नई दिल्ली:NEET पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, फिर भी नहीं हुई दोबारा परीक्षा 2024।

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश ने कहा दुबारा R-Examलेने की जरूरत नहीं है।
नई दिल्ली:NEET पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, फिर भी नहीं हुई दोबारा परीक्षा 2024।

अदालत बोली परीक्षा संचालन में “गंभीर चिंताएं”, लेकिन देशव्यापी री-एग्जाम जरूरी नहीं।

अदालत बोली परीक्षा संचालन में “गंभीर चिंताएं”, लेकिन देशव्यापी री-एग्जाम जरूरी नहीं।

नई दिल्ली। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2024 को लेकर देशभर में उठे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने माना कि परीक्षा संचालन में कई गंभीर खामियां सामने आईं। अदालत ने कहा कि National Testing Agency (NTA) द्वारा परीक्षा आयोजित करने का तरीका “गंभीर चिंताओं” को जन्म देता है।

हालांकि, कोर्ट ने पूरे देश में दोबारा परीक्षा कराने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड से यह साबित नहीं होता कि पूरे देश में परीक्षा की पवित्रता पूरी तरह खत्म हो गई थी या कोई “सिस्टमेटिक लीक” हुआ था।

मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने माना कि बिहार के पटना और झारखंड के हज़ारीबाग जैसे कुछ केंद्रों पर पेपर लीक की घटनाएं हुईं, लेकिन इसका असर पूरे देश के 23 लाख से अधिक छात्रों पर पड़ा हो, ऐसा पर्याप्त सबूत नहीं मिला।

अदालत ने यह भी कहा कि जांच एजेंसियों और डेटा विश्लेषण के जरिए गलत तरीके से फायदा उठाने वाले छात्रों की पहचान की जा सकती है। इसलिए ईमानदार छात्रों को फिर से परीक्षा देने के लिए मजबूर करना उचित नहीं होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि देशव्यापी री-NEET कराने से मेडिकल एडमिशन प्रक्रिया, शैक्षणिक सत्र और भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर असर पड़ सकता था।

इस बीच, हाल के वर्षों में NEET को लेकर लगातार विवाद बढ़ते जा रहे हैं। 2026 में भी पेपर लीक के आरोपों के बाद सुप्रीम कोर्ट ने NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि एजेंसी “अब तक सबक नहीं सीख पाई है।”

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