वाशिंगटन न्यूज एजेंसी:एलपीजी गैस भंडार पर हमले के परिणाम भयंकर हो सकते है।

एलपीजी गैस भंडार पर हमले के परिणाम भयंकर हो सकते है। 

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा।

डोनाल्ड ट्रम्प अमेरिकी राष्ट्रपति 

एलपीजी(लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस)भंडार पर मिसाइल हमले करने से कई प्रकार के खतरों का सामना करना पड़ सकता है।

बड़े पैमाने पर विस्फोट और आग: एलपीजी गैस अत्यधिक ज्वलनशील होती है, और ऐसे भंडारों पर मिसाइल हमले से बड़े विस्फोट हो सकते हैं, जिनमें भारी संख्या में नागरिक हताहत हो सकते हैं। यह विस्फोट आसपास के क्षेत्रों में व्यापक तबाही मचा सकते हैं।

आर्थिक और ऊर्जा संकट: अगर गैस भंडारों को निशाना बनाया जाता है, तो यह न केवल स्थानीय ऊर्जा आपूर्ति को बाधित कर सकता है, बल्कि पूरे क्षेत्रीय और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता ला सकता है। गैस की आपूर्ति में कमी से कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिससे आम नागरिकों के लिए रोजमर्रा की ज़िंदगी और भी कठिन हो जाएगी।

पर्यावरणीय प्रभाव: एलपीजी गैस में मौजूद हानिकारक रसायन वायुमंडल में फैल सकते हैं, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान हो सकता है। जलवायु परिवर्तन, वायु प्रदूषण, और जैव विविधता में कमी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

नौ देशों में ताबड़तोड़ प्रहार का मतलब यह हो सकता है कि ईरान ने एक साथ कई देशों को निशाना बनाया है, जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ेगी और युद्ध का दायरा बहुत व्यापक हो जाएगा। ऐसे संघर्षों में आम नागरिकों की सबसे बड़ी समस्याएं होती हैं, जिनमें शरणार्थी संकट, मौत, चोटें, और मानसिक आघात शामिल हैं।

राजनीतिक दृष्टिकोण से: यदि ईरान ने कई देशों को इस तरह से निशाना बनाया है, तो यह अंतरराष्ट्रीय संघर्ष को और भी बढ़ा सकता है। अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों का उत्तरदायित्व बढ़ सकता है, साथ ही क्षेत्रीय ताकतों का भी विवादों में और घिरने का खतरा रहेगा। एक ऐसी स्थिति में, संयुक्त राष्ट्र (UN) और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठन स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दखल दे सकते हैं।



बिहार: बेगुसराय/बरौनी:माँ ब्रह्मचारिणी की उपासना के लिए समर्पित है।

बिहार: बेगुसराय/बरौनी: द्वितीया तिथि:आज माँ ब्रह्मचारिणी की उपासना के लिए समर्पित है।
बिहार: बेगुसराय/बरौनी:माँ ब्रह्मचारिणी की उपासना के लिए समर्पित है।

बिहार बेगुसराय बरौनी सोकहारा छोटी भगवती दुर्गा स्थान।

चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन माता दुर्गा के दूसरे रूप, माँ ब्रह्मचारिणी की उपासना के लिए समर्पित है। इस दिन को विशेष रूप से साधना और तपस्या का दिन माना जाता है। माँ ब्रह्मचारिणी का रूप तप, संयम और साधना की प्रतीक मानी जाती हैं। उनके दर्शन से भक्तों को आत्मिक शक्ति और धैर्य की प्राप्ति होती है। माँ ब्रह्मचारिणी के पूजा विधि में आमतौर पर निम्नलिखित शामिल होते हैं:

स्नान और शुद्धता: पूजा के पहले स्नान करके शुद्ध रहना चाहिए। व्रत: इस दिन व्रत रखने का विशेष महत्व है। यदि व्रत न रखा जा सके तो उपवास भी कर सकते हैं।

माँ के मंत्र का जाप: "ॐ ब्रह्मचारिण्यै नमः" का जाप करें। 

पुष्प अर्पण: माँ को सफेद फूल चढ़ाएं, क्योंकि माँ ब्रह्मचारिणी का प्रिय रंग सफेद है।प्रसाद: खीर, फल, शुद्ध घी, शहद आदि का प्रसाद अर्पित किया जाता है।

चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन का दिन विशेष रूप से आत्मनिर्भरता, तप और ध्यान की ओर निर्देशित होता है। इस दिन की पूजा से मानसिक शांति और समर्पण की भावना प्राप्त होती है।



बिहार/बेगुसराय/बरौनी: आचार्य अविनाश शास्त्री ने कहा 72 वर्षों के बाद चैत्र नवरात्रि में दुर्लभ संयोग संयोग।

बिहार/बेगुसराय/बरौनी: आचार्य अविनाश शास्त्री ने कहा 72 वर्षों के बाद चैत्र नवरात्रि में दुर्लभ संयोग संयोग।
Markoni DGR Township 
चैत्र नवरात्रि में देवी दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है, और प्रत्येक दिन एक विशेष रूप से पूजा जाता है। हर दिन एक अलग देवी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए मंत्रों का जाप किया जाता है।

यहां पूरी जानकारी दी जा रही है कि कौन से दिन किस देवी की पूजा की जाती है और कौन सा मंत्र जाप किया जाता है:-
Barauni Begusarai Shokhara Choti Bhagvati Durgasthan.
बिहार बेगुसराय बरौनी सोकहारा छोटी भगवती दुर्गा स्थान

मंत्र:
पूजा: शैलपुत्री देवी को हिमालय की पुत्री और दुर्गा का प्रथम रूप माना जाता है। इनकी पूजा से स्थिरता और मानसिक शक्ति मिलती है।
मंत्र:
पूजा: यह रूप देवी दुर्गा का तपस्या और साधना के प्रतीक रूप में होता है। इनकी पूजा से तप और आत्मविश्वास की शक्ति मिलती है।
पूजा: चंद्रघंटा देवी को शांति और समृद्धि की देवी माना जाता है। इनकी पूजा से भय और तनाव से मुक्ति मिलती है।
पूजा: यह देवी सृष्टि की उत्पत्ति और शक्ति का प्रतीक हैं। इनकी पूजा से जीवन में आनंद और समृद्धि आती है।
पूजा: स्कंदमाता भगवान कार्तिकेय (Kartikeya) की माँ हैं, और इनकी पूजा से संतान सुख और बुराईयों से मुक्ति मिलती है।
6. षष्ठ दिवस (षष्ठी) - कात्यायनी माता
मंत्र:
पूजा: कात्यायनी देवी का रूप शक्तिशाली और विनाशक है। इनकी पूजा से सभी शत्रुओं का नाश होता है।
7. सप्तमी दिवस (सप्तमी) - कालरात्रि माता
मंत्र:
पूजा: कालरात्रि देवी को रात्रि के समय में बुराई का नाश करने वाली देवी माना जाता है। इनकी पूजा से अंधकार और शत्रुओं से मुक्ति मिलती है।
मंत्र:
पूजा: महागौरी देवी की पूजा से सुख-शांति और शुद्धता की प्राप्ति होती है। ये देवी सद्गुणों की प्रतीक हैं।
मंत्र:
पूजा: सिद्धिदात्री देवी को सिद्धियों और इच्छाओं की पूर्णता की देवी माना जाता है। इनकी पूजा से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
यह नवरात्रि में दुर्गा माँ का प्रमुख मंत्र है, जो सम्पूर्ण नवरात्रि में जाप किया जा सकता है।
उपवास और साधना:- इस समय उपवास और व्रत का बहुत महत्व है। आप एक दिन फलाहार (फलों का आहार) लेकर उपवास कर सकते हैं।
साधारणत:- दिन में देवी की पूजा और मंत्र जाप से मानसिक शांति और शक्ति की प्राप्ति होती है। नवरात्रि के इन दिनों में देवी की पूजा से शुभ फलों की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मकता आती है।ै



वाशिंगटन एजेंसी: अमेरिका अपनी ताकत दिखाने + बाकी देशों पर दबाव डालने की रणनीति है।

वाशिंगटन एजेंसी: अमेरिका अपनी ताकत दिखाने + बाकी देशों पर दबाव डालने की रणनीति है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ताना 

वाशिंगटन एजेंसी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान युद्ध की वजह से उन्होंने चीन (बीजिंग) का अपना दौरा टाल दिया

आज (18 मार्च 2026) Donald Trump ने जो बयान दिए हैं, उनका मुख्य फोकस ईरान युद्ध और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर रहा। वर्तमान स्थित में कोई भी देश अपने आप को कमजोर नहीं समझना चाहते हैं। अमेरिका को एक छोटा सा देश ईरान ने छठ्ठी के दुध का याद दिला रहा है।

आज ट्रम्प ने क्या कहा:-डोनाल्ड ट्रम्प ने उन देशों (खासकर NATO) की आलोचना की जो ईरान के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई में साथ नहीं दे रहे। उन्होंने ऐसे सहयोगियों को “बहुत बड़ी बेवकूफी (very foolish mistake)” बताया। उन्होंने “non-responsive allies” को सीधा संदेश दिया कि वे अमेरिका का साथ दें, वरना इसका असर भविष्य के रिश्तों पर पड़ेगा।

ईरान को लेकर उनका रुख:ट्रम्प ने संकेत दिया कि अमेरिका ईरान के खिलाफ ऑपरेशन जारी रखेगा और और तेज़ कर सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर दूसरे देश साथ नहीं देंगे, तो अमेरिका अकेले भी कार्रवाई कर सकता है। ईरान युद्ध की वजह से उन्होंने चीन (बीजिंग) का अपना दौरा टाल दिया।

उन्होंने कहा कि अभी उनका ध्यान पूरी तरह चल रहे युद्ध पर है।

आज ट्रम्प का मुख्य संदेश यह था:-हम ईरान के खिलाफ लड़ रहे हैं, बाकी देश मदद नहीं कर रहे। यह गलत है, और हम इसे याद रखेंगे



बिहार/बेगुसराय/बरौनी:कुलियों की मुख्य मांगें:स्थायी नौकरी (Regularization)कुली चाहते हैं कि उन्हें ठेका/लाइसेंस सिस्टम से हटाकर रेलवे कर्मचारी बनाया जाए।

बिहार/बेगुसराय/बरौनी:कुलियों की मुख्य मांगें:स्थायी नौकरी (Regularization)कुली चाहते हैं कि उन्हें ठेका/लाइसेंस सिस्टम से हटाकर रेलवे कर्मचारी बनाया जाए।

भारतीय रेल कुली की मांग

भारतीय रेलवे कुली का कहना है कि पेंशन, वेतन और नौकरी की सुरक्षा मिले।

सामाजिक सुरक्षा मांग है कि उन्हें:-पेंशन,ESI/बीमा,PF (भविष्य निधि) जैसी सुविधाएं दी जाएं।अभी अधिकांश कुली इन सुविधाओं से वंचित हैं।

न्यूनतम तय किराया (Fix Rate System): यात्रियों से मिलने वाले पैसे पर निर्भरता कम करने के लिए।सरकार से तय फिक्स रेट/डिजिटल पेमेंट सिस्टम की मांग।

स्टेशन प्राइवेटाइजेशन से सुरक्षा: स्टेशन निजी हाथों में जाने पर कुलियों को रोजगार खोने का डर इसलिए वे रोजगार सुरक्षा कानून/नीति चाहते हैं।

हाथरस स्टेशन

वैकल्पिक रोजगार / स्किल डेवलपमेंट/बुजुर्ग कुलियों या कम काम मिलने वालों के लिए ट्रेनिंग देकर दूसरी नौकरी देने की मांग।

प्रयागराज स्टेशन के रेलवे कुली की मांग।

सरकार क्या कर सकती है (संभावित कदम): “पोर्टर वेलफेयर स्कीम” शुरू करना एक अलग योजना जिसमें:-बीमा,हेल्थ कार्ड,आर्थिक सहायता शामिल हो।डिजिटल बुकिंग सिस्टम ऐप या स्टेशन काउंटर से कुली बुकिंग तय रेट पारदर्शिता बढ़ेगी,कमाई स्थिर होगी।

विलासपुर रेलवे स्टेशन

रेलवे में समायोजन (Absorption)

कुछ कुलियों को:-हेल्पर,सफाई कर्मचारी,लॉजिस्टिक्स स्टाफ के रूप में नौकरी देना।

प्राइवेटाइजेशन में सुरक्षा नियम: अगर स्टेशन निजी कंपनी को दिया जाए। शर्त हो कि मौजूदा कुलियों को रोजगार देना जरूरी हो।

स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम:- कुलियों को ट्रेनिंग देकर,पार्सल हैंडलिंग,वेयरहाउस,टिकटिंग सहायता जैसे कामों में लगाया जा सकता है।

कुल:मिलाकर:-कुलियों की सबसे बड़ी समस्या है:अनिश्चित आय + कोई सामाजिक सुरक्षा नहीं,और समाधान का रास्ता है,उन्हें सिस्टम में शामिल करना या कम से कम मजबूत सुरक्षा देना।



बिहार: सोनपुर डिवीजन के अंतर्गत बरौनी जंक्शन जैसे बड़े रेलवे स्टेशन पर यह मुद्दा और भी संवेदनशील हो जाता है।

बिहार: सोनपुर डिवीजन के अंतर्गत बरौनी जंक्शन जैसे बड़े रेलवे स्टेशन पर यह मुद्दा और भी संवेदनशील हो जाता है।
बिहार बेगुसराय बरौनी जंक्शन: पार्सल निजीकरण

बरौनी जंक्शन रेलवे पार्सल सेवा के निजीकरण (ठेके पर देने) के बाद ठेकेदार की मनमानी की शिकायतें कई जगहों पर देखने को मिलती हैं। बरौनी जंक्शन जैसे बड़े रेलवे स्टेशन पर यह मुद्दा और भी संवेदनशील हो जाता है।

समस्या क्या है:-निजीकरण के बाद आम तौर पर ये दिक्कतें सामने आती हैं,अतिरिक्त शुल्क वसूली: तय दरों से ज्यादा पैसे मांगे जाते हैं,पार्सल लेने-देने में देरी,मनमाने नियम लागू करना,शिकायत करने पर सुनवाई में कमी
ऐसा क्यों होता है:-
बरौनी जंक्शन पार्सल कार्यालय निजीकरण के अंदर।
Indian Railways जब पार्सल सेवाओं को ठेके पर देता है, तो निगरानी कमजोर होने पर ठेकेदार अपनी शर्तें थोपने लगते हैं। स्थानीय स्तर पर जवाबदेही कम होने से यह समस्या बढ़ जाती है।
यात्रियों/ग्राहकों के लिए क्या करें:-अगर आप ऐसी स्थिति का सामना कर रहे हैं, तो ये कदम मदद कर सकते हैं।
लिखित रसीद जरूर लें – हर भुगतान का प्रमाण रखें
आधिकारिक दरों की जानकारी रखें।शिकायत दर्ज करें,रेलवे हेल्पलाइन 139, रेल मदद ऐप,स्टेशन मास्टर या पार्सल ऑफिस में लिखित शिकायत,सोशल मीडिया पर शिकायत (जैसे ट्विटर/X) – रेलवे अक्सर जल्दी प्रतिक्रिया देता है,समाधान क्या हो सकता है? रेलवे को सख्त निगरानी और नियमित ऑडिट करना चाहिए,ठेकेदारों पर पेनल्टी सिस्टम लागू होना चाहिए।स्टेशन पर दर सूची सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित होनी चाहिए।
यहाँ एक मजबूत और प्रभावी शिकायत पत्र का ड्राफ्ट है, जिसे आप सीधे इंडियन Railways को भेज सकते हैं या रेल मदद एप पर अपलोड कर सकते हैं।
सेवा में,
पूर्व मध्य रेलवे

विषय: बरौनी जंक्शन पार्सल कार्यालय में ठेकेदार की मनमानी एवं अवैध वसूली के संबंध में शिकायत।

महोदय,

सविनय निवेदन है कि मैं दिनांक ___ को बरौनी जंक्शन के पार्सल कार्यालय में अपना सामान बुक/रिसीव करने गया था। वहाँ पर कार्यरत ठेकेदार/कर्मचारियों द्वारा अत्यंत मनमाना व्यवहार किया गया।

मेरी मुख्य शिकायतें निम्नलिखित हैं:-निर्धारित शुल्क से अधिक राशि की मांग की गई। शुल्क का स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया। रसीद देने में आनाकानी की गई / रसीद नहीं दी गई। अनावश्यक देरी कर परेशान किया गया।
विरोध करने पर कर्मचारियों का व्यवहार असंतोषजनक एवं असहयोगात्मक रहा। यह स्थिति न केवल आम जनता के साथ अन्याय है, बल्कि रेलवे की छवि को भी धूमिल करती है। 
अतः आपसे निवेदन है कि:इस मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। संबंधित ठेकेदार/कर्मचारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। पार्सल कार्यालय में निर्धारित शुल्क सूची स्पष्ट रूप से प्रदर्शित कराई जाए।

भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सख्त निगरानी की जाए।

भवदीय,
नाम: _______
मोबाइल नंबर: _______
पता: _______
दिनांक: _______
कैसे भेजें:-
रेल मदद ऐप में “पार्सल” कैटेगरी चुनकर,139 पर कॉल करके या स्टेशन पर लिखित रूप में जमा करें।


नई दिल्ली: ईरान के खर्ग में अमेरिका हमला किया तो परिणाम विश्व में क्या होगा।

नई दिल्ली: ईरान के खर्ग में अमेरिका ने हमला किया तो परिणाम विश्व में क्या होगा।
ईरान के खर्ग रिफाइनरी जिससे 90% तेल का निर्यात सभी देशों को किया जाता है।

अमेरिका को एक छोटा सा देश ईरान पस्त कर रखा है जिसके कारण अमेरिका बौखला गया है।अब ईरान के खर्ग में अमेरिका हमला करना चाहता है तो इस परिणाम से अमेरिका भी बंचित नहीं रह सकता है बल्कि पुरे विश्व को भुगतना पड़ेगा,क्योंकि खर्ग द्वीप ईरान का मुख्य तेल निर्यात केंद्र है।

अगर ऐसा हमला होता है, तो इसके प्रभाव केवल ईरान या अमेरिका तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ सकते हैं।भारत की ऊर्जा और व्यापारिक हित मध्य पूर्व से जुड़े हैं।
संभावित वैश्विक परिणाम: तेल की कीमतों में भारी उछाल
खर्ग द्वीप से ईरान का अधिकांश तेल निर्यात होता है। हमला होने पर सप्लाई बाधित होगी, जिससे वैश्विक बाजार में कीमतें बढ़ सकती हैं।
मध्य पूर्व में तनाव और युद्ध का खतरा: ईरान जवाबी कार्रवाई कर सकता है, जिससे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर संघर्ष फैल सकता है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर: तेल महंगा होने से परिवहन, उद्योग और आम महंगाई बढ़ेगी, जिसका असर भारत समेत कई देशों पर पड़ेगा।
समुद्री मार्गों पर खतरा: फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अहम रास्तों पर तनाव बढ़ सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित होगा।
राजनयिक तनाव: बड़े देश (जैसे रूस, चीन, यूरोप) इसमें शामिल हो सकते हैं, जिससे वैश्विक राजनीति और जटिल हो जाएगी।


हमिल्टन: Hamilton:Second T 20 Match Hamilton Seddon Park 11.45 AMन्युजीलैंड ने 68 रनों से साऊथ अफ्रीका को हराकर जीत हासिल किया।

हमिल्टन: Hamilton: Second T 20 Match Hamilton Seddon Park 11.45 AM, द्वितीय टी 20 क्रिकेट मैच हैमिल्टन में साऊथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच मंगलवार को खेला गया।

हमिल्टन: Hamilton:Second T 20 Match Hamilton Seddon Park 11.45 AM न्युजीलैंड ने 68 रनों से साऊथ अफ्रीका को हराकर जीत हासिल किया।

न्यूजीलैंड 20 ओवर में छः विकेट गंवा कर 175 रन, और साऊथ अफ्रीका ने 15 ओवर तीन गेंदों पर 10 विकेट खोकर मात्र 107 रन बनाकर सभी खिलाड़ी आउट हो गया।

डी कान्वे ने 49 गेंदों पर 5 चौके और दो छक्के लेकर 60 रन बनाकर आउट हो गए। टाम लेथम 10 गेंदों पर एक छक्के और एक चौके लगाकर 11 रन बनाए और आउट हो गए। मिचेल सेंटर 20 रन,निक केली 21 रन,कलर्क सन 26 रन दो चौके दो छक्के लगाए जबकि मुल्डर ने दो विकेट लिए, साऊथ अफ्रीका खिलाड़ी जार्ज ने 12 गेंदों पर  तीन चौके तीन छक्के लगाते हुए 33 रन बनाए। न्यूजीलैंड खिलाड़ी फर्गुसन तीन विकेट, मिचेल सेंटर दो विकेट, सीन वियर तीन विकेट चटकाए। कायल जेमिशन तीन ओवर में 22 रन दिए।


वाशिंगटन एजेंसी:अमेरिका ने ईरान के कई नौसैनिक जहाज और सैन्य ठिकानों पर हमला किया।

वाशिंगटन एजेंसी:अमेरिका ने ईरान के कई नौसैनिक जहाज और सैन्य ठिकानों पर हमला किया
अमेरिका ने ईरान के कई नौसैनिक जहाज और सैन्य ठिकानों पर हमला किया।

अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों और नौसैनिक संपत्तियों पर बड़े हमले किए हैं। यह सब 2026 में चल रहे अमेरिका-ईरान युद्ध का हिस्सा माना जा रहा है। 
ईरान के सैन्य ठिकानों पर बड़े हवाई हमले:- 13 मार्च 2026 को अमेरिका ने खर्ग आइसलैंड पर बड़े पैमाने पर 
इस हमले में 90 से अधिक सैन्य लक्ष्य (मिसाइल भंडार, नौसैनिक माइन स्टोरेज, सैन्य ठिकाने) नष्ट किए गए।
यह द्वीप ईरान का प्रमुख तेल निर्यात केंद्र है, लेकिन अमेरिका ने तेल सुविधाओं को सीधे निशाना नहीं बनाया।
ईरानी युद्धपोतों पर हमले।अमेरिकी बलों ने समुद्र में ईरान के कई नौसैनिक जहाजों को भी निशाना बनाया।
उदाहरण : ईरान :  का युद्धपोत IRIS Dena अमेरिकी पनडुब्बी के टॉरपीडो हमले से डूब गया। कुछ रिपोर्टों में बताया गया कि अमेरिका ने कई ईरानी नौसैनिक जहाजों और ड्रोन-कैरीयर जहाजों को भी नष्ट किया
युद्ध का कारण:-
अमेरिका और उसके सहयोगी ईरान पर आरोप लगा रहे हैं कि वह Strait of Hormuz में जहाजों को रोक रहा है।
मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है। इसलिए अमेरिका ने ईरान की मिसाइल,ड्रोन और नौसैनिक क्षमता को कमजोर करने के लिए हमले किए।
ईरान की प्रतिक्रिया:
ईरान ने बदला लेने की चेतावनी दी है और कुछ जगहों पर मिसाइल-ड्रोन हमले भी किए हैं, जैसे Bahrain में अमेरिकी ठिकानों पर हमला। अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों और जहाजों पर हमला किया है। दोनों देशों के बीच तनाव बढ़कर लगभग खुले युद्ध की स्थिति में पहुंच गया है।


नई दिल्ली:स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इतना महत्वपूर्ण क्यों है और अगर यह बंद हो जाए तो भारत पर क्या असर होगा।

नई दिल्ली:स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इतना महत्वपूर्ण क्यों है और अगर यह बंद हो जाए तो भारत पर क्या असर होगा।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इतना महत्वपूर्ण क्यों है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इतना महत्वपूर्ण क्यों है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्ग माना जाता है। यह एक संकरा समुद्री रास्ता है जो Persian Gulf  को Gulf of Oman से जोड़ता है।
इसकी अहमियत के मुख्य कारण:दुनिया के तेल का बड़ा हिस्सा यहीं से गुजरता है!दुनिया के लगभग 20% तेल और गैस इसी रास्ते से जहाजों में जाता है।
मध्य-पूर्व के तेल निर्यात का मुख्य रास्ता:- सऊदी अरब, ईरान, इराक, कुवैत, युनाइटेड अरब अमीरात इन देशों का ज़्यादातर तेल इसी रास्ते से दुनिया में जाता है।
एशियाई देशों की ऊर्जा सुरक्षा:-भारत,चीन,जापान इन देशों को तेल का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से मिलता है।
अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद हो जाए।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इतना महत्वपूर्ण क्यों है।

पेट्रोल-डीजल महंगे हो सकते हैं। भारत अपना 80% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। अगर यह रास्ता बंद हुआ तो तेल की सप्लाई कम होगी और तेल की कीमतें बहुत बढ़ सकती हैं। महंगाई बढ़ सकती है,तेल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट महंगा,बिजली और उद्योग महंगे। खाने-पीने की चीजों की कीमतें बढ़ सकती हैं।

भारत के कई तेल टैंकर इसी रास्ते से आते-जाते हैं। तनाव होने पर जहाजों पर हमले या रोक-टोक का खतरा बढ़ सकता है।
ऐसी स्थिति में इंडियन नेवी अक्सर अपने युद्धपोत भेजकर भारतीय जहाजों की सुरक्षा करती है।