नई दिल्ली/सेना और NEET परीक्षा: देशभर में छिड़ी बहस। |
2024 में झारखंड राज्य में नीट पेपर लिक मामले को सुप्रीम कोर्ट अपने स्तर दुबारा R-Exam लेने की अनुमति नहीं दी। प्रश्न यहां यह उठता है कि भारत में ही परीक्षा का पेपर लीक क्यों होता है। दुसरे देशों में क्यों नहीं क्योंकि भारत में उपर से नीचे तक करप्ट चपरासी से लेकर अधिकारी एवं मंत्री तक है। सुरक्षा व्यवस्था प्रणाली दुरूस्त नहीं है। |
भारत देश में नहीं बल्कि विदेशों में भी चर्चा का बिषय है कि मेडिकल परीक्षा अब भारतीय सेना के हवाले से लिया जाएगा।
नई दिल्ली, 29 मई देश में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है। सोशल मीडिया और आम जनता के बीच यह सवाल उठ रहा है कि “भारतीय सेना का काम सीमा की रक्षा करना है, फिर परीक्षा व्यवस्था में उनकी भूमिका क्यों दिखाई देती है?”
विशेषज्ञों के अनुसार, National Testing Agency (NTA) ही NEET परीक्षा आयोजित करती है। भारतीय सेना सीधे परीक्षा नहीं करवाती, लेकिन सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने के लिए कई बार प्रशासन सेना या सुरक्षा बलों की सहायता ले सकता है।
शिक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में पेपर लीक और नकल के मामलों के बाद परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने पर जोर दिया गया है। इसी कारण प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई, संवेदनशील केंद्रों की निगरानी और आपातकालीन सहायता जैसे कार्यों में सुरक्षा एजेंसियों का सहयोग लिया जाता है।
इस मुद्दे पर जनता की राय बंटी हुई है। कुछ लोग इसे देशहित में जरूरी कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि सेना को केवल राष्ट्रीय सुरक्षा तक सीमित रखना चाहिए।
सरकार की ओर से अभी तक इस विषय पर कोई आधिकारिक नया बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन शिक्षा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा लगातार जारी है।
NEET मेडिकल परीक्षा पर सेना की एंट्री? देश ही नहीं विदेशों में भी चर्चा तेज।
नई दिल्ली, 29 मई-भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर एक नई बहस ने देश भर में हलचल मचा दी है। अब यह चर्चा केवल भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि विदेशों में भी इस विषय पर बातें होने लगी हैं कि क्या मेडिकल परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था भारतीय सेना और वायुसेना के हवाले की जाएगी।
हाल ही में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, केंद्र सरकार NEET प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई के लिए Indian Air Force की मदद लेने पर विचार कर रही है। बताया जा रहा है कि पेपर लीक और परीक्षा विवादों के बाद सरकार “फुलप्रूफ सुरक्षा व्यवस्था” बनाने की तैयारी में है।
मेडिकल परीक्षा आयोजित करने वाली National Testing Agency (NTA) पहले ही NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर चुकी है। एजेंसी ने कहा कि कई राज्यों से मिली शिकायतों और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद परीक्षा दोबारा कराने का फैसला लिया गया।
सोशल मीडिया पर इस मुद्दे ने बड़ा रूप ले लिया है। कई लोग इसे शिक्षा व्यवस्था की सुरक्षा मजबूत करने वाला कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि सेना का मुख्य काम देश की सीमाओं की रक्षा करना है, न कि परीक्षाओं की निगरानी। Reddit और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारत की परीक्षा व्यवस्था और सुरक्षा मॉडल पर चर्चा तेज हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सेना या वायुसेना की मदद ली जाती है, तो उनकी भूमिका केवल प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई और संवेदनशील केंद्रों की सुरक्षा तक सीमित रहेगी। परीक्षा संचालन और परिणाम जारी करने का काम अब भी NTA के पास ही रहेगा।