पटना:आधार कार्ड में जन्म तिथि सुधार करने के लिए क्यूआर कोड वाला जन्म प्रमाण पत्र देना होगा।

पटना:आधार कार्ड में जन्म तिथि सुधार करने के लिए क्यूआर कोड वाला जन्म प्रमाण पत्र देना होगा।
क्यूआर कोड वाला जन्म प्रमाण पत्र मान्य होगा।आधार कार्ड में जन्म तिथि सुधार करवाने के लिए क्यूआर कोड वाला जन्म प्रमाण पत्र आर टी पी एस से लाकर देना पड़ेगा। बिना क्यूआर कोड वाला जन्म प्रमाण पत्र मान्य नहीं होगा। सरकार ने नियम में संशोधन किया है। जिनके जन्म प्रमाण पत्र में क्यूआर कोड नहीं है उस व्यक्ति को एस डी ओ,नगर निगम या बी डी ओ कार्यालय से क्यूआर कोड लगवाना पड़ेगा। बिना क्यूआर कोड वाले लोगों का आवेदन करते समय स्वीकार नहीं किए जाएंगे। भारतीय प्राधिकरण ( यूआई डी आई ए) ने इसकी जानकारी सभी आधार सेवा केन्द्र को दीं है। प्रत्येक दिन आधार में जन्म तिथि सुधार करवाने के लिए दर दर की ठोकरें खाते हैं, घंटों लाइन में कतार लगा कर खड़े रहते हैं। तब जाकर नंबर आने पर आवेदन सबमिट किया जाता है।

पटना : केन्द्र सरकार ने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत देश के सभी राज्यों को हाइड्रोजन पालिसी बनाने का निर्देश दिया है।

पटना : केन्द्र सरकार ने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत देश के सभी राज्यों को हाइड्रोजन पालिसी बनाने का निर्देश दिया है।
केन्द्र सरकार ने ग्रीन हाइड्रोजन पालिसी लागू करने सभी राज्यों को निर्देश दिए।भारत को ग्रीन हाइड्रोजन का वैश्विक हब बनाना है। इसके आलोक में बिहार सरकार ने ग्रीन हाइड्रोजन पालिसी बना रही है।इस नीति के माध्यम से 2030 तक 0.25 मीट्रिक टन प्रति वर्ष उत्पादन और 100 फीसदी जैसे एसजीएसटी प्रतिपूर्ति की प्रोत्साहन देने की योजना बना रही है। देश में महाराष्ट्र पहला राज्य है। जिसने ग्रीन हाइड्रोजन नीति की मंजूरी दी है। महाराष्ट्र ने कंपनीयों के लिए भारी भरकम राशि आवंटित की है। इसके बाद उत्तर प्रदेश में 2028 तक पांच लाख टन प्रति वर्ष की क्षमता का लक्ष्य रखते हुए ग्रीन हाइड्रोजन नीति लागू की है। इसके अलावा राजस्थान, आंधप्रदेश, गुजरात, उत्तराखंड में भी हाइड्रोजन पालिसी लागू की गई है।

पटना:प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत एक करोड़ चार लाख गरीब परिवारों का सर्वे किया गया था, जिसमें 35 लाख लोगों के पात्रता की जांच पुनः की जायगी।

पटना:प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत एक करोड़ चार लाख गरीब परिवारों का सर्वे किया गया था, जिसमें 35 लाख लोगों के पात्रता की जांच पुनः की जायगी।
पटना: केन्द्र सरकार द्वारा राशि नहीं मिलने के कारण पी एम आवास योजना अधुरा पड़ा है।

आवास योजना अंतर्गत जांच की प्रकिया में दो महीने का वक्त लगेगा। 2025 के मई महीने तक सर्वेक्षण कार्य को पुरा करा लिया गया था। अगले वित्तीय वर्ष से इन परिवारों का चरणवार बनेगा पक्का मकान, कमियों को क्षेत्र बदलकर अलग अलग पंचायत में जांच की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। वर्तमान समय में पूर्व की बनी सूची के आधार पर राज्य के 12 लाख 20 हजार परिवारों का पक्का मकान पीएम आवास योजना के तहत बनाया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में इन आवासों की स्वीकृति मिली है। इनमें तीन लाख मकान पूर्ण किए गए हैं। शेष का निर्माण प्रकियाधीन है। उक्त योजना में भारत सरकार द्वारा पिछले सात महीने से राशि भुगतान नहीं किए जाने से आवास का निर्माण काफी धीमी गति से चल रही है। बिहार सरकार आवास योजना मंत्री ने तीन हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि मांग की गई लेकिन केंद्र सरकार अभी तक योजना राशि नहीं दी।

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने वैभव सुर्य वंशी को चादर और 50 लाख का चेक देकर सम्मानित किया।

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने वैभव सुर्य वंशी को चादर और 50 लाख का चेक देकर सम्मानित किया।

वैभव सुर्य वंशी को मुख्यमंत्री द्वारा चादर एवं 50 लाख रुपए से सम्मानित किया

बिहार समस्तीपुर जिले के वैभव सुर्य वंशी को अणे मार्ग के संकल्प सभागार में अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप-2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा इस मुकाबले में समस्तीपुर जिला निवासी वैभव सुर्य वंशी ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे अपने मेहनत के बल पर भारतीय क्रिकेट टीम की एक नई उम्मीद बने हैं। मुख्यमंत्री ने आशिर्वाद देते हुए कहा वैभव भविष्य में भारतीय टीम के लिए नया किर्तिमान स्थापित करें और देश का नाम रौशन करें। नितीश कुमार ने कहा कि राज्य में विश्वस्तरीय खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कराया जा रहा है। खिलाड़ीयों को सरकार प्रोत्साहित करते हुए उन्हें हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि आप आगे बढ़ते रहिए, सरकार हर संभव सहयोग प्रदान करती रहेगी। हम सब लोगों के लिए प्रसन्नता की बात है कि बिहार के बेटे ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर अंतरराष्ट्रीय मुकाम हासिल किया है।

पटना: बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा नगर विकास मंत्री ने बगैर लाइसेंस वाली मांस मछली की दुकाने बंद रहेगी।

पटना: बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा नगर विकास मंत्री ने बगैर लाइसेंस वाली मांस मछली की दुकाने बंद रहेगी।
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने निर्देश दिया है कि बिना लाइसेंस वाली मांस मछली दुकानों को बंद कराया जाएगा।बिहार के सभी नगर विकास आयुक्त को पत्र लिखकर निर्देश जारी कर दिया गया है कि बिना लाइसेंस वाली मांस मछली दुकानों की पहचान कर कारवाई करें। स्वच्छता मानकों का उलंघन करने वाली दुकानों को बंद करायें। सभी नगर परिषद एवं नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी को पत्र भेजा है। राज्य के सभी नगर निकाय क्षेत्रों में बिना लाइसेंस की चल रही अवैध मांस मछली दुकानों पर कड़ी कार्रवाई होगी। बिना अनुज्ञप्ति वाली ऐसी दुकानों को बंद कराया जाएगा। साथ ही स्वच्छता मानक का पालन नहीं करने वाली मांस और मछली की दुकानें बंद होगी।

नई दिल्ली: परम 8000 से परमाणु परीक्षण का सिम्युलेशन, ब्रह्माण्ड की खोज अच्छे से किया जाता है।

नई दिल्ली: परम 8000 से परमाणु परीक्षण का सिम्युलेशन, ब्रह्माण्ड की खोज अच्छे से किया जाता है।
परम आठ हजार

भारत के वैज्ञानिकों ने जब 1991 में परम 8000 लांच किया था,उस समय भारत ने विश्व में दूसरा स्थान प्राप्त किया। जिसने सुपरकंप्यूटिंग तकनीक विकसित की। तब से लेकर परम युवा सेकेंड और अब परम सिद्धि एआई तक भारत ने अपनी गणना शक्ति को कई गुना बढ़ाया है। परम 8000 कई दिनों से चक्रवाती तूफान की दिशा गति बताता है। कैंसर या जैनेटिक बीमारियों के इलाज को लाखों प्रोटींस और मालिक्यूल्स का मिलान तेजी से करता है। भारत के वैज्ञानिक आज के दिन परम 8000 की नींव रखी। पुणे के एक छोटे से कमरे से शुरू हुआ।
भारत सुपर जैनेटिक

यह सफर आज भारत को दुनिया के उस चुनिंदा सूपरपावर देशों की लाइन में खड़ा कर चुका है, जिनकी ब्रह्माण्ड की सबसे जटिल गणनाएं होती है। परम की मदद से मानसून और चक्रवातों की भविष्यवाणी करना आसान हो गया।

पटना: बिहार सरकार ने ई शिक्षा पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों का तबादला अप्रैल माह से लागू करेंगे।

पटना: बिहार सरकार ने ई शिक्षा पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों का तबादला अप्रैल माह से लागू करेंगे।

पटना: बिहार सरकार ने स्कुल शिक्षकों का स्थानान्तरण के लिए नया नियम बनाया।

नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षकों का तबादला अप्रैल माह से लागू होगा

बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों के तबादले के पुराने नियम को संशोधित कर नयी नियम से तबादले अप्रैल से लागू करने जा रही है। तबादले की पुरी प्रकिया ई शिक्षा कोष पोर्टल के माध्यम से सरकार करेगी। तबादला चाहने वाले शिक्षक को ई शिक्षा कोर्ष पोर्टल के माध्यम से साल में दो बार भी और नवंबर महीने में आवेदन कर सकते हैं। विशेष परिस्थितियों में इस आकलन के आधार पर शिक्षकों का तबादला तीन साल पहले भी किया जा सकता है। अगर किसी स्कूलों में शिक्षक की कमी होगी और दूसरे स्कूल में ज्यादा शिक्षक हैं तो इस परिस्थिति में तीन साल पहले शिक्षकों का तबादला हो सकता है। नई नीति से शिक्षकों को एक स्थान पर तीन साल तक कार्य करने में कोई कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। सभी वर्गों के शिक्षकों के लिए एक ही नियम तबादले का नियम बनाया है। बीमारी या विशेष परिस्थिति में तबादला करवाने में कोई अड़चन नहीं होगी। शिक्षकों को तबादले के लिए साल में दो बार आवेदन करने मौका मिलेगा। प्रत्येक साल जून और दिसंबर में तबादला शिक्षक करवा सकेंगे।


