नई दिल्ली: संसद भवन: राहुल गांधी ने कहा भारतीय मजदूरों और प्रवासियों के अधिकारों की अनदेखी होती है।
भारत के विदेश मंत्री, डॉ. एस. जयशंकर ने 8 मार्च 2026 को संसद में खाड़ी देशों के बारे में एक महत्वपूर्ण बयान दिया था, जिसमें उन्होंने भारत के खाड़ी देशों के साथ रिश्तों की स्थिरता और सुरक्षा पर चर्चा की। जयशंकर ने यह कहा था कि खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा और कल्याण भारतीय सरकार की प्राथमिकता है, और इन देशों में भारतीय श्रमिकों की बढ़ती संख्या भारत के कूटनीतिक संबंधों का अहम हिस्सा बन चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि खाड़ी देशों में राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता भारत के हितों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, खासकर ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और सुरक्षा साझेदारी के संदर्भ में।
विपक्षी हंगामा: इस बयान के बाद विपक्षी दलों के सदस्य, खासकर कांग्रेस और कुछ क्षेत्रीय पार्टियों के नेताओं ने सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार खाड़ी देशों के साथ अपने रिश्तों को ज्यादा महत्व दे रही है, जबकि भारतीय नागरिकों के मुद्दों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, खासकर जब इन देशों में भारतीय मजदूरों और प्रवासियों के अधिकारों की अनदेखी होती है।
कुछ विपक्षी नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने खाड़ी देशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और स्थिति को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए, और सिर्फ कूटनीतिक बयानबाजी की है। इस पर सदन में जोरदार हंगामा हुआ, जिससे संसद की कार्यवाही में रुकावट आई।
जयशंकर का बयान खाड़ी देशों के साथ भारत के कूटनीतिक और आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने के संदर्भ में था, जबकि विपक्ष ने इस पर तीव्र आपत्ति जताई और सरकार से भारतीय नागरिकों के मुद्दों पर अधिक ध्यान देने की मांग की।


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