पटना एजेंसी:रिक्त पदों पर भर्ती और सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि 10 तारीख तक भेजने का निर्देश।

पटना एजेंसी:रिक्त पदों पर भर्ती और सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि 10 तारीख तक भेजने का निर्देश।

पटना, संवाददाता। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में राज्य के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। 

उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सभी विभाग निर्धारित समय सीमा के भीतर रिक्तियों का आकलन कर भर्ती की कार्रवाई सुनिश्चित करें।

बैठक में मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की भी समीक्षा की। 

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि लाभार्थियों के खातों में पेंशन की राशि प्रत्येक माह की 10 तारीख तक हर हाल में भेज दी जाए, 

ताकि वृद्धजन, दिव्यांग और अन्य पात्र लाभार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। 

उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने तथा योजनाओं की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।

बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

नई दिल्ली। भारत-म्यांमार में अहम समझौता: सीमा सुरक्षा और दुर्लभ खनिजों पर बढ़ेगा सहयोग।

नई दिल्ली। भारत-म्यांमार में अहम समझौता: सीमा सुरक्षा और दुर्लभ खनिजों पर बढ़ेगा सहयोग।
JTC Narendra Modi और Min Aung Hlaing
नई दिल्ली, 2 जून: भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi और म्यांमार के राष्ट्रपति Min Aung Hlaing के बीच नई दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय बैठक में सीमा सुरक्षा, दुर्लभ खनिज (रेयर अर्थ) और व्यापारिक सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण सहमति बनी।

क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। 

बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-म्यांमार संबंधों की व्यापक समीक्षा की और व्यापार, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, क्षमता निर्माण तथा रेयर अर्थ एवं क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। दोनों देशों ने इन क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।

दोनों देशों ने सीमा प्रबंधन, उग्रवाद-रोधी सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करने पर जोर दिया।

सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर म्यांमार ने भारत को आश्वासन दिया कि उसकी भूमि का उपयोग भारत की सुरक्षा के खिलाफ किसी भी गतिविधि के लिए नहीं होने दिया जाएगा। 

दोनों देशों ने सीमा प्रबंधन, उग्रवाद-रोधी सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करने पर जोर दिया।

बैठक में समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और क्षेत्रीय संपर्क परियोजनाओं को भी गति देने पर सहमति बनी। भारत, म्यांमार के दुर्लभ खनिज संसाधनों तक पहुंच बढ़ाने का इच्छुक है, जिससे रणनीतिक और औद्योगिक क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा मिल सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और क्षेत्रीय रणनीतिक हितों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

दुर्गापुर/हैदराबाद से दुर्गापुर पहुंचे यात्रियों की परेशानी, एयरपोर्ट से बाहर निकलने के लिए सामान ढोने को मजबूर।

दुर्गापुर/हैदराबाद से दुर्गापुर पहुंचे यात्रियों की परेशानी, एयरपोर्ट से बाहर निकलने के लिए सामान ढोने को मजबूर।

एयरपोर्ट पर मे आई हेल्प यू सेंटर पर महिला प्रशासन से मदद मांगने पर मदद नहीं मिली।

काजी नजरूल इस्लाम एयरपोर्ट, दुर्गापुर।

दुर्गापुर, 2 जून। मंगलवार 5.30 शाम।

हैदराबाद से काजी नजरूल इस्लाम एयरपोर्ट, दुर्गापुर पहुंचे यात्रियों को मंगलवार  को उस समय भारी असुविधा का सामना करना पड़ा 

एयरपोर्ट पर टैक्सी खड़ी हुई है इस पर प्रशासन का ध्यान नहीं। लेकिन टोटो रिक्शा पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

जब एयरपोर्ट परिसर से बाहर निकलने के लिए उन्हें अपना सामान काफी दूरी तक स्वयं ढोकर ले जाना पड़ा। 

(ई-रिक्शा) और अन्य छोटे वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध होने के कारण उन्हें भारी लगेज लेकर पैदल चलना पड़ा।

यात्रियों का आरोप है कि एयरपोर्ट परिसर में टोटो (ई-रिक्शा) और अन्य छोटे वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध होने के कारण उन्हें भारी लगेज लेकर पैदल चलना पड़ा, जबकि टैक्सियों को परिसर में प्रवेश की अनुमति मिलती है।

यात्रियों ने महिलाओं और बच्चों के साथ यात्रा कर रहे लोगों को अपना सामान लेकर लंबी दूरी तक पैदल चलना पड़ा।

यात्रियों ने बताया कि विमान से उतरने और सामान प्राप्त करने के बाद उन्हें एयरपोर्ट परिसर से बाहर आने में कठिनाई हुई। 

कई यात्रियों, विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ यात्रा कर रहे लोगों को अपना सामान लेकर लंबी दूरी तक पैदल चलना पड़ा। 

