नई दिल्ली: राहुल गांधी ने संसद के बाहर और सोशल मीडिया पर क्या कहा।
लोकसभा: विपक्ष पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि पश्चिम एशिया का संघर्ष भारत के दरवाजे तक पहुंच गया है, लेकिन इस पर उन्होंने कुछ नहीं कहा। देश को एक मजबूत हाथ की जरूरत है, लेकिन हमारे पास एक समझौता करने वाले प्रधानमंत्री है जिन्होंने हमारी रणनीतिक स्वतंत्रता को सरेंडर कर दिया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि भारत का मेहमान ईरानी जहाज बिना हथियार लौट रहा था जिस पर हिंदमहासागर क्षेत्र में टारपीडो से हमला हुआ लेकिन मोदी चिंता या दुःख जताने की बजाय चुप रहे। गांधी ने कहा दुनिया उतार चढ़ाव वाले समय में आ गई है। हिंद महासागर में श्रीलंका की समुद्री सीमा के निकट ईरानी जहाज को डुबाने की अमेरिकी कारवाई को सरकार की रणनीतिक लापरवाही राहुल गांधी ने बताया। भारत के संसद को बयान बाजी के अलावा और कोई काम नहीं कर सकते हैं सही मायने में जनता को सरकार से क्या मांग है इस कार्य को करने की बजाय बयान बाजी करते हैं। देश की जनता इनको चुनकर भेजते हैं लोगों के हितों में कार्य करने के लिए और संसद सदस्य अपने परिवार अपने हित के लिए सोचते हैं।

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