रेलवे की स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल, स्लीपर कोच में दुर्गंध से यात्रियों को परेशानी; क्या यात्रियों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन की नहीं?
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दिनांक: 02/11/2026 सोमवार टे15233 मैथिली एक्सप्रेस के एक बुजुर्ग यात्रियों का बयान दिया |
बरौनी: संवाददाता:अमन कुमार मिश्र
भारत में प्रतिदिन लाखों यात्री लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर करते हैं। रेलवे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के दावे करता है, लेकिन कई स्लीपर कोचों में स्वच्छता की स्थिति यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। शौचालयों की दुर्गंध, गंदे वॉशरूम, कचरा और समय पर सफाई नहीं होने से कोच का वातावरण असहज हो जाता है।
यात्रियों को जहां सफर के दौरान स्वच्छ और सुगंधित वातावरण मिलना चाहिए, वहीं कई बार उन्हें बदबू के बीच घंटों यात्रा करने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
यात्रियों के स्वास्थ्य पर कितना खतरा?
विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार दुर्गंध का सामना करना सिरदर्द, मतली और असहजता जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है। वहीं, गंदे शौचालय, दूषित सतहों और खराब स्वच्छता के कारण संक्रमण का जोखिम भी बढ़ सकता है। हालांकि, केवल दुर्गंध से किसी बीमारी के होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
रेलवे प्रशासन से पांच बड़े सवाल
स्लीपर कोचों में नियमित सफाई सुनिश्चित क्यों नहीं की जाती?
शौचालयों की दुर्गंध रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था क्यों नहीं है?
लंबी दूरी की ट्रेनों में सफाई कर्मचारियों की पर्याप्त तैनाती है या नहीं?
यात्रियों की स्वच्छता संबंधी शिकायतों पर कितनी जल्दी कार्रवाई होती है?
क्या रेलवे प्रत्येक कोच की स्वच्छता की नियमित जांच और रिपोर्ट सार्वजनिक करेगा?
यात्रियों को स्वच्छ वातावरण देना रेलवे की जिम्मेदारी
रेलवे केवल यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक यात्रा उपलब्ध कराना भी उसकी जिम्मेदारी है।
सवाल यह है कि जब यात्री टिकट खरीदकर यात्रा करते हैं, तो उन्हें बुनियादी स्वच्छता के लिए संघर्ष क्यों करना पड़ता है?
रेल मंत्रालय और रेलवे बोर्ड को स्लीपर कोचों की सफाई, शौचालयों की नियमित देखरेख, दुर्गंध नियंत्रण और शिकायत निवारण व्यवस्था को गंभीरता से लेना चाहिए।
जनता का सवाल है—क्या भारतीय रेलवे का लक्ष्य केवल यात्रियों को मंजिल तक पहुंचाना है, या उन्हें स्वस्थ और स्वच्छ वातावरण में यात्रा कराने की जिम्मेदारी भी निभानी है?










