नई दिल्ली,एजेंसी। लोकसभा 30 अगस्त 2013 मनमोहन सिंह।सोने की मांग घटेगी तो आयात कम होगा। विदेशी मुद्रा पर दबाव कम होगा।

नई दिल्ली,एजेंसी। लोकसभा। 30 अगस्त 2013 मनमोहन सिंह। सोने की मांग घटेगी तो आयात कम होगा विदेशी मुद्रा पर दबाव कम होगा।

भुत पूर्व प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह ने लोकसभा में 30 अगस्त 2013 को कहा था कि सोना खरीदना बंद कर दो स्वत: कीमत घट जाएगी। उसी ब्यान को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कहा रहे हैं।

सोना खरीदना बंद करें, कीमतें घटेंगी। पूर्व P M मनमोहन सिंह की 2013 की चेतावनी फिर चर्चा में।

नई दिल्ली, 14 मई।

लोकसभा में आज सोने की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर जोरदार चर्चा हुई। इसी दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की वर्ष 2013 में दी गई चेतावनी एक बार फिर सुर्खियों में आ गई। उस समय उन्होंने देशवासियों से अपील की थी कि लोग सोना खरीदना कम करें, ताकि आयात घटे और कीमतों पर नियंत्रण पाया जा सके।

संसद में कई सांसदों ने कहा कि आज भी सोने की कीमतें आम लोगों की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। बाजार में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुके दामों ने मध्यम वर्ग और शादी-ब्याह वाले परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। चर्चा के दौरान 2013 का वह बयान याद किया गया, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री ने कहा था कि “यदि लोग सोना खरीदना बंद करें, तो कीमतें नीचे आ सकती हैं।”

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता, डॉलर की मजबूती और वैश्विक तनाव के कारण सोने की मांग लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि भारत समेत कई देशों में सोना नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है।

आर्थिक जानकारों के अनुसार, भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ता देशों में शामिल है। ऐसे में मांग कम होने पर कीमतों पर असर पड़ सकता है, लेकिन भारतीय परिवारों में सोना केवल निवेश नहीं बल्कि परंपरा और सामाजिक प्रतिष्ठा से भी जुड़ा हुआ है।

लोकसभा में हुई चर्चा के बाद सोशल मीडिया पर भी मनमोहन सिंह का पुराना बयान तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोग इसे दूरदर्शी सलाह बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में केवल मांग कम होने से कीमतों में बड़ी गिरावट संभव नहीं है।

भारत दुनिया में सबसे ज्यादा सोना आयात करने वाले देशों में था।

2013 में भारत का करेंट एकाउंट डेफिसिट (C A D) बहुत बढ़ गया था यानी देश जितना विदेशी मुद्रा कमा रहा था उससे ज्यादा बाहर खर्च हो रही थी।

सोना डॉलर देकर आयात होता है। ज्यादा सोना आयात होने से डॉलर की मांग बढ़ती है और रुपये पर दबाव पड़ता है।

उसी समय रुपया काफी कमजोर हो रहा था और महंगाई तथा आर्थिक अस्थिरता की चिंता थी।

एक अर्थशास्त्री होने के नाते मनमोहन सिंह का तर्क यह था कि लोग सोने की जगह बैंक में जमा , बॉन्ड या उत्पादक निवेश करें।

भारत दुनिया में सबसे ज्यादा सोना आयात करने वाले देशों में था।

सोने की मांग घटेगी तो आयात कम होगा।

विदेशी मुद्रा पर दबाव कम होगा।

लंबे समय में सोने की कीमतों में नरमी आ सकती है।

लेकिन यह कहना कि उन्होंने “पक्का जान लिया था कि सोना सस्ता हो जाएगा”, पूरी तरह सही नहीं होगा। सोने की कीमतें केवल भारत की मांग से तय नहीं होती। इन पर कई वैश्विक कारण असर डालते हैं।

अमेरिकी ब्याज दरें

डॉलर की मजबूती

वैश्विक संकट

युद्ध और अनिश्चितता

केंद्रीय बैंकों की खरीद

2013 के बाद कुछ समय के लिए सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट भी आई थी, इसलिए लोगों को लगा कि उनकी बात सही साबित हुई। लेकिन लंबे समय में सोना फिर काफी महंगा हुआ।

सोना खरीदना बंद करें, कीमतें घटेंगी। पूर्व P M मनमोहन सिंह की 2013 की चेतावनी फिर चर्चा में।

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