल, धूप-दीप अर्पित करें। दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा का पाठ करें,नैवेद्य (हलवा-पूरी, चना) अर्पित करें,आरती करें और प्रसाद बांटें कन्या पूजन (कंजक) 2 से 9 वर्ष की कन्याओं को देवी का रूप मानकर पूजते हैं। उन्हें हलवा, पूरी, चना खिलाएं चुनरी, दक्षिणा दें
इसे करने से विशेष पुण्य मिलता है।
खास बात:-बहुत से लोग अष्टमी या नवमी में से किसी एक दिन कन्या पूजन करते हैं। अष्टमी का दिन अधिक लोकप्रिय और शुभ माना जाता है।


नई दिल्ली:चैत्र मास शुक्ल पक्ष सप्तमी को माँ दुर्गा के सातवें स्वरूप माँ कालरात्रि की पूजा की जाती है।

चैत्र मास शुक्ल पक्ष सप्तमी को माँ दुर्गा के सातवें स्वरूप माँ कालरात्रि की पूजा की जाती है। 

यह दिन नवरात्रि का सातवाँ दिन होता है, जिसे विशेष रूप से शक्ति और नकारात्मक शक्तियों के नाश के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

माँ कालरात्रि पूजा का महत्व:-

माँ कालरात्रि को भय, रोग और शत्रुओं का नाश करने वाली देवी माना जाता है।

इनके पूजन से जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं और साहस व आत्मबल बढ़ता है।

यह रूप अज्ञान और अंधकार को समाप्त कर ज्ञान का प्रकाश देता है।

पूजा का शुभ समय (सामान्य मार्गदर्शन):-

सप्तमी तिथि में प्रातःकाल या रात्रि में विशेष पूजा का महत्व होता है।

कालरात्रि पूजा अक्सर रात्रि (निशीथ काल) में करना अधिक शुभ माना जाता है।

पूजा विधि:-

सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें।

पूजा स्थल को साफ कर माँ दुर्गा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।

माँ कालरात्रि को गुड़, जौ या काले चने का भोग लगाएँ।

लाल या पीले फूल अर्पित करें।

दीपक जलाकर दुर्गा सप्तशती या मंत्रों का पाठ करें।

मंत्र:-ॐ देवी कालरात्र्यै नमः।

एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।

लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥

विशेष ध्यान:-

पूजा में मन की शुद्धता और श्रद्धा सबसे महत्वपूर्ण है।

रात्रि पूजा करते समय दीपक अवश्य जलाएं और शांत वातावरण रखें।

तिथि (2026)

चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत 19 मार्च 2026 से हुई है

उसके अनुसार शुक्ल सप्तमी (कालरात्रि पूजा)  25 मार्च 2026 (बुधवार) को पड़ती है।

सप्तमी तिथि समय (बरौनी/ सोकहारा के आसपास)

(पंचांग अनुसार अनुमानित)

सप्तमी तिथि शुरू: 24 मार्च 2026 शाम लगभग 4:07 बजे के बाद

सप्तमी तिथि समाप्त: 25 मार्च 2026 शाम तक

इसलिए 25 मार्च को पूरे दिन सप्तमी पूजा मान्य है

कालरात्रि पूजा का शुभ समय:-

प्रातः पूजा: सूर्योदय के बाद (लगभग 6:15 – 10:00 बजे तक)

सर्वश्रेष्ठ समय: रात्रि पूजा (निशीथ काल)

रात लगभग 11:45 बजे से 12:30 बजे (मध्यरात्रि के आसपास)

विशेष योग (इस दिन):-

छोटी भगवती दुर्गा स्थान बरौनी 

इस दिन गजकेसरी योग और सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे शुभ योग भी बन रहे हैं

इसलिए पूजा का फल और भी अधिक शुभ माना जाता है

 सरल निष्कर्ष:-

 दिन: 25 मार्च 2026 (बुधवार)