बाहर निकलने के बाद ही उन्हें टोटो या अन्य स्थानीय परिवहन की सुविधा मिल सकी।

यात्रियों का कहना है कि यदि टैक्सियों को एयरपोर्ट परिसर में प्रवेश की अनुमति है, तो टोटो या अन्य छोटे वाहनों के लिए भी कोई व्यवस्थित व्यवस्था होनी चाहिए। 

उनका तर्क है कि सभी यात्रियों को समान सुविधा मिलनी चाहिए और परिवहन व्यवस्था में भेदभाव नहीं होना चाहिए।

एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से पूर्व में सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को देखते हुए टोटो एवं ई-रिक्शा के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाए जाने की जानकारी दी गई है। 

देश के कई हवाई अड्डों पर भी सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के कारण ऐसे प्रतिबंध लागू किए जाते हैं।

 मिलनी चाहिए और परिवहन व्यवस्था में भेदभाव नहीं होना चाहिए।

एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से पूर्व में सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को देखते हुए टोटो एवं ई-रिक्शा के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाए जाने की जानकारी दी गई है। 

देश के कई हवाई अड्डों पर भी सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के कारण ऐसे प्रतिबंध लागू किए जाते हैं।

हालांकि यात्रियों का कहना है कि यदि सुरक्षा कारणों से टोटो को अंदर आने की अनुमति नहीं दी जा सकती, 

तो एयरपोर्ट प्रशासन को बैटरी चालित शटल सेवा, सामान ढोने की अतिरिक्त व्यवस्था या निकट पिक-अप प्वाइंट उपलब्ध कराना चाहिए, ताकि यात्रियों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।

संवाददाता अमन कुमार मिश्र रिपोर्ट।

तेहरान/ईरान संसद अध्यक्ष गालिबाफ की अमेरिका को चेतावनी।

तेहरान/ईरान संसद अध्यक्ष गालिबाफ की अमेरिका को चेतावनी।

अगर अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई की, तो ईरान कड़ा जवाब देने को तैयार गालिबाफ ने दिया सख्त संकेत।

तेहरान,

2 जून 2026, ईरान की संसद (मजलिस) के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने अमेरिका को सख्त संदेश देते हुए कहा है, 

कि अगर वॉशिंगटन ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई करता है, तो उसका “कड़ा और निर्णायक जवाब” दिया जाएगा।


गालिबाफ ने अपने हालिया बयान में कहा कि क्षेत्र में बढ़ता तनाव और पश्चिमी देशों की गति विधियाँ किसी भी समय टकराव को जन्म दे सकती हैं। 

उन्होंने संकेत दिया कि ईरान अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।

उन्होंने यह भी कहा कि “हर कार्रवाई की कीमत होती है” और अगर अमेरिका या उसके सहयोगी कोई सैन्य कदम उठाते हैं, तो ईरान इसे जवाब देने में देर नहीं करेगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच पहले से ही क्षेत्रीय तनाव और बातचीत दोनों जारी हैं।

नई दिल्ली। 2 जून भारत-ओमान सी ई पी ए लागू: भारतीय निर्यात को मिली बड़ी राहत, 98% टैरिफ लाइनों पर जीरो ड्यूटी।

नई दिल्ली। 2 जून भारत-ओमान सी ई पी ए लागू: भारतीय निर्यात को मिली बड़ी राहत, 98% टैरिफ लाइनों पर जीरो ड्यूटी।

भारत और ओमान व्यापारिक समझौता 

नई दिल्ली, 2 जून। भारत और Oman के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) लागू हो गया है। इस ऐतिहासिक व्यापार समझौते के तहत ओमान ने भारतीय उत्पादों को अपने बाजार में 98.08 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शून्य शुल्क (Zero Duty) की सुविधा प्रदान की है, जिससे भारत के 99.38 प्रतिशत निर्यात मूल्य को सीधा लाभ मिलेगा।


इस समझौते से वस्त्र, चमड़ा, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग उत्पाद, दवाइयाँ, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। पहले इन उत्पादों पर ओमान में 5 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगता था, जो अब समाप्त हो जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाएगा और खाड़ी क्षेत्र में भारत की आर्थिक उपस्थिति को और मजबूत करेगा। साथ ही सेवाओं, निवेश और पेशेवरों की आवाजाही के नए अवसर भी खुलेंगे।

भारत ने भी बदले में ओमान के लिए लगभग 77.79 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर रियायत देने का निर्णय लिया है, जिससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को नई गति मिलने की संभावना है।

विशेष: यह समझौता भारत की "एक्ट वेस्ट" नीति को मजबूती देने के साथ-साथ मध्य-पूर्व और अफ्रीकी बाजारों तक भारतीय उत्पादों की पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कोलकाता, 2 जून: पश्चिम बंगाल शिक्षा विभाग पर सस्पेंस बरकरार, सरकार ने नहीं किया आधिकारिक ऐलान।

कोलकाता, 2 जून: पश्चिम बंगाल शिक्षा विभाग पर सस्पेंस बरकरार, सरकार ने नहीं किया आधिकारिक ऐलान।
विकास भवन: राज्य सरकार ने अभी तक स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग के नए मंत्री के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

कोलकाता, 2 जून: पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए बड़े कैबिनेट विस्तार के बाद भी शिक्षा विभाग को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है। राज्य सरकार ने अभी तक स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग के नए मंत्री के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि वरिष्ठ भाजपा नेता Swapan Dasgupta को शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी मिल सकती है। हालांकि सरकार की ओर से इस संबंध में कोई औपचारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।

दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल सरकार की उपलब्ध मंत्री सूची के अनुसार फिलहाल स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा समेत कई महत्वपूर्ण विभाग मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari के पास हैं। आधिकारिक दस्तावेज में स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग का प्रभार मुख्यमंत्री के नाम दर्ज है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हालिया कैबिनेट विस्तार के बाद विभागों का अंतिम बंटवारा चरणबद्ध तरीके से घोषित किया जा सकता है। ऐसे में शिक्षा विभाग को लेकर चल रही अटकलों पर सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही पूर्ण विराम लगे ।

नई दिल्ली। सार्वजनिक स्थलों पर नमाज़ को लेकर फिर छिड़ी बहस, हाईकोर्ट की टिप्पणी का हुआ जिक्र।

नई दिल्ली। सार्वजनिक स्थलों पर नमाज़ को लेकर फिर छिड़ी बहस, हाईकोर्ट  की टिप्पणी का हुआ जिक्र।

हाईकोर्ट पर टिप्पणी करना मुर्खतापूर्ण बातें करने के बराबर है।

नई दिल्ली, 2 जून 2026।

सार्वजनिक स्थलों और सड़कों पर नमाज़ अदा करने के मुद्दे पर एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। हाल के दिनों में विभिन्न नेताओं के बयानों के बीच इस विषय पर हाइकोर्ट की पूर्व टिप्पणियों का भी उल्लेख किया जा रहा है।‌

हाई Court ने अतीत में सार्वजनिक स्थानों के उपयोग को लेकर कहा था कि सड़कें और सार्वजनिक मार्ग आम जनता की आवाजाही के लिए होते हैं तथा किसी भी गतिविधि के कारण लोगों को अनावश्यक असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसी संदर्भ में कई बार सड़कों पर धार्मिक आयोजनों और नमाज़ के आयोजन को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए धार्मिक आयोजनों के लिए निर्धारित स्थानों और आवश्यक अनुमति की व्यवस्था की जाती है। उनका तर्क है कि सार्वजनिक मार्ग बाधित होने से यातायात और दैनिक जीवन प्रभावित हो सकता है।

वहीं, विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों का कहना है कि धार्मिक स्वतंत्रता संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार है, लेकिन इसके साथ सार्वजनिक व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं का संतुलन बनाए रखना भी आवश्यक है।

इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच भी मतभेद देखने को मिल रहे हैं। कुछ नेता सख्त नियमों की वकालत कर रहे हैं, जबकि अन्य सभी धर्मों के आयोजनों के लिए समान मानदंड लागू करने की बात कह रहे हैं।

नई दिल्ली। ओवैसी का विवादित भाषण, विरोधियों ने किया भड़काऊ करार।

नई दिल्ली। ओवैसी का विवादित भाषण, विरोधियों ने किया भड़काऊ करार।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा था कि सार्वजनिक स्थलों पर नमाज पढ़ने  से आम नागरिकों को तकलीफ़ होती है।

नई दिल्ली, 2 जून 2026:

एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में एक सार्वजनिक भाषण दिया, जिसे लेकर राजनीतिक हलकों में भारी चर्चा हो रही है। 

भाषण में ओवैसी ने सड़क पर नमाज़ पढ़ने को लेकर उठ रहे विवाद पर बात करते हुए कहा कि यदि इसे गलत माना जाता है, तो सार्वजनिक जगहों पर होने वाले अन्य धार्मिक आयोजनों पर भी समान नियम लागू होने चाहिए। 

उन्होंने इसे “दोहरा मापदंड” बताते हुए संविधान के अनुच्छेद 25 का हवाला दिया।

ओवैसी के इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने इसे भड़काऊ भाषण करार दिया है। 

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे बयान सामाजिक और धार्मिक संवेदनाओं को भड़का सकते हैं। 

वहीं, ओवैसी के समर्थकों का कहना है कि उनका मकसद धार्मिक समानता और संविधान के अधिकारों की रक्षा को उजागर करना था।

हालांकि, प्रशासन ने अभी तक कोई आधिकारिक कार्रवाई नहीं की है। 

लेकिन इससे पहले भी ओवैसी के भाषणों को लेकर नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

सियासी माहौल में इस भाषण ने नई बहस को जन्म दिया है और आने वाले दिनों में इसकी गूंज राजनीतिक और सामाजिक मंचों पर सुनाई दे सकती है।

वॉशिंगटन/तेहरान, एजेंसी।अमेरिका का बड़ा दावा: ईरान के गोरक और केशम द्वीप पर ड्रोन साइटों को बनाया निशाना।

वॉशिंगटन/तेहरान, एजेंसी।अमेरिका का बड़ा दावा: ईरान के गोरक और केशम द्वीप पर ड्रोन साइटों को बनाया निशाना।

गोरक और केशम द्वीप।

ईरान के ड्रोन ठिकानों पर अमेरिकी वार।

गोरक और केशम द्वीप बने निशाना, मध्य पूर्व में बढ़ी हलचल।

गोरक और केशम द्वीप: अमेरिका के अनुसार इन्हीं क्षेत्रों में।

स्थित ड्रोन ठिकानों पर कार्रवाई की गई, जिससे क्षेत्रीय तनाव एक बार फिर सुर्खियों में आ गया

मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव, अमेरिकी कार्रवाई से क्षेत्रीय सुरक्षा पर नई बहस।

वॉशिंगटन/तेहरान, एजेंसी।

अमेरिका ने दावा किया है कि उसने ईरान के गोरक और केशम द्वीपों पर स्थित ड्रोन साइटों को निशाना बनाया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई क्षेत्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा और संभावित खतरों को रोकने के उद्देश्य से की गई।

सूत्रों के मुताबिक, हमले का लक्ष्य ड्रोन संचालन से जुड़े ठिकाने थे। अमेरिका का कहना है कि कार्रवाई के दौरान सैन्य लक्ष्यों को ही निशाना बनाया गया और नागरिक नुकसान से बचने की पूरी कोशिश की गई।

दूसरी ओर, ईरान की ओर से इस दावे पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। स्थानीय मीडिया में सुरक्षा एजेंसियों द्वारा हालात की निगरानी और नुकसान के आकलन की खबरें सामने आई हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के बाद मध्य पूर्व में पहले से मौजूद तनाव और बढ़ सकता है। दोनों देशों के बीच हाल के वर्षों में सैन्य गतिविधियों और ड्रोन कार्यक्रमों को लेकर कई बार टकराव की स्थिति बन चुकी है।

मुख्य बातें:-

अमेरिका ने गोरक और केशम द्वीपों की ड्रोन साइटों को निशाना बनाने का दावा किया।

कार्रवाई को क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ा कदम बताया गया।

ईरान की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार।

मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंका।

सुरक्षा विशेषज्ञों ने हालात पर करीबी नजर रखने की सलाह दी।

नई दिल्ली।उप राष्ट्रपति। युवाओं तक सही खबर न पहुंची तो वे गलत सूचना की ओर जा सकते हैं।

 भारतीय रेलवे कुली समाचार पत्र देश विदेश समाचार 

मंगलवार 2 जून 2026 नई दिल्ली।

उप राष्ट्रपति। युवाओं तक सही खबर न पहुंची तो वे गलत सूचना की ओर जा सकते हैं।
उप राष्ट्रपति ने पत्रकारों को नसीहत दी।
रिपोर्ट: विशेष संवाददाता अमन कुमार मिश्र 
नई दिल्ली: देश के उप राष्ट्रपति ने मीडिया और पत्रकारिता की भूमिका पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा है कि यदि युवाओं तक सही और प्रमाणिक समाचार नहीं पहुंचेंगे, तो वे गलत या अपुष्ट सूचनाओं को अपनाने लगेंगे।


उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में सूचना का प्रवाह बहुत तेज हो गया है, लेकिन इसकी सत्यता की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है। उप राष्ट्रपति ने जोर देते हुए कहा कि पत्रकारों और मीडिया संस्थानों को चाहिए कि वे समाज तक केवल जांची-परखी और संतुलित खबरें ही पहुंचाए।
उन्होंने यह भी कहा कि गलत सूचना (Fake News) समाज में भ्रम पैदा कर सकती है और युवा पीढ़ी को दिशा से भटका सकती है। ऐसे में मीडिया की भूमिका केवल सूचना देने तक सीमित नहीं है, बल्कि सत्य को स्थापित करने की भी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया के दौर में गलत खबरें तेजी से फैलती हैं, इसलिए जिम्मेदार पत्रकारिता पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गई है।
आज के समय में सूचना शक्ति बन चुकी है। ऐसे में मीडिया पर यह जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वह समाज को सही दिशा दे।
                                   (संवाददाता)अमन कुमार मिश्र