रेल भवन । रेलवे बोर्ड की बैठक में कुलियों की समस्याएं उठाईं, मंगत राम सैनी ने रखी मांग।

रेल भवन। रेलवे बोर्ड की बैठक में कुलियों की समस्याएं उठाईं, मंगत राम सैनी ने रखी मांग।

दिनांक 09/10/2026 को मंगत राम सैनी जी ने नई दिल्ली रेल भवन में आयोजित बैठक में रेलवे कुली को ग्रुप डी में नियुक्ति करने के लिए आवाज उठाई।

नई दिल्ली। रेल भवन। रेलवे कुली संगठन के अध्यक्ष मंगत राम सैनी जी ने नई दिल्ली स्थित रेलवे बोर्ड की बैठक में रेलवे कुलियों की समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया। उन्होंने कुलियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों को बैठक में उठाया।
रेलवे स्टेशनों पर वर्षों से यात्रियों का सामान उठाकर अपनी आजीविका चलाने वाले लाइसेंसधारी कुली आज भी अपने रोजगार और भविष्य को लेकर चिंतित हैं। ऐसे में संगठन के अध्यक्ष द्वारा रेलवे बोर्ड की बैठक में उनकी समस्याएं उठाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कुलियों की प्रमुख मांगों में लाइसेंसधारी रेलवे कुलियों को रेलवे विभाग में ग्रुप-डी के पदों पर समायोजित करने की मांग भी शामिल है। कुलियों का कहना है कि वे लंबे समय से रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सेवा कर रहे हैं। इसलिए उनके रोजगार, आर्थिक सुरक्षा और भविष्य को लेकर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
अब रेलवे कुलियों की निगाहें रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय के अगले कदम पर टिकी हैं। संगठन को उम्मीद है कि बैठक में उठाए गए मुद्दों पर संबंधित अधिकारी गंभीरता से विचार करेंगे और कुलियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल करेंगे।
मुख्य सवाल: क्या रेलवे बोर्ड लाइसेंसधारी कुलियों की मांगों पर कोई ठोस निर्णय लेगा? क्या वर्षों से सेवा दे रहे कुलियों को ग्रुप-डी में समायोजित करने की मांग पर सरकार विचार करेगी? इन सवालों के जवाब का इंतजार देशभर के रेलवे कुलियों को है।


“To absorb Railway Licensed Porter in Group D in Railway Department.”

“To absorb Railway Licensed Porter in Group D in Railway Department.
भारतीय रेलवे कुली मजदूर संगठन अध्यक्ष मंगत राम सैनी।

2026 में Licensed Coolie/Porter के संबंध में एक महत्वपूर्ण नया रिकॉर्ड मिला है, लेकिन इसे सही तरीके से समझना जरूरी है।

17 अगस्त 2026 का मामला:-

North Eastern? नहीं—North Frontier Railway (NFR) के रिकॉर्ड में 17 अगस्त 2026 की तारीख वाला एक पत्र दर्ज है, जिसका विषय है:-

“To absorb Railway Licensed Porter in Group D in Railway Department.”

इस रिकॉर्ड में खास बात यह है कि:-

Railway Board Letter No.: NIL
तारीख: 17 अगस्त 2026

विषय: Railway Licensed Porter को Group-D में absorb करने की मांग/प्रस्ताव
NFR ने इसे 31 अगस्त 2026 को अपने Establishment Circular/RBO रिकॉर्ड में प्रसारित किया।

इसका मतलब यह नहीं कहा जा सकता कि Railway Board ने 17 अगस्त को पूरे देश के Licensed Coolies को Group-D में नियमित करने का अंतिम फैसला कर दिया है। उपलब्ध रिकॉर्ड में Railway Board का कोई RBE/पत्र क्रमांक नहीं है और इसे NFR के रिकॉर्ड में एक प्रस्ताव/विषय के रूप में दिखाया गया है।

2026 की Railway Board बैठक का दूसरा महत्वपूर्ण दस्तावेज:-

16–17 फरवरी 2026 को Railway Board और Staff Side के बीच Departmental Council/JCM की बैठक हुई थी। इसमें Railway Board Chairman & CEO Satish Kumar सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। उपलब्ध बैठक के minutes में विभिन्न रेलवे कर्मचारियों के मुद्दे लिए गए हैं।लेकिन मुझे उपलब्ध minutes में Licensed Coolie/Porter को Group-D में absorb करने का कोई अंतिम Railway Board निर्णय नहीं मिला।


ईरान पर अमेरिकी दबाव बढ़ा, ट्रंप के रुख से बढ़ा तनाव।

ईरान पर अमेरिकी दबाव बढ़ा, ट्रंप के रुख से बढ़ा तनाव।

वैश्विक तेल बाजार पर भी पड़ रहा है। हाल की रिपोर्टों में अमेरिका-ईरान वार्ता में गतिरोध के बीच तेल कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

वैश्विक तेल बाजार पर भी पड़ रहा है। हाल की रिपोर्टों में अमेरिका-ईरान वार्ता में गतिरोध के बीच तेल कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।तेहरान/वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के बजाय लगातार बना हुआ है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर आर्थिक दबाव और प्रतिबंधों को और कड़ा किया है। अगस्त में अमेरिकी प्रशासन ने ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ के तहत ईरान की वित्तीय, तकनीकी, विमानन, सोना और शिपिंग से जुड़ी गतिविधियों पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की थी।
तनाव के बीच ईरान ने सात दिन के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर खोलने और संघर्ष समाप्त करने का प्रस्ताव रखा था। ट्रंप ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। हालांकि इसके बाद भी कतर जैसे मध्यस्थों के जरिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की कोशिश जारी रही।
ईरान की प्रमुख चिंताओं में अमेरिकी प्रतिबंधों से पैदा हुआ आर्थिक दबाव, तेल निर्यात पर पाबंदियां और जमे हुए ईरानी धन तक पहुंच शामिल हैं। दूसरी ओर, अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर ठोस आश्वासन चाहता है। दोनों पक्षों के बीच इन्हीं मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं।
ऐसे में सवाल यह है कि अमेरिकी दबाव और ईरान की प्रतिरोधी नीति के बीच कूटनीतिक समाधान कब निकलेगा। बातचीत आगे बढ़ती है या तनाव फिर बढ़ता है, इसका असर केवल दोनों देशों पर नहीं, बल्कि होर्मुज जलडमरूमध्य और वैश्विक तेल बाजार पर भी पड़ रहा है। हाल की रिपोर्टों में अमेरिका-ईरान वार्ता में गतिरोध के बीच तेल कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

एशियन गेम्स में विथ्या रामराज ने रचा इतिहास, 400 मीटर हर्डल्स में जीता कांस्य पदक जीता।

एशियन गेम्स में विथ्या रामराज ने रचा इतिहास, 400 मीटर हर्डल्स में जीता कांस्य पदक जीता।
सामान्य 400 मीटर दौड़ नहीं, बल्कि 400 मीटर बाधा दौड़ (हर्डल्स) है।

400 मीटर की दौड़ में कांस्य पदक भारत को दिलाई बिध्या रामराज ने।

नागोया। भारत की विथ्या रामराज ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ (400m Hurdles) में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने 54.75 सेकंड का समय निकालते हुए न सिर्फ कांस्य पदक हासिल किया, बल्कि पीटी उषा का 42 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।

पीटी उषा ने 1984 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में 55.42 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। विथ्या ने 2023 एशियन गेम्स में इस रिकॉर्ड की बराबरी की थी, लेकिन नागोया में 54.75 सेकंड के समय के साथ उन्होंने इसे पीछे छोड़ दिया।

इस स्पर्धा में यूएई की मरियम करीम ने 54.31 सेकंड के साथ स्वर्ण और कजाखस्तान की एडेलिना जेम्स ने 54.58 सेकंड के साथ रजत पदक जीता।


बांग्लादेश में सात महीने में तीसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, महंगाई की नई चिंता।

बांग्लादेश में सात महीने में तीसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, महंगाई की नई चिंता।

ढाका पेट्रोल पंप की स्थिति। ढाका  25 सितंबर। बांग्लादेश में ईंधन की कीमतों में एक बार फिर बड़ा इजाफा किया गया है। सरकार ने सात महीने के भीतर तीसरी बार पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ाए हैं। ताजा बढ़ोतरी 21 सितंबर 2026 से लागू हुई।

नई दरों के अनुसार डीजल 115 टका से बढ़कर 135 टका प्रति लीटर और पेट्रोल 140 टका से बढ़कर 160 टका प्रति लीटर हो गया है। वहीं ऑक्टेन की कीमत 145 से बढ़कर 165 टका और केरोसिन 135 से बढ़कर 155 टका प्रति लीटर कर दिया गया है।
इस साल इससे पहले अप्रैल और जून में भी ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी। सरकार ने ताजा वृद्धि के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की बढ़ती कीमतों, परिवहन व बीमा लागत में वृद्धि, आयात खर्च और सरकारी ईंधन सब्सिडी पर बढ़ते दबाव को प्रमुख कारण बताया है।
ईंधन महंगा होने का सीधा असर बस और माल परिवहन, कृषि, सिंचाई तथा रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ने की आशंका है। बांग्लादेश में कारोबारियों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों ने बढ़ती ईंधन लागत के कारण माल ढुलाई और परिवहन खर्च बढ़ने की चिंता जताई है।
सरकार का कहना है कि कीमतों में बदलाव से बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के बढ़ते घाटे को कम करने और ईंधन की तस्करी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
सवाल यह है कि लगातार बढ़ते ईंधन दामों का बोझ आम उपभोक्ता, किसान और छोटे कारोबारियों पर कितना पड़ेगा और सरकार महंगाई को नियंत्रित करने के लिए आगे क्या कदम उठाएगी?


IPL 2027 की नीलामी दिसंबर में गोवा में, BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने की पुष्टि।

IPL 2027 की नीलामी दिसंबर में गोवा में, BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने की पुष्टि।

Devajeet SaikiyaBCCI Secretary.

नई दिल्ली/गोवा। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2027 के लिए खिलाड़ियों की नीलामी दिसंबर 2026 में गोवा में आयोजित की जाएगी। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के मानद सचिव देवजीत सैकिया ने बुधवार को इसकी पुष्टि की।

सैकिया ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में IPL की नीलामी विदेशों में आयोजित की गई थी, लेकिन इस बार इसे भारत में वापस लाया जा रहा है। इससे IPL नीलामी के भारत लौटने का सिलसिला शुरू होगा।

गोवा में इससे पहले भी IPL नीलामी की मेजबानी कर चुका है। रिपोर्टों के अनुसार, 2009 में IPL के दूसरे सीजन के लिए नीलामी गोवा में हुई थी।

BCCI की 18 सितंबर 2026 की AGM में 2027 में IPL के 20वें संस्करण को बड़े स्तर पर मनाने का निर्णय भी लिया गया था। नीलामी की सटीक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है; फिलहाल BCCI की ओर से दिसंबर और गोवा को आयोजन स्थल के रूप में पुष्टि की गई है।

इंडोनेशिया ने चीन को 3-2 से हराया, बैडमिंटन मुकाबले में रोमांचक जीत

इंडोनेशिया ने चीन को 3-2 से हराया, बैडमिंटन मुकाबले में रोमांचक जीत।

इंडोनेशिया बैडमिंटन खिलाड़ी

संवाददाता: अमन कुमार मिश्र

इंडोनेशिया ने रोमांचक मुकाबले में चीन को 3-2 से हराकर बैडमिंटन में शानदार जीत दर्ज की। दोनों टीमों के बीच मुकाबला शुरुआत से ही कांटे का रहा और निर्णायक मुकाबले तक नतीजा स्पष्ट नहीं हो सका।

फाइनल का पूरा परिणाम:-

जोनाथन क्रिस्टी – शी यू ची: 13-21, 18-21
फजार अल्फियन/मुहम्मद शोइबुल फिकरी – लियांग वेई केंग/वांग चांग: 20-22, 21-19, 14-21
अल्वी फरहान – ली शी फेंग: 23-21, 15-21, 21-16
लियो रोली कारनांडो/डेनियल मार्थिन – हे जी टिंग/लियू यी: 23-21, 21-10
मोहम्मद जकी उबैदिल्लाह – वेंग होंगयांग: 23-21, 21-13
इंडोनेशिया के खिलाड़ियों ने दबाव के बीच बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए महत्वपूर्ण मुकाबले अपने नाम किए। वहीं, चीन की टीम ने भी कड़ी चुनौती पेश की और स्कोर को बराबरी पर बनाए रखा। आखिरकार निर्णायक मैच में इंडोनेशिया ने संयम और आक्रामक खेल का बेहतर तालमेल दिखाते हुए जीत हासिल कर ली
इस जीत के साथ इंडोनेशिया ने टीम स्पर्धा में अपनी स्थिति मजबूत की, जबकि चीन को करीबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। मैच के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने लंबे रैलियों और शानदार डिफेंस से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया
अंतिम स्कोर: इंडोनेशिया 3-2 चीन

एशियन गेम्स में मनु भाकर का पदक चूका, 10 मीटर एयर पिस्टल में पांचवें स्थान पर रहीं।

एशियन गेम्स में मनु भाकर का पदक चूका, 10 मीटर एयर पिस्टल में पांचवें स्थान पर रहीं।

मनु भाकर महिला अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज।

मनु भाकर ने क्वालीफिकेशन में 579-20x का स्कोर करते हुए तीसरे स्थान पर रहकर आठ निशानेबाजों वाले फाइनल में जगह बनाई थी। फाइनल की शुरुआत उन्होंने अच्छी की और शुरुआती चरण में पदक की दौड़ में बनी रहीं, लेकिन चौथे एलिमिनेशन चरण के बाद उनका सफर समाप्त हो गया।

इस स्पर्धा में दक्षिण कोरिया की चू गा-उन ने 246.3 अंक के एशियाई और एशियन गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। चीन की यीआओ शेन ने रजत और चीन की रानशिन जियांग ने कांस्य पदक हासिल किया।

महिलाओं की टीम स्पर्धा में भी भारत पदक से चूक गया था। मनु भाकर, ईशा सिंह और सुरूची इंदर सिंह की भारतीय टीम चौथे स्थान पर रही। भारत और वियतनाम के 1719 अंक बराबर थे, लेकिन अधिक इनर-10 के आधार पर वियतनाम ने कांस्य पदक हासिल किया।
पेरिस ओलंपिक 2024 में दो कांस्य पदक जीत चुकीं मनु भाकर के लिए एशियन गेम्स में 10 मीटर एयर पिस्टल का यह मुकाबला पदक के बिना समाप्त हुआ। हालांकि उनके पास आगे अन्य शूटिंग स्पर्धाओं में पदक के लिए मौका बना हुआ है।


स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास, 11 हजार अंतरराष्ट्रीय रन बनाने वाली पहली महिला क्रिकेटर।

स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास, 11 हजार अंतरराष्ट्रीय रन बनाने वाली पहली महिला क्रिकेटर।

स्मृति मंधाना महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर 2026.

नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान और स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक ऐसा मुकाम हासिल कर लिया है, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। 22 सितंबर 2026 को एशियन गेम्स के महिला क्रिकेट फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ मंधाना ने 11,000 अंतरराष्ट्रीय रन पूरे किए और यह उपलब्धि हासिल करने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बन गईं।
श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में उतरने से पहले मंधाना को इस ऐतिहासिक आंकड़े तक पहुंचने के लिए सिर्फ 13 रन की जरूरत थी। उन्होंने शुरुआती ओवरों में ही आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए यह मुकाम हासिल कर लिया। इसके बाद उन्होंने अपनी शानदार पारी को जारी रखते हुए 79 रन बनाए, जिसमें पांच चौके और सात छक्के शामिल रहे।
मंधाना ने इस उपलब्धि के साथ पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज का 10,868 अंतरराष्ट्रीय रनों का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया है। इससे पहले सितंबर 2026 में ही वह महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज बनी थीं।
मंधाना का अंतरराष्ट्रीय सफर वर्ष 2013 में शुरू हुआ था। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता के साथ शानदार टाइमिंग और निरंतरता देखने को मिलती है। 11 हजार रन का यह आंकड़ा उनके लंबे और सफल अंतरराष्ट्रीय करियर की निरंतरता को दर्शाता है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि को और खास बना दिया भारतीय टीम की एशियन गेम्स की जीत ने। फाइनल में भारत ने श्रीलंका को 147 रन से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस तरह मंधाना के व्यक्तिगत रिकॉर्ड के साथ भारतीय महिला क्रिकेट के लिए भी यह दिन यादगार बन गया।
स्मृति मंधाना का 11 हजार रन तक पहुंचना भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है—एक ऐसा अध्याय, जिसमें प्रतिभा, निरंतरता और बड़े मंच पर प्रदर्शन की कहानी दर्ज है।

डोनाल्ड ट्रम्प: शांति दूत या तबाही का सौदागर? दुनिया के सामने बड़ा सवाल।

डोनाल्ड ट्रम्प: शांति दूत या तबाही का सौदागर? दुनिया के सामने बड़ा सवाल। 

वॉशिंगटन/नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की विदेश नीति को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो गई है। 

डोनाल्ड ट्रम्प खुद को युद्ध खत्म कराने और “शांति के लिए ताकत” का इस्तेमाल करने वाला नेता बताते हैं, जबकि उनके आलोचक अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और कड़े बयानों को दुनिया में तनाव बढ़ाने वाला कदम मानते हैं।

22 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ने जहां दूसरे केवल बात करते रहे, वहां कार्रवाई की और उनकी सरकार ने कई संघर्षों को समाप्त कराने में भूमिका निभाई। व्हाइट हाउस का दावा है कि ट्रम्प प्रशासन ने आठ बड़े संघर्षों को समाप्त कराने में भूमिका निभाई है।

लेकिन दूसरी तरफ ईरान का मुद्दा ट्रम्प की नीति पर गंभीर सवाल खड़े करता है। संयुक्त राष्ट्र में ट्रम्प ने कहा कि यदि ईरान के साथ शांति समझौता नहीं होता तो अमेरिका के सामने कठोर विकल्प मौजूद हैं और उन्होंने ईरान को “annihilate” करने तक की चेतावनी दी।

रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने के लिए भी ट्रम्प प्रशासन लगातार बातचीत की कोशिशों का दावा कर रहा है। सितंबर में स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर को रूस और यूक्रेन के बीच शांति प्रस्ताव पर बातचीत के लिए भेजे जाने की जानकारी सामने आई। हालांकि बातचीत में अब तक कई बाधाएं बनी हुई हैं।

यही विरोधाभास ट्रम्प की विदेश नीति को लेकर बहस का केंद्र है—क्या सैन्य दबाव और धमकी के जरिए शांति स्थापित की जा सकती है, या ऐसी रणनीति नए संघर्षों का जोखिम बढ़ाती है?