वाशिंगटन एजेंसी: अमेरिका खार्ग द्वीप पर कब्जा करने की कोशिश कर सकता है,अटकल, प्रोपेगैंडा या भ्रामक रिपोर्टिंग भी हो सकती हैं।

वाशिंगटन एजेंसी: अमेरिका खार्ग द्वीप पर कब्जा करने की कोशिश कर सकता है। अटकल, प्रोपेगैंडा या भ्रामक रिपोर्टिंग भी हो सकती हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा अटकल,प्रोपगैंडा
अटकल, प्रोपेगैंडा या भ्रामक रिपोर्टिंग भी हो सकती हैं।जब तक इसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मीडिया या आधिकारिक बयान से पुष्टि न मिले, इसे सच मानना सही नहीं होगा।

खार्ग द्वीप (Kharg Island) ईरान का एक बेहद महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र है। यह द्वीप ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए रणनीतिक रूप से बहुत अहम है।


अमेरिका और ईरान के बीच तनाव समय-समय पर बढ़ता रहता है, लेकिन अभी तक कोई विश्वसनीय, मुख्यधारा के स्रोत यह नहीं कहते कि अमेरिका खार्ग द्वीप पर कब्जा करने की योजना बना रहा है।

अमेरिका सच में कब्जा करने की कोशिश कर सकता है ?

संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा किसी दूसरे देश के ऐसे महत्वपूर्ण इलाके पर सीधे कब्जा करना अंतरराष्ट्रीय कानून और युद्ध के बड़े खतरे से जुड़ा होगा। ऐसा कदम आम तौर पर तभी संभव होता है जब: खुला युद्ध चल रहा हो, या बहुत गंभीर सैन्य टकराव हो।

वाशिंगटन एजेंसी: ईरान में बढ़ते तनाव और सुरक्षा खतरे के कारण अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी।

वाशिंगटन एजेंसी : ईरान में बढ़ते तनाव और सुरक्षा खतरे के कारण अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय जिसे डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट कहा गया है।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय जिसे 'स्टेट आफ डिपार्टमेंट' भी कहा जाता है,1789 में स्थापित यह विभाग विदेशी सरकारों के साथ संबंधों, राजनयिक मिशनों (दूतावासों) और वीजा सेवाओं का प्रबंधन करता है। वर्तमान में (2026),मार्को रुबियो इसके विदेश मंत्री है।
मुख्य कारण:- अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव और टकराव बढ़ गया है। अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले (या संभावित हमले) और उसके जवाब में ईरान की प्रतिक्रिया (मिसाइल/ड्रोन हमले) पूरे मिडिल ईस्ट में सुरक्षा जोखिम, हवाई यात्रा बाधित, और अचानक हिंसा का खतरा इन कारणों से अमेरिकी सरकार ने अपने नागरिकों को कहा है। तुरंत देश छोड़ दें” (यदि सुरक्षित रूप से संभव हो) U.S. Department of State (अमेरिकी विदेश मंत्रालय) ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह/चेतावनी दी है। यह आदेश हाल के बढ़ते तनाव और सुरक्षा खतरे के कारण जारी किया गया है।
अगर निकलना संभव न हो, तो सुरक्षित जगह पर रहें और सतर्क रहें।
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की है, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया।
इसी कारण मिडिल ईस्ट के कई देशों (जिसमें ईरान भी शामिल है) से अमेरिकियों को निकलने की सलाह दी गई।
कई देशों (भारत, जर्मनी आदि) ने भी अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने को कहा है।
यह कोई सामान्य सलाह नहीं है, बल्कि उच्च स्तर की सुरक्षा चेतावनी है।
इसका मतलब यह है कि स्थिति अस्थिर और खतरनाक मानी जा रही है, इसलिए नागरिकों को जल्द से जल्द बाहर निकलने को कहा जा रहा है।


बिहार/बेगुसराय/बरौनी/सोकहारा: चैत्र शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि को मां महागौरी की पूजा अर्चना की जाती है।

बिहार/बेगुसराय/बरौनी/सोकहारा: चैत्र शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि को मां महागौरी की पूजा अर्चना की जाती है।

