Washington/वाशिंगटन एजेंसी: अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को झुकने पर मजबूर कर दिया,ईरान की हुकूमत ने।

Washington/वाशिंगटन एजेंसी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को झुकने पर मजबूर कर दिया ईरान की हुकूमत ने।

Washington/वाशिंगटन एजेंसी: अमेरिका को झुका दिया ईरान की हुकूमत ने।

ईरान की हुकूमत हॉवी

प्रमुख शर्तें निम्न प्रकार हैं:-


(२) भविष्य में ईरान पर कोई सैन्य हमला नहीं करेंगे।




अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 15 सूत्री युद्ध विराम योजना की पेशकश की है। क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प युद्ध-विराम चाहता है। 

अगर समझौता करना चाहता है: तो फिर पश्चिम एशिया में एक हजार सैनिकों की तैनाती क्यों कर रहा है। यह अमेरिकी सैनिक बहुत ख़तरनाक है,ये सैनिक पैराशूट से उतरकर जमीनी लड़ाई लड़ने में पूर्ण कौशल है। क्या ईरान में जमीनी लड़ाई शुरू होने वाली है। अमेरिका पहले भी अफगानिस्तान में जमीनी लड़ाई का इतिहास लिख चुका है। वहां के लोगों ने अभी तक भुला नहीं है। अंततः अमेरिकी सैनिकों को निराश होकर और परेशान होकर अफगानिस्तान से बैरंग लौटना पड़ा था।

इसका मतलब यह निकलता है कि अमेरिकी सैनिकों और इजराइल सैनिकों को हवाई जंग में कामयाबी हासिल नहीं हो रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोचा था कि एक सप्ताह में युद्ध समाप्त कर देंगे वह नहीं हो सका।

26 दिनों से युद्ध जारी है। इस दुष्परिणाम को विश्व के सभी लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

डोनाल्ड ट्रम्प अपने स्वभाव के अनुरूप ही लगभग रोज एकतरफा दावे कर रहे हैं। एक दावा यह भी है कि ईरान समझौता करना चाहता है इसके जबाब में ईरान ने जो कहा है उस पर गौर करने की जरूरत है। इसके जवाब में 
ईरान ने कहा है,'अपनी हार को समझौते का नाम नहीं दिजीए। आपके खोखले वादे का युग समाप्त हो चुका है। क्या आपके आंतरिक संघर्ष इस हद तक पहुंच गए हैं कि आप आपस में ही बातचीत कर रहे हैं।साफ है कि ईरान अब ईरान ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगा जिससे उसकी पराजय का संदेश दुनिया में जाए।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें