तेहरान: ईरान मौजूदा हालात में केवल आत्मरक्षा के लिए कदम उठा रहा है।
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ईरान: राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन। |
मसूद पेजेश्कियन: (ईरान के राष्ट्रपति) का यह बयान दरअसल अंतरराष्ट्रीय तनाव और परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही बहस का हिस्सा है। उन्होंने यह सवाल उठाया कि डोनाल्ड ट्रम्प या कोई भी बाहरी देश ईरान के न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट्स पर रोक लगाने का अधिकार कैसे रखता है।
ईरान लंबे समय से कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों (जैसे बिजली उत्पादन) के लिए है। अमेरिका, खासकर ट्रम्प प्रशासन के दौरान, ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे ताकि उसे परमाणु हथियार विकसित करने से रोका जा सके। संयुक्त व्यापक कार्य योजना (2015 का न्यूक्लियर डील) इसी मुद्दे को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया था, लेकिन 2018 में ट्रम्प ने अमेरिका को इससे बाहर निकाल लिया।
मसूद पेजेश्कियन का बयान मूल रूप से यह जताता है कि ईरान अपनी संप्रभुता पर जोर दे रहा है और वह नहीं मानता कि अमेरिका को उसके परमाणु कार्यक्रम पर एकतरफा रोक लगाने का अधिकार है। यह सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि अमेरिका ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक और रणनीतिक टकराव की झलक है।

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