सोकहारा वाटिका चौक 

चैत्र शुक्ल पक्ष नवरात्रि महाअष्टमी पूजा महोत्सव एक महत्वपूर्ण हिन्दू पर्व है, जो विशेष रूप से देवी दुर्गा की पूजा से जुड़ा हुआ है। यह पूजा नवरात्रि के आठवें दिन, यानी महाअष्टमी के दिन की जाती है, जो चैत्र माह के शुक्ल पक्ष में आता है। नवरात्रि का पर्व खासतौर पर शारदीय नवरात्रि (अक्टूबर) और चैत्र माह के नवरात्रि (मार्च-अप्रैल) के दौरान मनाया जाता है।

महाअष्टमी विशेष रूप से दुर्गा माँ की पूजा का दिन होता है, जिसमें विशेष रूप से उनकी शक्तियों का वंदन किया जाता है। यह दिन देवी दुर्गा के शेर पर सवार होने और असुरों का वध करने की याद दिलाता है। इस दिन विशेष पूजा, व्रत, और साधना की जाती है। इसे "महाकाली" या "महासप्तमी" भी माना जाता है, क्योंकि इस दिन देवी दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए विशेष मंत्रों का उच्चारण और पूजा विधियाँ होती हैं।
माँ की नौ रूपों में पूजा:- नवरात्रि के आठवें दिन देवी दुर्गा के आठ रूपों की पूजा होती है, जैसे महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती आदि।
हवन करना या आग में विशेष घी और तिल डालकर देवी को अर्पित करना शुभ माना जाता है।
इस दिन विशेष रूप से "दुर्गा सप्तशती" के पाठ का महत्व है, साथ ही "मंत्र: "ॐ दुं दुर्गायै नमः" का जाप भी किया जाता है। यह मंत्र देवी दुर्गा की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यधिक प्रभावशाली माना जाता है।
महाअष्टमी का दिन देवी के रौद्र रूप, जो असुरों का वध करती हैं, को मान्यता देता है। यह दिन विशेष रूप से शत्रु के नाश और बुराई से मुक्ति के लिए उपयुक्त माना जाता है।
चैत्र नवरात्रि शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि 2026 के बारे में सही जानकारी इस प्रकार है ?

अष्टमी तिथि (Durga Ashtami 2026) तिथि प्रारंभ: 25 मार्च 2026 को दोपहर लगभग 2:05 बजे तिथि समाप्त: 26 मार्च 2026 को लगभग 12:00 बजे (दोपहर) उदया तिथि (सूर्योदय के अनुसार) के आधार पर अष्टमी व्रत और पूजन – 26 मार्च 2026 (गुरुवार) को किया जाएगा।

शुभ मुहूर्त (पूजा समय) अष्टमी पूजा के लिए श्रेष्ठ समय:सुबह से दोपहर तक (उदयकाल से) — सबसे शुभ माना जाता है विशेष संधि पूजा मुहूर्त:-सुबह 11:24 बजे से 12:12 बजे तक
यह समय अष्टमी और नवमी के संधिकाल का होता है, जिसे बहुत ही पवित्र माना जाता है।
अष्टमी तिथि: 25 मार्च दोपहर → 26 मार्च दोपहर
पूजा/व्रत: 26 मार्च 2026 सबसे शुभ समय: सुबह से दोपहर + संधि मुहूर्त (11:24–12:12) चैत्र शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि नवरात्रि अष्टमी पूजा !
चैत्र शुक्ल पक्ष अष्टमी (नवरात्रि अष्टमी / दुर्गा अष्टमी) हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है, जिसे मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा के लिए समर्पित माना जाता है।

यह दिन उदय तिथि के अनुसार अष्टमी पूजा के लिए मान्य है।
अष्टमी पूजा का महत्व:- इस दिन मां दुर्गा के 8वें स्वरूप — महागौरी की पूजा होती है।मान्यता है कि इस दिन पूजा करने से: पापों का नाश होता है।सुख-समृद्धि आती है।मन की इच्छाएं पूर्ण होती हैं।
पूजा का शुभ समय,सबसे उत्तम समय:-सूर्योदय से लेकर दोपहर तक (विशेषकर मध्याह्न काल) विशेष संधि पूजा मुहूर्त:
लगभग 11:24 AM से 12:12 PM यह समय अष्टमी और नवमी के मिलन का पवित्र काल होता है।अष्टमी पूजा विधि (सरल तरीके से) सुबह स्नान करके साफ वस्त्र पहनें। पूजा स्थान पर मां दुर्गा की प्रतिमा/चित्र स्थापित करें।गंगाजल से शुद्धि करें,फूल, रोली, चावल, धूप-दीप अर्पित करें। दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा का पाठ करें,नैवेद्य (हलवा-पूरी, चना) अर्पित करें,आरती करें और प्रसाद बांटें कन्या पूजन (कंजक) 2 से 9 वर्ष की कन्याओं को देवी का रूप मानकर पूजते हैं। उन्हें हलवा, पूरी, चना खिलाएं चुनरी, दक्षिणा दें
इसे करने से विशेष पुण्य मिलता है।
खास बात:-बहुत से लोग अष्टमी या नवमी में से किसी एक दिन कन्या पूजन करते हैं। अष्टमी का दिन अधिक लोकप्रिय और शुभ माना जाता है।


नई दिल्ली:चैत्र मास शुक्ल पक्ष सप्तमी को माँ दुर्गा के सातवें स्वरूप माँ कालरात्रि की पूजा की जाती है।

चैत्र मास शुक्ल पक्ष सप्तमी को माँ दुर्गा के सातवें स्वरूप माँ कालरात्रि की पूजा की जाती है। 

यह दिन नवरात्रि का सातवाँ दिन होता है, जिसे विशेष रूप से शक्ति और नकारात्मक शक्तियों के नाश के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

माँ कालरात्रि पूजा का महत्व:-

माँ कालरात्रि को भय, रोग और शत्रुओं का नाश करने वाली देवी माना जाता है।

इनके पूजन से जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं और साहस व आत्मबल बढ़ता है।

यह रूप अज्ञान और अंधकार को समाप्त कर ज्ञान का प्रकाश देता है।

पूजा का शुभ समय (सामान्य मार्गदर्शन):-

सप्तमी तिथि में प्रातःकाल या रात्रि में विशेष पूजा का महत्व होता है।

कालरात्रि पूजा अक्सर रात्रि (निशीथ काल) में करना अधिक शुभ माना जाता है।

पूजा विधि:-

सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें।

पूजा स्थल को साफ कर माँ दुर्गा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।

माँ कालरात्रि को गुड़, जौ या काले चने का भोग लगाएँ।

लाल या पीले फूल अर्पित करें।

दीपक जलाकर दुर्गा सप्तशती या मंत्रों का पाठ करें।

मंत्र:-ॐ देवी कालरात्र्यै नमः।

एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।

लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥

विशेष ध्यान:-

पूजा में मन की शुद्धता और श्रद्धा सबसे महत्वपूर्ण है।

रात्रि पूजा करते समय दीपक अवश्य जलाएं और शांत वातावरण रखें।

तिथि (2026)

चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत 19 मार्च 2026 से हुई है

उसके अनुसार शुक्ल सप्तमी (कालरात्रि पूजा)  25 मार्च 2026 (बुधवार) को पड़ती है।

सप्तमी तिथि समय (बरौनी/ सोकहारा के आसपास)

(पंचांग अनुसार अनुमानित)

सप्तमी तिथि शुरू: 24 मार्च 2026 शाम लगभग 4:07 बजे के बाद

सप्तमी तिथि समाप्त: 25 मार्च 2026 शाम तक

इसलिए 25 मार्च को पूरे दिन सप्तमी पूजा मान्य है

कालरात्रि पूजा का शुभ समय:-

प्रातः पूजा: सूर्योदय के बाद (लगभग 6:15 – 10:00 बजे तक)

सर्वश्रेष्ठ समय: रात्रि पूजा (निशीथ काल)

रात लगभग 11:45 बजे से 12:30 बजे (मध्यरात्रि के आसपास)

विशेष योग (इस दिन):-

छोटी भगवती दुर्गा स्थान बरौनी 

इस दिन गजकेसरी योग और सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे शुभ योग भी बन रहे हैं

