ट्रंप प्रशासन ने 22 अरब डॉलर से अधिक टैरिफ राशि लौटाई, भारतीयों को नहीं मिलेगा सीधा लाभ।
अमेरिका की अदालत ने डोनाल्ड ट्रम्प के द्वारा टैरिफ शुल्क पर रोक लगाई।
वॉशिंगटन, 12 जून। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के प्रशासन ने अमेरिकी अदालतों द्वारा अवैध घोषित किए गए कुछ आयात शुल्क (टैरिफ) के बदले अब तक 22 अरब डॉलर से अधिक की राशि वापस की है। 
आयातक कंपनियों और कारोबारियों को लौटाई जा रही है जिन्होंने यह शुल्क जमा किया था।
हालांकि यह धनराशि आम लोगों या भारतीय नागरिकों के खातों में नहीं भेजी जा रही है, बल्कि उन आयातक कंपनियों और कारोबारियों को लौटाई जा रही है जिन्होंने यह शुल्क जमा किया था।


आयातक कंपनियों और कारोबारियों को लौटाई जा रही है जिन्होंने यह शुल्क जमा किया था।
अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा एजेंसी (CBP) के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद टैरिफ रिफंड की प्रक्रिया शुरू की गई और अब तक अरबों डॉलर की वापसी की जा चुकी है।
कई कंपनियों ने आंशिक भुगतान मिलने की पुष्टि भी की है।
सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन ने 22 अरब डॉलर भारतीय लोगों के खातों में भेज दिए हैं, लेकिन उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में ऐसा कोई प्रमाण नहीं है।
रिफंड केवल उन अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय आयातकों को दिया जा रहा है जिन्होंने संबंधित टैरिफ का भुगतान किया था।
विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में अमेरिकी उपभोक्ताओं को भी कुछ राहत देने के प्रस्ताव आए हैं, लेकिन अभी तक किसी भी योजना के तहत भारतीय नागरिकों या भारत में रहने वाले लोगों को सीधे भुगतान करने की घोषणा नहीं हुई है।
मुख्य बातें:
22 अरब डॉलर से अधिक टैरिफ रिफंड जारी।
राशि आयातक कंपनियों और कारोबारियों को लौटाई जा रही है।
भारतीय लोगों के खातों में पैसा भेजे जाने का दावा गलत।
रिफंड प्रक्रिया अभी भी जारी है।
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