नई दिल्ली:सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार को 2006-2007 में पोर्टर (कुलियों) को ग्रुप डी में समायोजित करने का आदेश जारी किया था।

नई दिल्ली:सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार को 2006-2007 में पोर्टर (कुलियों) को ग्रुप डी में समायोजित करने का आदेश जारी किया था।

सुप्रीम कोर्ट निर्णय 2006-2007

सुप्रीम कोर्ट का मुख्य निर्णय रेलवे कुलियों का स्थायीकरण (Regularisation) और अनुबंध श्रमिकों के रूप में उनके अधिकारों से संबंधित था। जैसे कि नेशनल फेडरेशन ऑफ रेलवे पोर्ट्स बनाम भारत संघ (1995/2006) या इसी तरह के मामलों में। कोर्ट ने अनुबंध पर कार्यरत पात्र पार्सल कुलियों को,उनकी निरंतरता और कार्य अवधि के आधार पर नियमित पार्सल रेलवे कुली के रूप में अवशोषित करने का निर्देश दिया।

निर्णय नियमितीकरण का मुख्य विंदुओं:-

अनुबंध श्रमिकों को नियमित पार्सल कुली के रूप में अवशोषित किया जाए। विशेष रूप से उन जगहों पर जहां लम्बे अवधि से कार्यरत कुली योगदान दे रहे हैं। 

योग्यता परीक्षण:-अस्थाई श्रमिकों का चिकित्सा परीक्षण(Medical Fitness) अनिवार्य था।












नई दिल्ली:ग़रीबी से बेहाल रेलवे स्टेशन पर कार्यरत कुली से पुछें कि किस स्थिति में आप लोग जी रहे हो।

नई दिल्ली:ग़रीबी से बेहाल रेलवे स्टेशन पर कार्यरत कुली से पुछें कि किस स्थिति में आप लोग जी रहे हो।
भारत के रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से रेलवे कुली खफा हैं।

भारत के संसद में वैसे व्यक्ति को भेजना चाहिए जो व्यक्ति ग़रीबी को बहुत करीब से महसूस किया हो पला बड़ा हो। जिस व्यक्ति को आम जनता जनार्दन चुनकर भेजते हैं उस व्यक्ति को केविनेट मंत्री का दर्जा देना चाहिए। एक आई एस अधिकारी को रेलमंत्री बना दिया जाएगा जो 30 वर्ष राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार के अंदर कार्य करने के बाद केंद्र सरकार द्वारा सीधे मंत्री का पदभार ग्रहण करवा दिया जाता है,जो स्वयं अय्याश की जिंदगी जी कर आए हैं,वह व्यक्ति गरीब रेलवे कुली का गरीबी कैसे समझेंगे। ऐसे व्यक्ति को रेलमंत्री का पदभार ग्रहण कराना उचित नहीं है।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट:रेल मंत्री से जबाब मांगे कि रेलवे कुलियों को ग्रुप डी में समायोजित क्यों नहीं किया जा रहा है।

भारतीय रेल कुली समाचार पत्र देश विदेश समाचार बिहार बेगुसराय बरौनी:-

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट:रेल मंत्री से जबाब मांगे कि रेलवे कुलियों को ग्रुप डी में समायोजित क्यों नहीं किया जा रहा है
नई दिल्ली: रेलवे कुली ने कहा सुप्रीम कोर्ट रेल मंत्री से जबाब क्यों नहीं मांगते हैं, हवाई जहाज में यात्रा करने वाले यात्री क्या रेलवे स्टेशन पर कार्यरत कुली से ज्यादा गरीब है अगर है तो सुप्रीम कोर्ट सरकार से जवाब तलब करें, हवाई जहाज में यात्रा करने वाले लोग 99% लोग अमीर होते हैं मात्र एक प्रतिशत लोग मध्यम परिवार के जो मजबूरी में यात्रा करते हैं, इन लोगों के लिए सुप्रीम कोर्ट को समय मिल जाता है लेकिन रेलवे कुली जब कोर्ट से न्याय मांगते हैं तो उनके फाइल को रिजेक्ट कर दिया जाता है।

गरीब रेलवे कुली के लिए को कोई जवाब नहीं मांगता है।सभी रेलवे स्टेशन पर कार्यरत कुली सुप्रीम कोर्ट से न्याय मांग रहे हैं। लोकसभा एवं राज्य सभा के सदस्य मनोज जी एवं तामिलनाडु के संसद सदस्या भी बजट से पहले संसद भवन में गुहार लगा चुके हैं लेकिन सरकार ने इस कान से सुन लिया और उस कान से निकाल दिया।