Dubai/इराक और ईरान युद्ध क्यों हुआ।
इराक और ईरान युद्ध: सीमा विवाद, धार्मिक-राजनीतिक तनाव, और सत्ता की महत्वाकांक्षा — इन सब कारणों से 1980 में इराक ने ईरान पर हमला किया और ईरान-इराक युद्ध शुरू हो गया।
धार्मिक और राजनीतिक तनाव ईरान एक शिया इस्लामी गणराज्य बन गया। इराक में उस समय सुन्नी नेतृत्व वाली सरकार थी। इससे दोनों देशों के बीच वैचारिक टकराव बढ़ गया।
इराक और ईरान के बीच एक समझौता:-
Alqiers Agriment 1975 में हुआ जिससे सीमा विवाद अस्थाई रूप सुलझ गया था लेकिन 1980 ई० में इराक ने इस समझौते को रद्द कर दिया और ईरान पर हमला कर दिया।इस कारण विवाद बढ़ गया। लगभग आठ वर्षों तक युद्ध की भट्ठी में वहां की आवाम जलता रहा ।
क्षेत्रीय शक्ति बनने की महत्वाकांक्षा:-
सद्दाम हुसैन चाहते थे कि मध्यपूर्व में देश सबसे शक्तिशाली बने। सद्दाम को लगा कि ईरान क्रांति के बाद वह कमजोर हो गया है। इसलिए हमला करने का अच्छा मौका है।
ईरान की इस्लामि क्रांति 1979 ई०:- 1979 ई० में Iranian Revolution हुई। जिसके बाद Ruhollah Khomeini सत्ता में आए। इराक के राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को डर था कि ईरान की क्रांति का प्रभाव सिया के मुसलमानों पर पड़ेगा और उनके खिलाफ विद्रोह करेगा।
सीमा विवाद:-(शत अल अरब नदी) :- दोनों देशों के बीच शत अल अरब नदी सीमा नियंत्रण को लेकर लंबे समय से बहुत बड़ा विवाद था। यह नदी व्यापार और तेल निर्यात के लिए बहुत महत्वपूर्ण था। इराक चाहता था कि पूर्णरूपेण हमारे अधीन हो।
इराक और ईरान युद्ध परिणाम: लगभग 10 लाख लोगों की मृत्यु हो गई। दोनों देशों की अर्थव्यवस्था चरमरा गई। आठ साल बाद बिना किसी मध्यस्थता के युद्ध समाप्त हो गया। पुनः दोनों देशों ने पूर्व युद्ध सीमा को बरकरार रखा।यह युद्ध 1980 ई० से 1988 ई० तक चला।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें