ईरान:अमेरिका-ईरान युद्ध लंबे समय तक चलता है तो तेल, शेयर बाजार, महंगाई और वैश्विक व्यापार सभी प्रभावित हो सकते हैं।
अगर ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच युद्ध लंबा चलता है, तो भारत के शेयर बाजार और आम लोगों की ज़िंदगी पर कई तरह के असर पड़ सकते हैं। भारत के शेयर बाजार पर असर,शेयर बाजार में गिरावट युद्ध और वैश्विक तनाव के समय निवेशक डर जाते हैं। इसका असर भारत के बड़े इंडेक्स पर पड़ सकता है। जैसे निफ्टी 50, बी एस ई सेंसेक्स विदेशी निवेशक पैसे निकाल सकते हैं। जिससे बाजार में गिरावट आ सकती है।
तेल कंपनियों और एयर लाइन पर दबाव अगर तेल महंगा होता है तो इन सेक्टरों पर ज्यादा असर दिखाई पड़ेगा: एयरलाइन कंपनीयां, ट्रांस्पोर्ट, पेंट और केमिकल कंपनियां क्योंकि इनका खर्च बढ़ जाता है। रक्षा सेक्टर के शेयर बढ सकते हैं। तनाव के समय रक्षा कंपनियों की मांग बढ़ती है । इसलिए भारत की कंपनियाऀ जैसे Hindustan Aeronautics Limited, Bharat Electronics Limited इनके शेयर कभी-कभी बढ़ सकते हैं।
आम लोगों पर असर पेट्रोल-डीजल महंगा भारत अपना ज्यादातर तेल आयात करता है। अगर तेल की कीमत बढ़ती है तो : पेट्रोल,डीजल,एल पी जी गैस सब महंगे हो सकते हैं। महंगाई बढ़ सकती है तेल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट महंगा हो जाता है, जिससे: खाने-पीने की चीजें सब्जियां रोजमर्रा का सामान इनकी कीमत बढ़ सकती है यात्रा महंग हवाई यात्रा और माल ढुलाई की लागत बढ़ सकती है।रुपये पर दबाव अगर वैश्विक तनाव बढ़ता है तो भारतीय मुद्रा पर भी असर पड़ सकता है, जिससे आयात और महंगा हो जाता है। अगर अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ता है तो भारत में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव, तेल की कीमतें बढ़ना और महंगाई बढ़ने की संभावना रहती है।