इसलिए पूजा का फल और भी अधिक शुभ माना जाता है

 सरल निष्कर्ष:-

 दिन: 25 मार्च 2026 (बुधवार)

देवी: माँ कालरात्रि (सातवाँ दिन)

श्रेष्ठ समय: रात्रि (मध्यरात्रि पूजा)।

नई दिल्ली: मोदी सरकार में भ्रष्टाचार कांग्रेस की सरकार से ज्यादा है।

नई दिल्ली: मोदी सरकार में भ्रष्टाचार कांग्रेस की सरकार से ज्यादा।

एन डी ए की सरकार में सभी नेता खरबपति हैं चुनाव से पहले जीरो बंटा जीरो।

नई दिल्ली: केन्द्रीय चुनाव के समय में एक ही नारा था हर-हर मोदी,घर-घर मोदी लेकिन अभी के नारे हैं। हर-हर मोदी घर- घर ग़रीबी।

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र दामोदरदास मोदी।
आम जनता का नारा हर-हर मोदी घर घर ग़रीबी।
भारत में बेरोजगारी 70% है फिर भी भारत की 30% जनता मोदी-मोदी कर रहे हैं लेकिन 70% बेरोजगारी झेलने वाले ने हर-हर मोदी घर-घर मोदी बोलना छोड़ दिया।
मोदी सरकार में भ्रष्टाचार कांग्रेस की सरकार से ज्यादा है।
सबसे ज्यादा प्रभावित जनता को करने वाले प्रथम नेता नरेंद्र दामोदर दास मोदी। वर्तमान भारत के प्रधानमंत्री के पद पर आसीन हैं। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी पर टीका-टिप्पणी करते हैं गांधी परिवारवाद करता है। आम जनता का कहना है कि मोदी के पार्टी में परिवारवाद भयंकर रूप से हो रहा है अभी मोदी को दिखना चाहिए की कौन परिवारवाद करता है।

यह एक राजनीतिक आरोप/राय है, न कि कोई स्थापित तथ्य। ऐसे बयानों को समझते समय थोड़ा संदर्भ ज़रूरी होता है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Congress) दोनों पर अलग-अलग समय में भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं।
नरेंद्र मोदी की सरकार (2014 के बाद) खुद को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त बताती है, जबकि विपक्ष कई मामलों में आरोप लगाता रहा है।
दूसरी ओर, मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार (2004–2014) के दौरान भी 2G, कोयला आदि जैसे बड़े घोटाले चर्चा में रहे थे। असलियत क्या है? “किस सरकार में ज्यादा भ्रष्टाचार है” -यह मापना बहुत कठिन है, क्योंकि: हर मामले की प्रकृति अलग होती है। कई आरोप साबित नहीं होते हैं।राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहते हैं। कैसे समझें? विश्वसनीय रिपोर्ट्स (जैसे CAG, कोर्ट के फैसले) देखें, मीडिया रिपोर्ट्स को क्रॉस-चेक करें।सिर्फ बयान के आधार पर निष्कर्ष न निकालें।

संक्षेप में: यह दावा एक राजनीतिक दृष्टिकोण है, न कि सार्वभौमिक रूप से सिद्ध सच्चाई।
मैं दोनों सरकारों के प्रमुख भ्रष्टाचार मामलों की तुलना करके विस्तार से समझा सकता चलिए तथ्यों और प्रमुख मामलों के आधार पर तुलना करके समझते हैं—बिना किसी राजनीतिक पक्षपात के।

1.भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (UPA सरकार: 2004–2014)
इस दौर में कुछ बड़े घोटाले काफी चर्चा में रहे हैं।
प्रमुख मामले:-
2G स्पेक्ट्रम घोटाला (2008) टेलीकॉम लाइसेंस आवंटन में कथित गड़बड़ी कोयला आवंटन घोटाला (Coalgate)
कोयला ब्लॉकों के आवंटन में अनियमितताएँ कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाला (2010) कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 से जुड़े खर्चों में भ्रष्टाचार के आरोप हैं।

इन मामलों में:-CAG ने बड़े पैमाने पर संभावित नुकसान का अनुमान लगाया,कई नेताओं/अधिकारियों पर जांच हुई।कुछ मामलों में बाद में अदालतों ने सबूतों की कमी के कारण बरी भी किया।
2.भारतीय जनता पार्टी (NDA सरकार: 2014–वर्तमान) इस दौर में भी कई विवाद और आरोप सामने आए:

प्रमुख आरोप/विवाद:-राफेल डील विवाद (2018) फ्रांस से लड़ाकू विमान खरीद में पारदर्शिता पर सवाल PMC बैंक घोटाला (2019) बैंकिंग अनियमितता (हालांकि यह सीधे केंद्र सरकार का घोटाला नहीं था) इलेक्टोरल बॉन्ड योजना राजनीतिक फंडिंग की पारदर्शिता को लेकर सवाल कुछ राज्य-स्तरीय घोटाले (जैसे खनन, भर्ती आदि)।

इन मामलों में:-सुप्रीम कोर्ट ने राफेल मामले में सरकार को क्लीन चिट दी । इलेक्टोरल बॉन्ड पर पारदर्शिता को लेकर लगातार बहस और कानूनी चुनौती रही है।
3. मुख्य अंतर (सरल भाषा में)
पहलू कांग्रेस (UPA) भाजपा (NDA)
बड़े “घोटालों” की धारणा बहुत बड़े और हाई-प्रोफाइल अपेक्षाकृत कम बड़े, पर विवाद मौजूद जांच/निष्कर्ष कई मामलों में सबूत कमजोर निकले कई मामलों में आरोप, पर सीमित कानूनी दोष सिद्ध राजनीतिक नैरेटिव “घोटालों की सरकार” “भ्रष्टाचार पर सख्ती” vs “पारदर्शिता पर सवाल”
निष्कर्ष:-
दोनों ही सरकारों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं।कांग्रेस काल में “बड़े घोटालों” की छवि ज्यादा बनी,मोदी सरकार में “कम बड़े घोटाले” लेकिन नीतिगत पारदर्शिता पर बहस ज्यादा रही है।
किसमें ज्यादा भ्रष्टाचार है, यह कहना अभी भी व्यक्तिगत और राजनीतिक दृष्टिकोण पर निर्भर करता है।



बिहार बेगुसराय बरौनी सोकहारा: षष्ठी तिथि को मां कात्यायनी की पुजा कुवांरी लड़की पुजा अर्चना सच्चे मन से करेंगे तो अच्छे वर की प्राप्ति होगी।

बिहार/बेगुसराय/बरौनी/सोकहारा: षष्ठी तिथि को मां कात्यायनी की पुजा कुवांरी लड़की पुजा अर्चना सच्चे मन से करेंगे तो अच्छे वर की प्राप्ति होगी।

भारतीय कुंवारी लड़कियां मां कात्यायनी देवी की पुजा अर्चना कर अच्छे वर की प्राप्ति करें।

षष्ठी तिथि पर मां कात्यायनी की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। यह नवरात्रि का छठा दिन होता है, जिसमें देवी के इस रूप की आराधना करने से साहस, शक्ति और विवाह संबंधी बाधाओं का निवारण होता है।

मां कात्यायनी की लगातार पूजा (षष्ठी तिथि पर कैसे करें) यदि आप लगातार (नियमित) पूजा करना चाहते हैं, तो यह विधि अपनाएं:-

सुबह की शुरुआत,प्रातः स्नान कर स्वच्छ (पीले या लाल) वस्त्र पहनें,पूजा स्थान को साफ करें और गंगाजल छिड़कें,देवी का ध्यान और आवाहन,मां कात्यायनी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।दीपक (घी का) और धूप जलाएं हाथ जोड़कर ध्यान करें और प्रार्थना करें।

मंत्र जाप:"ॐ देवी कात्यायन्यै नमः"इस मंत्र का 108 बार जाप करें।

भोग और अर्पण:-शहद (हनी) का भोग विशेष प्रिय माना जाता है।साथ में फल, फूल (खासकर लाल/पीले) अर्पित करें।

आरती और प्रार्थना:-आरती करें और अपनी मनोकामना बोलें

दिनभर संयम और सकारात्मक विचार रखें।लगातार पूजा के लाभ विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।आत्मविश्वास और साहस बढ़ता है। नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।

नवरात्रि के 9 दिन माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा के लिए बेहद पवित्र माने जाते हैं। यहाँ पूरी नवरात्रि पूजा विधि, 9 दिन की देवी, मंत्र, सामग्री और व्रत नियम विस्तार से दिए गए हैं: 

नवरात्रि पूजा की सामान्य विधि (हर दिन)सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें,पूजा स्थान पर माँ दुर्गा की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।

कलश स्थापना (घट स्थापना) पहले दिन करें। दीपक जलाएँ (घी का दीपक श्रेष्ठ)माँ को रोली, चावल, फूल, धूप, नैवेद्य अर्पित करें।दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।

अंत में आरती करें: 9 दिन – 9 देवियाँ, मंत्र और विशेषता:

दिन1–माँ शैलपुत्रीभोग: घी,मंत्र: ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः महत्व: जीवन में स्थिरता और शक्ति।

दिन 2 – माँ ब्रह्मचारिणी,भोग: शक्कर,मंत्र: ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः महत्व: तप, संयम और ज्ञान।

दिन 3 मां चंद्रघंटा:-भोग: दूध या खीर,मंत्र: ॐ देवी चंद्रघंटायै नमः।महत्व: साहस और शांति

दिन 4 – माँ कूष्मांडा:-भोग: मालपुआ,मंत्र: ॐ देवी कूष्मांडायै नमः।महत्व: स्वास्थ्य और ऊर्जा।

दिन 5 – माँ स्कंदमाता:-भोग: केले,मंत्र: ॐ देवी स्कंदमातायै नमः।महत्व: मातृत्व और करुणा।

दिन 6 – माँ कात्यायनी:-भोग: शहद,मंत्र: ॐ देवी कात्यायन्यै नमः।महत्व: विवाह और शक्ति।

दिन 7 – माँ कालरात्रि:-भोग: गुड़,मंत्र: ॐ देवी कालरात्र्यै नमः।महत्व: भय का नाश।

दिन 8 महागौरी :- भोग: नारियल,मंत्र: ॐ देवी महागौर्यै नम।महत्व: शुद्धता और सौभाग्य।

दिन 9 – माँ सिद्धिदात्री:-भोग: तिल,मंत्र: ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नम,महत्व: सिद्धि और सफलता।

आवश्यक पूजा सामग्री:-कलश, नारियल, आम के पत्ते,रोली, चावल, मौली, फूल (विशेषकर लाल) धूप, दीपक, कपूर,फल और मिष्ठान।

गंगाजल:- व्रत के नियम:-सात्विक भोजन करें (लहसुन-प्याज नहीं) फलाहार या एक समय भोजन (जैसे साबूदाना, कुट्टू, सिंघाड़ा) नमक में सेंधा नमक का उपयोग करें।क्रोध, झूठ और नकारात्मक विचारों से बचें।ब्रह्मचर्य का पालन करें रोज़ पूजा और मंत्र जाप करें।

अष्टमी/नवमी विशेष कन्या पूजन (कंजक) करें। 9 छोटी कन्याओं को भोजन कराएँ।उन्हें उपहार/दक्षिणा दें।




बिहार/बेगुसराय/बरौनी:नवरात्रि में कुछ सरल लेकिन प्रभावी टोटके/उपाय किए जाते हैं, जिन्हें माँ दुर्गा की कृपा पाने और जीवन की समस्याओं को दूर करने के लिए विशेष माना जाता है। यहाँ प्रमुख उपाय दिए गए हैं।

बिहार/बेगुसराय/बरौनी:नवरात्रि में कुछ सरल लेकिन प्रभावी टोटके/उपाय किए जाते हैं, जिन्हें माँ दुर्गा की कृपा पाने और जीवन की समस्याओं को दूर करने के लिए विशेष माना जाता है। यहाँ प्रमुख उपाय दिए गए हैं।

माता के सभी रूपों का वर्णन संक्षिप्त विवरण एवं टोटके दिए गए हैं।

नवरात्रि के विशेष टोटके/उपाय:-

1.धन प्राप्ति के लिए नवरात्रि में रोज़ माँ के सामने घी का दीपक जलाएँ। एक लाल कपड़े में 11 या 21 रुपए बाँधकर मंदिर में रखें।नवमी के दिन इसे अपने धन स्थान (तिजोरी) में रखें माना जाता है कि इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

2.नज़र दोष दूर करने के लिए:- 7 लाल मिर्च और एक नींबू लेकर अपने ऊपर से 7 बार उतारें
इसे किसी सुनसान जगह या चौराहे पर फेंक दें। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है
3.मनोकामना पूर्ति के लिए:-रोज़ माँ को लाल फूल अर्पित करें “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे” मंत्र का 108 बार जाप करें।यह मंत्र माँ चामुंडा को प्रसन्न करता है
घर में सुख-शांति के लिए घर के मुख्य दरवाजे पर आम के पत्तों का तोरण लगाएँ। रोज़ शाम को कपूर से पूरे घर में आरती करें। इससे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
5.नौकरी/व्यापार में सफलता के लिए नवरात्रि में माँ को पान का पत्ता अर्पित करें। पान में लौंग और इलायची रखें,इसे अगले दिन अपने कार्यस्थल पर रखें। इससे काम में रुकावटें दूर होती हैं।
6.विवाह के लिए उपाय 5 वें या 6वें दिन माँ कात्यायनी की पूजा करें,“ॐ कात्यायनी महामाये…” मंत्र का जाप करें,विवाह में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं।
7. डर और बाधा दूर करने के लिए 7 वें दिन माँ कालरात्रि को गुड़ का भोग लगाएँ,रात में दीपक जलाकर हनुमान चालीसा पढ़ें,भय और नकारात्मक शक्तियाँ दूर होती हैं।
8. विशेष अष्टमी उपाय:-अष्टमी के दिन 9 कन्याओं को भोजन कराएँ,उन्हें लाल चुनरी, चूड़ी, मिठाई दें।

इसे बहुत शुभ माना जाता है। टोटके करते समय मन साफ और सकारात्मक रखें,किसी का बुरा सोचकर उपाय न करें।श्रद्धा और विश्वास सबसे महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली:ईरान को समर्थन देने वाले देश कौन कौन है।

नई दिल्ली:ईरान को समर्थन देने वाले देश कौन कौन है।
।।ईरान और अमेरिका को समर्थन करने वाले देश।।

ईरान को समर्थन देने वाले देश:-

ईरान को आमतौर पर ये देश या समूह समर्थन देते हैं:-रूस –रणनीतिक और सैन्य सहयोग,चीन – आर्थिक और राजनीतिक समर्थन,सीरिया – मध्य पूर्व में करीबी सहयोगी,हिज़्बुल्लाह (लेबनान),हूती विद्रोही (यमन)।

अमेरिका को समर्थन देने वाले देश:-

आमतौर पर ये देश अमेरिका के सहयोगी (allies) माने जाते हैं।इज़राइल – ईरान के खिलाफ खुलकर अमेरिका का साथ देता है। सऊदी अरब – क्षेत्रीय प्रतिद्वंदी होने के कारण अमेरिका के करीब संयुक्त अरब अमीरात,ब्रिटेन,फ्रांस,नाटो के कई सदस्य देश,ये देश सैन्य, आर्थिक या राजनीतिक रूप से अमेरिका का समर्थन कर सकते हैं।

वाशिंगटन/अमेरिका:आर्थिक प्रतिबंध (Sanctions):अमेरिका ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाता रहा है और चेतावनी देता है कि अगर नीतियाँ नहीं बदलीं तो और सख्ती होगी।

आर्थिक प्रतिबंध (Sanctions):अमेरिका ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाता रहा है और चेतावनी देता है कि अगर नीतियाँ नहीं बदलीं तो और सख्ती होगी।

 President of America Donald Trump 

अमेरिका द्वारा ईरान को चेतावनी देना कोई नई बात नहीं है। यह दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव का हिस्सा है। आमतौर पर ऐसी चेतावनियाँ इन कारणों से दी जाती हैं।

1.परमाणु कार्यक्रम:- अमेरिका को शक रहता है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जबकि ईरान कहता है कि उसका कार्यक्रम सिर्फ ऊर्जा के लिए है।