देवी: माँ कालरात्रि (सातवाँ दिन)

श्रेष्ठ समय: रात्रि (मध्यरात्रि पूजा)।

नई दिल्ली: मोदी सरकार में भ्रष्टाचार कांग्रेस की सरकार से ज्यादा है।

नई दिल्ली: मोदी सरकार में भ्रष्टाचार कांग्रेस की सरकार से ज्यादा।

एन डी ए की सरकार में सभी नेता खरबपति हैं चुनाव से पहले जीरो बंटा जीरो।

नई दिल्ली: केन्द्रीय चुनाव के समय में एक ही नारा था हर-हर मोदी,घर-घर मोदी लेकिन अभी के नारे हैं। हर-हर मोदी घर- घर ग़रीबी।

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र दामोदरदास मोदी।
आम जनता का नारा हर-हर मोदी घर घर ग़रीबी।
भारत में बेरोजगारी 70% है फिर भी भारत की 30% जनता मोदी-मोदी कर रहे हैं लेकिन 70% बेरोजगारी झेलने वाले ने हर-हर मोदी घर-घर मोदी बोलना छोड़ दिया।
मोदी सरकार में भ्रष्टाचार कांग्रेस की सरकार से ज्यादा है।
सबसे ज्यादा प्रभावित जनता को करने वाले प्रथम नेता नरेंद्र दामोदर दास मोदी। वर्तमान भारत के प्रधानमंत्री के पद पर आसीन हैं। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी पर टीका-टिप्पणी करते हैं गांधी परिवारवाद करता है। आम जनता का कहना है कि मोदी के पार्टी में परिवारवाद भयंकर रूप से हो रहा है अभी मोदी को दिखना चाहिए की कौन परिवारवाद करता है।

यह एक राजनीतिक आरोप/राय है, न कि कोई स्थापित तथ्य। ऐसे बयानों को समझते समय थोड़ा संदर्भ ज़रूरी होता है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Congress) दोनों पर अलग-अलग समय में भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं।
नरेंद्र मोदी की सरकार (2014 के बाद) खुद को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त बताती है, जबकि विपक्ष कई मामलों में आरोप लगाता रहा है।
दूसरी ओर, मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार (2004–2014) के दौरान भी 2G, कोयला आदि जैसे बड़े घोटाले चर्चा में रहे थे। असलियत क्या है? “किस सरकार में ज्यादा भ्रष्टाचार है” -यह मापना बहुत कठिन है, क्योंकि: हर मामले की प्रकृति अलग होती है। कई आरोप साबित नहीं होते हैं।राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहते हैं। कैसे समझें? विश्वसनीय रिपोर्ट्स (जैसे CAG, कोर्ट के फैसले) देखें, मीडिया रिपोर्ट्स को क्रॉस-चेक करें।सिर्फ बयान के आधार पर निष्कर्ष न निकालें।

संक्षेप में: यह दावा एक राजनीतिक दृष्टिकोण है, न कि सार्वभौमिक रूप से सिद्ध सच्चाई।
मैं दोनों सरकारों के प्रमुख भ्रष्टाचार मामलों की तुलना करके विस्तार से समझा सकता चलिए तथ्यों और प्रमुख मामलों के आधार पर तुलना करके समझते हैं—बिना किसी राजनीतिक पक्षपात के।

1.भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (UPA सरकार: 2004–2014)
इस दौर में कुछ बड़े घोटाले काफी चर्चा में रहे हैं।
प्रमुख मामले:-
2G स्पेक्ट्रम घोटाला (2008) टेलीकॉम लाइसेंस आवंटन में कथित गड़बड़ी कोयला आवंटन घोटाला (Coalgate)
कोयला ब्लॉकों के आवंटन में अनियमितताएँ कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाला (2010) कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 से जुड़े खर्चों में भ्रष्टाचार के आरोप हैं।

इन मामलों में:-CAG ने बड़े पैमाने पर संभावित नुकसान का अनुमान लगाया,कई नेताओं/अधिकारियों पर जांच हुई।कुछ मामलों में बाद में अदालतों ने सबूतों की कमी के कारण बरी भी किया।
2.भारतीय जनता पार्टी (NDA सरकार: 2014–वर्तमान) इस दौर में भी कई विवाद और आरोप सामने आए:

प्रमुख आरोप/विवाद:-राफेल डील विवाद (2018) फ्रांस से लड़ाकू विमान खरीद में पारदर्शिता पर सवाल PMC बैंक घोटाला (2019) बैंकिंग अनियमितता (हालांकि यह सीधे केंद्र सरकार का घोटाला नहीं था) इलेक्टोरल बॉन्ड योजना राजनीतिक फंडिंग की पारदर्शिता को लेकर सवाल कुछ राज्य-स्तरीय घोटाले (जैसे खनन, भर्ती आदि)।

इन मामलों में:-सुप्रीम कोर्ट ने राफेल मामले में सरकार को क्लीन चिट दी । इलेक्टोरल बॉन्ड पर पारदर्शिता को लेकर लगातार बहस और कानूनी चुनौती रही है।
3. मुख्य अंतर (सरल भाषा में)
पहलू कांग्रेस (UPA) भाजपा (NDA)
बड़े “घोटालों” की धारणा बहुत बड़े और हाई-प्रोफाइल अपेक्षाकृत कम बड़े, पर विवाद मौजूद जांच/निष्कर्ष कई मामलों में सबूत कमजोर निकले कई मामलों में आरोप, पर सीमित कानूनी दोष सिद्ध राजनीतिक नैरेटिव “घोटालों की सरकार” “भ्रष्टाचार पर सख्ती” vs “पारदर्शिता पर सवाल”
निष्कर्ष:-
दोनों ही सरकारों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं।कांग्रेस काल में “बड़े घोटालों” की छवि ज्यादा बनी,मोदी सरकार में “कम बड़े घोटाले” लेकिन नीतिगत पारदर्शिता पर बहस ज्यादा रही है।
किसमें ज्यादा भ्रष्टाचार है, यह कहना अभी भी व्यक्तिगत और राजनीतिक दृष्टिकोण पर निर्भर करता है।



बिहार बेगुसराय बरौनी सोकहारा: षष्ठी तिथि को मां कात्यायनी की पुजा कुवांरी लड़की पुजा अर्चना सच्चे मन से करेंगे तो अच्छे वर की प्राप्ति होगी।

बिहार/बेगुसराय/बरौनी/सोकहारा: षष्ठी तिथि को मां कात्यायनी की पुजा कुवांरी लड़की पुजा अर्चना सच्चे मन से करेंगे तो अच्छे वर की प्राप्ति होगी।

भारतीय कुंवारी लड़कियां मां कात्यायनी देवी की पुजा अर्चना कर अच्छे वर की प्राप्ति करें।

षष्ठी तिथि पर मां कात्यायनी की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। यह नवरात्रि का छठा दिन होता है, जिसमें देवी के इस रूप की आराधना करने से साहस, शक्ति और विवाह संबंधी बाधाओं का निवारण होता है।

मां कात्यायनी की लगातार पूजा (षष्ठी तिथि पर कैसे करें) यदि आप लगातार (नियमित) पूजा करना चाहते हैं, तो यह विधि अपनाएं:-

सुबह की शुरुआत,प्रातः स्नान कर स्वच्छ (पीले या लाल) वस्त्र पहनें,पूजा स्थान को साफ करें और गंगाजल छिड़कें,देवी का ध्यान और आवाहन,मां कात्यायनी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।दीपक (घी का) और धूप जलाएं हाथ जोड़कर ध्यान करें और प्रार्थना करें।

मंत्र जाप:"ॐ देवी कात्यायन्यै नमः"इस मंत्र का 108 बार जाप करें।

भोग और अर्पण:-शहद (हनी) का भोग विशेष प्रिय माना जाता है।साथ में फल, फूल (खासकर लाल/पीले) अर्पित करें।

