इस्लामाबाद: पाकिस्तान को सऊदी अरब ने विदेशी मुद्रा भंडार को संभालने और युनाइटेड अरब अमीरात(UAE)का कर्ज चुकाने में मदद के लिए है।

इस्लामाबाद: पाकिस्तान को खैरात में सऊदी अरब ने विदेशी मुद्रा भंडार को संभालने और युनाइटेड अरब अमीरात(UAE)का कर्ज चुकाने में मदद के लिए है।
शहबाज शरीफ भीख मांगने सऊदी अरब पहुंच गए

सऊदी अरब ने मदद दी है 3 बिलियन डॉलर, यानी (25000 करोड़) रूपए आर्थिक सहायता दी। इसके अलावा पहले से दिया गया रूपया $5 बिलियन डॉलर डिपोजिट भी बढ़ाया गया। ताकि पाकिस्तान पर तुरंत भुगतान का दबाव न पड़े।


इस तरह की मदद का भारत या वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ता है।


                         ।।भारत पर असर।।

















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        │ (डॉलर में मदद/डिपॉज़िट/लोन)
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        ├── विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत होता है।
        ├── डॉलर की कमी कम होती है।
        └── अंतरराष्ट्रीय भुगतान आसान होता है।
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        ├── ईंधन/तेल का आयात जारी रहता है।
        ├── कर्ज चुकाने में राहत मिलती है।
        └── I M F शर्तें पूरी करने में मदद।
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        ├── तुरंत आर्थिक गिरावट टलती है।
        ├── रुपये की गिरावट थोड़ी रुकती है।
        └── महंगाई का दबाव कुछ समय के लिए स्थिर।






एक अहम बात यह मदद अक्सर तत्काल राहत देती है लेकिन दीर्घकाल में कर्ज और निर्भरता बढ़ा सकती है।




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