कोलकाता/शुभेंदु अधिकारी/अवैध प्रवासियों पर सख्ती: बंगाल में बनेंगे ‘होल्डिंग सेंटर’, विपक्ष ने उठाए सवाल।
हम केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश से होल्डिंग् सेंटर बना रहे हैं।

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| हम केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश से होल्डिंग् सेंटर बना रहे हैं। |
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| बलूचिस्तान में सक्रिय उग्रवादी संगठन Baloch Liberation Army (B LA) |
क्वेटा/इस्लामाबाद, 25 मई 2026 बलूचिस्तान में सक्रिय उग्रवादी संगठन Baloch Liberation Army (B L A) ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान एयरपोर्ट सिक्योरिटी फोर्स (A S F) के वरिष्ठ अधिकारी वसीम अहमद को हिरासत में ले लिया है। संगठन के अनुसार यह कार्रवाई बलूचिस्तान के कलात जिले में की गई।
B L A के प्रवक्ता जीयंद बलोच ने बयान जारी कर कहा कि संगठन के लड़ाकों ने “खुफिया जानकारी” के आधार पर वसीम अहमद की पहचान की और उन्हें मुख्य राजमार्ग पर रोककर अपने कब्जे में लिया। वसीम अहमद पाकिस्तान रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्यरत A S F में डिप्टी डायरेक्टर और कमांडिंग ऑफिसर बताए जा रहे हैं।
हालांकि पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से अब तक इस घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पाकिस्तानी मीडिया में भी अधिकारी के लापता होने की खबरें सामने आई हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने इस पर सार्वजनिक बयान देने से फिलहाल परहेज किया है।
बलूचिस्तान में पिछले कुछ महीनों से हिंसा और हमलों की घटनाओं में तेजी आई है। हाल ही में B L A ने क्वेटा के पास ट्रेन विस्फोट की जिम्मेदारी भी ली थी, जिसमें कई लोगों की मौत हुई थी।
नई दिल्ली: राहुल गांधी का बड़ा दावा“एक साल में मोदी सरकार खत्म हो जाएगी”
नई दिल्ली: Rahul Gandhi ने केंद्र की Narendra Modi सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए दावा किया कि अगले एक साल के भीतर मोदी सरकार गिर सकती है। 
लोकसभा: विपक्षी पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी का दावा बीजेपी सरकार को एक साल के अंदर गिराकर रहेंगे।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस की एक बैठक में राहुल गांधी ने आर्थिक संकट, महंगाई और बेरोजगारी को सरकार के खिलाफ बढ़ते असंतोष की वजह बताया।
राहुल गांधी ने कहा कि देश में आम लोगों और छोटे व्यापारियों पर “आर्थिक तूफान” आने वाला है, जिससे जनता का गुस्सा बढ़ेगा और राजनीतिक बदलाव देखने को मिलेगा।
इस बयान के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal ने कहा कि राहुल गांधी का बयान “अराजकता फैलाने की साजिश” की ओर इशारा करता है।
बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष लोकतांत्रिक तरीके से जीत नहीं पा रहा, इसलिए सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है।
राजनीतिक हलकों में इस बयान को लेकर बहस तेज हो गई है।
विपक्ष इसे सरकार के खिलाफ बढ़ते जन असंतोष का संकेत बता रहा है, जबकि बीजेपी इसे गैर-जिम्मेदाराना बयान करार दे रही है।
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भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी झाल मुड़ी खाते हुए। सियासी सतरंज का खेल खेलना कोई इनसे सीखें। |
नई दिल्ली, सोमवार प्रधानमंत्री Narendra Modi की आम लोगों से जुड़ने वाली सार्वजनिक छवियाँ एक बार फिर चर्चा में हैं।
कभी चाय बनाते हुए, कभी झालमुड़ी विक्रेताओं से बातचीत करते हुए और कभी रेलवे कुलियों से मुलाकात के दौरान दिखाई देने वाली उनकी तस्वीरें राजनीतिक बहस का केंद्र बनी हुई हैं।
विपक्ष और कुछ सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह “प्रतीकात्मक राजनीति” तो है, लेकिन इससे जमीनी स्तर पर समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है।
आलोचकों का आरोप है कि रेलवे कुलियों जैसे वर्गों की वास्तविक समस्याएँ आय की कमी, अस्थिर रोजगार और सामाजिक सुरक्षा अब भी बनी हुई हैं।
रेलवे कुलियों का कहना है कि आधुनिक रेलवे व्यवस्था और डिजिटल सेवाओं के बढ़ने से उनका काम लगातार कम होता जा रहा है। कई कुलियों का यह भी आरोप है कि उनकी समस्याओं पर गंभीर और नियमित संवाद की कमी है, और उन्हें केवल अवसर विशेष पर ही याद किया जाता है।
Indian Railways की ओर से समय-समय पर यह दावा किया जाता है कि असंगठित कामगारों के लिए कई योजनाएँ लागू की गई हैं, जैसे पहचान पत्र, बीमा सुविधा और कुछ स्टेशनों पर वैकल्पिक रोजगार के अवसर।
हालांकि ज़मीनी स्तर पर कई कुलियों का कहना है कि इन योजनाओं का लाभ सभी तक समान रूप से नहीं पहुँचता, और उनकी आय में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बहस अब केवल प्रतीकात्मक राजनीति तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह इस सवाल पर केंद्रित हो गई है कि क्या जनसंपर्क कार्यक्रम वास्तव में नीतिगत सुधारों में बदल पा रहे हैं या नहीं।
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संवाददाता अमन कुमार मिश्र रिपोर्ट। |
देश में बढ़ते प्रदूषण और महंगे ईंधन के बीच केंद्र सरकार अब Electric vehicle को तेजी से बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है।
सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में Petrol और Diesel से चलने वाले वाहनों पर निर्भरता कम करना है।
सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक दोपहिया, कार और बसों की खरीद पर सब्सिडी दी जा रही है।
कई राज्यों में रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी छूट दी गई है। इसके साथ ही देशभर में चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क बढ़ाने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बड़ी संख्या में लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाते हैं, तो ईंधन की मांग में कमी आ सकती है। इससे लंबे समय में पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।
हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों और लंबी दूरी की यात्रा के लिए अभी भी पेट्रोल-डीज़ल वाहनों की जरूरत बनी हुई है। चार्जिंग सुविधा और बैटरी लागत जैसी चुनौतियों के कारण सरकार फिलहाल चरणबद्ध तरीके से बदलाव की नीति अपना रही है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ने से प्रदूषण कम होगा और भारत की विदेशी तेल पर निर्भरता भी घटेगी। वहीं ऑटोमोबाइल उद्योग इसे भविष्य का सबसे बड़ा बदलाव मान रहा है।
भारत के सभी राज्यों में इलेक्ट्रॉनिक वाहन खरीदने पर छूट दी गई है।
इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर सब्सिडी
रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन में छूट
चार्जिंग स्टेशन बढ़ाना
बैटरी निर्माण को प्रोत्साहन
सरकारी बसों और दोपहिया में EV अपनाना
तेल आयात पर निर्भरता कम करना
प्रदूषण घटाना
शहरों की हवा बेहतर करना
भविष्य की ऑटो इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा बढ़ाना
लेकिन पूरी तरह पेट्रोल-डीज़ल वाहन बंद करना अभी आसान नहीं है, क्योंकि:चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर हर जगह नहीं है,बैटरी महंगी है,लंबी दूरी और भारी वाहनों में चुनौतिपूर्ण हैं,बिजली उत्पादन भी पर्याप्त और स्वच्छ होना चाहिए
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| कोलकाता ईडन गार्डन्स (eden Garden) स्टेडियम ग्राउंड रिपोर्ट 24/5/2026 |
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| “वोट के लिए व्यापक प्रचार, लेकिन रोजगार मेलों की जानकारी सीमित”भारत के रेलवे कुली 2008 से नौकरी मांग रहे,2026 हो गया लेकिन नौकरी नहीं दी गई ऐसा क्यों मोदी जी रेलवे कुली आपसे पुंछ रहा है। |
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| पढ़ाई छोड़कर राजनीति में उतरे इटली के प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी भारत में प्रधानमंत्री ने इनका स्वागत किया। |
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| मदर टेरेसा के ‘मदर हाउस’ में की प्रार्थना, बच्चों से भी मिले। |
Uttar Pradesh यूपी (UP) के सभी कॉलेज और यूनिवर्सिटी में लागू होगा ड्रेस कोड।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिए निर्देश, नए सत्र से लागू हो सकती है व्यवस्था।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति Anandiben Patel ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं के लिए ड्रेस कोड लागू करने के निर्देश दिए हैं। 
उत्तर प्रदेश में ड्रेस कोड लागू।
राजभवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान राज्यपाल ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुशासन, समानता और एकरूपता बनाए रखने के लिए यूनिफॉर्म व्यवस्था जरूरी है।
राज्यपाल के निर्देश के बाद अब प्रदेश के विश्वविद्यालय और कॉलेज अपने स्तर पर यूनिफॉर्म का रंग, डिजाइन और नियम तय करेंगे। बताया जा रहा है कि नए शैक्षणिक सत्र से यह व्यवस्था लागू की जा सकती है।
बैठक में राज्यपाल ने शिक्षकों को भी सख्त संदेश देते हुए कहा कि कोई भी ऐसा कार्य न किया जाए जिससे गुरु की गरिमा को ठेस पहुंचे। उन्होंने समय पर कक्षाएं लेने और विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से कॉलेजों में रोजगारपरक और वोकेशनल कोर्स शुरू करने पर भी जोर दिया गया। इनमें GST, अकाउंटेंसी, ब्यूटीशियन, मेहंदी, बिंदी निर्माण और मिलेट आधारित व्यंजन जैसे कोर्स शामिल किए जाएंगे।
राज्यपाल ने सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष समितियां बनाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि विद्यार्थी बिना डर अपनी शिकायतें रख सकें।