आरती और प्रार्थना:-आरती करें और अपनी मनोकामना बोलें

दिनभर संयम और सकारात्मक विचार रखें।लगातार पूजा के लाभ विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।आत्मविश्वास और साहस बढ़ता है। नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।

नवरात्रि के 9 दिन माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा के लिए बेहद पवित्र माने जाते हैं। यहाँ पूरी नवरात्रि पूजा विधि, 9 दिन की देवी, मंत्र, सामग्री और व्रत नियम विस्तार से दिए गए हैं: 

नवरात्रि पूजा की सामान्य विधि (हर दिन)सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें,पूजा स्थान पर माँ दुर्गा की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।

कलश स्थापना (घट स्थापना) पहले दिन करें। दीपक जलाएँ (घी का दीपक श्रेष्ठ)माँ को रोली, चावल, फूल, धूप, नैवेद्य अर्पित करें।दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।

अंत में आरती करें: 9 दिन – 9 देवियाँ, मंत्र और विशेषता:

दिन1–माँ शैलपुत्रीभोग: घी,मंत्र: ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः महत्व: जीवन में स्थिरता और शक्ति।

दिन 2 – माँ ब्रह्मचारिणी,भोग: शक्कर,मंत्र: ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः महत्व: तप, संयम और ज्ञान।

दिन 3 मां चंद्रघंटा:-भोग: दूध या खीर,मंत्र: ॐ देवी चंद्रघंटायै नमः।महत्व: साहस और शांति

दिन 4 – माँ कूष्मांडा:-भोग: मालपुआ,मंत्र: ॐ देवी कूष्मांडायै नमः।महत्व: स्वास्थ्य और ऊर्जा।

दिन 5 – माँ स्कंदमाता:-भोग: केले,मंत्र: ॐ देवी स्कंदमातायै नमः।महत्व: मातृत्व और करुणा।

दिन 6 – माँ कात्यायनी:-भोग: शहद,मंत्र: ॐ देवी कात्यायन्यै नमः।महत्व: विवाह और शक्ति।

दिन 7 – माँ कालरात्रि:-भोग: गुड़,मंत्र: ॐ देवी कालरात्र्यै नमः।महत्व: भय का नाश।

दिन 8 महागौरी :- भोग: नारियल,मंत्र: ॐ देवी महागौर्यै नम।महत्व: शुद्धता और सौभाग्य।

दिन 9 – माँ सिद्धिदात्री:-भोग: तिल,मंत्र: ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नम,महत्व: सिद्धि और सफलता।

आवश्यक पूजा सामग्री:-कलश, नारियल, आम के पत्ते,रोली, चावल, मौली, फूल (विशेषकर लाल) धूप, दीपक, कपूर,फल और मिष्ठान।

गंगाजल:- व्रत के नियम:-सात्विक भोजन करें (लहसुन-प्याज नहीं) फलाहार या एक समय भोजन (जैसे साबूदाना, कुट्टू, सिंघाड़ा) नमक में सेंधा नमक का उपयोग करें।क्रोध, झूठ और नकारात्मक विचारों से बचें।ब्रह्मचर्य का पालन करें रोज़ पूजा और मंत्र जाप करें।

अष्टमी/नवमी विशेष कन्या पूजन (कंजक) करें। 9 छोटी कन्याओं को भोजन कराएँ।उन्हें उपहार/दक्षिणा दें।




बिहार/बेगुसराय/बरौनी:नवरात्रि में कुछ सरल लेकिन प्रभावी टोटके/उपाय किए जाते हैं, जिन्हें माँ दुर्गा की कृपा पाने और जीवन की समस्याओं को दूर करने के लिए विशेष माना जाता है। यहाँ प्रमुख उपाय दिए गए हैं।

बिहार/बेगुसराय/बरौनी:नवरात्रि में कुछ सरल लेकिन प्रभावी टोटके/उपाय किए जाते हैं, जिन्हें माँ दुर्गा की कृपा पाने और जीवन की समस्याओं को दूर करने के लिए विशेष माना जाता है। यहाँ प्रमुख उपाय दिए गए हैं।

माता के सभी रूपों का वर्णन संक्षिप्त विवरण एवं टोटके दिए गए हैं।

नवरात्रि के विशेष टोटके/उपाय:-

1.धन प्राप्ति के लिए नवरात्रि में रोज़ माँ के सामने घी का दीपक जलाएँ। एक लाल कपड़े में 11 या 21 रुपए बाँधकर मंदिर में रखें।नवमी के दिन इसे अपने धन स्थान (तिजोरी) में रखें माना जाता है कि इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

2.नज़र दोष दूर करने के लिए:- 7 लाल मिर्च और एक नींबू लेकर अपने ऊपर से 7 बार उतारें
इसे किसी सुनसान जगह या चौराहे पर फेंक दें। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है
3.मनोकामना पूर्ति के लिए:-रोज़ माँ को लाल फूल अर्पित करें “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे” मंत्र का 108 बार जाप करें।यह मंत्र माँ चामुंडा को प्रसन्न करता है
घर में सुख-शांति के लिए घर के मुख्य दरवाजे पर आम के पत्तों का तोरण लगाएँ। रोज़ शाम को कपूर से पूरे घर में आरती करें। इससे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
5.नौकरी/व्यापार में सफलता के लिए नवरात्रि में माँ को पान का पत्ता अर्पित करें। पान में लौंग और इलायची रखें,इसे अगले दिन अपने कार्यस्थल पर रखें। इससे काम में रुकावटें दूर होती हैं।
6.विवाह के लिए उपाय 5 वें या 6वें दिन माँ कात्यायनी की पूजा करें,“ॐ कात्यायनी महामाये…” मंत्र का जाप करें,विवाह में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं।
7. डर और बाधा दूर करने के लिए 7 वें दिन माँ कालरात्रि को गुड़ का भोग लगाएँ,रात में दीपक जलाकर हनुमान चालीसा पढ़ें,भय और नकारात्मक शक्तियाँ दूर होती हैं।
8. विशेष अष्टमी उपाय:-अष्टमी के दिन 9 कन्याओं को भोजन कराएँ,उन्हें लाल चुनरी, चूड़ी, मिठाई दें।

इसे बहुत शुभ माना जाता है। टोटके करते समय मन साफ और सकारात्मक रखें,किसी का बुरा सोचकर उपाय न करें।श्रद्धा और विश्वास सबसे महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली:ईरान को समर्थन देने वाले देश कौन कौन है।

नई दिल्ली:ईरान को समर्थन देने वाले देश कौन कौन है।
।।ईरान और अमेरिका को समर्थन करने वाले देश।।

ईरान को समर्थन देने वाले देश:-

ईरान को आमतौर पर ये देश या समूह समर्थन देते हैं:-रूस –रणनीतिक और सैन्य सहयोग,चीन – आर्थिक और राजनीतिक समर्थन,सीरिया – मध्य पूर्व में करीबी सहयोगी,हिज़्बुल्लाह (लेबनान),हूती विद्रोही (यमन)।

अमेरिका को समर्थन देने वाले देश:-

आमतौर पर ये देश अमेरिका के सहयोगी (allies) माने जाते हैं।इज़राइल – ईरान के खिलाफ खुलकर अमेरिका का साथ देता है। सऊदी अरब – क्षेत्रीय प्रतिद्वंदी होने के कारण अमेरिका के करीब संयुक्त अरब अमीरात,ब्रिटेन,फ्रांस,नाटो के कई सदस्य देश,ये देश सैन्य, आर्थिक या राजनीतिक रूप से अमेरिका का समर्थन कर सकते हैं।