2.मध्य पूर्व में गतिविधियाँ:-ईरान पर आरोप है कि वह क्षेत्र में कई समूहों को समर्थन देता है, जिससे अमेरिका और उसके सहयोगियों को खतरा महसूस होता है।

3.सैन्य टकराव और हमले:-कभी-कभी समुद्री क्षेत्र (जैसे खाड़ी) या अन्य जगहों पर तनाव बढ़ जाता है, जिसके बाद अमेरिका कड़ी चेतावनी देता है।

ईरान द्वारा डोनाल्ड ट्रम्प को दी गई चेतावनी आमतौर पर दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव का हिस्सा होती है।

ईरान और अमेरिका के संबंध कई मुद्दों पर टकराव से भरे रहे हैं,

जैसे:-परमाणु कार्यक्रम,मध्य पूर्व में सैन्य गतिविधियां प्रतिबंधित (sanctions),क्षेत्रीय प्रभाव की राजनीति जब भी इस तरह की “चेतावनी” की खबर आती है, वह अक्सर किसी हालिया घटना (जैसे सैन्य कार्रवाई,बयानबाज़ी, या प्रतिबंधों में बदलाव) के जवाब में होती है।

इस्लामाबाद/पाकिस्तान में पेट्रोल और डीज़ल की कीमत (मार्च 2026) की स्थिति।

पाकिस्तान में पेट्रोल और डीज़ल की कीमत (मार्च 2026)की स्थिति।
पाकिस्तान में पेट्रोल डीज़ल खत्म अब सरकारी स्कूल कालेज विश्वविद्यालय बंद हालात बद से बद्तर स्थिति मोटरसाइकिल कार बस ट्रक सभी सड़क पर खड़े हैं।
पाकिस्तान में पेट्रोल, डीज़ल और हवाई यात्रा (एयर ट्रैवल) की वर्तमान स्थिति (2026) की ताज़ा और स्पष्ट 
जानकारी:- पाकिस्तान में पेट्रोल और डीज़ल की कीमत (मार्च 2026) पेट्रोल (Petrol): लगभग PKR 321.17 प्रति लीटर,डीज़ल (Diesel): लगभग PKR 335.86 प्रति लीटर,हाल ही में सरकार ने ₹55 (PKR) प्रति लीटर तक की बड़ी बढ़ोतरी की है।

इस्लामाबाद पाकिस्तान 

स्थिति समझिए: पिछले महीनों में कीमतें काफी तेजी से बढ़ी हैं। कारण अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल (crude oil) की कीमत बढ़ना मध्य-पूर्व में तनाव (जैसे ईरान क्षेत्र) पाकिस्तान की आयात निर्भरता (तेल बाहर से आता है। मतलब: पाकिस्तान में ईंधन अभी महंगा और अस्थिर (volatile) है। पाकिस्तान में हवाई यात्रा (Air Travel) की स्थिति।

1. घरेलू (Domestic Flights) बड़े शहरों जैसे कराची, लाहौर, इस्लामाबाद के बीच उड़ानें चल रही हैं।

मुख्य एयरलाइंस: Pakistan International Airlines (PIA),Airblue,SereneAir।

 किराया (औसतन): PKR 15,000 – 35,000 (रूट और समय पर निर्अंतरराष्ट्रीय (International Flights)

पाकिस्तान से उड़ानें चल रही हैं: UAE (दुबई, अबू धाबी) सऊदी अरब,यूरोप, एशिया

किराया: PKR 80,000 – 300,000+ (डेस्टिनेशन के अनुसार) वर्तमान स्थिति (महत्वपूर्ण)ईंधन महंगा होने से हवाई टिकट भी महंगे हो रहे हैं।

कुछ समय:उड़ानों में देरी लागत बढ़ने के कारण किराया ज्यादा आर्थिक संकट के कारण एयरलाइंस पर दबाव

निष्कर्ष (Summary):क्षेत्र वर्तमान स्थिति,पेट्रोल बहुत महंगा (321 PKR/L),डीज़ल और भी महंगा (335 PKR/L) घरेलू उड़ान चालू, लेकिन महंगी,अंतरराष्ट्रीय उड़ान चालू, किराया ज्यादा।