नई दिल्ली: चुनाव के समय कैसा माहौल बनाना है मोदी से सीखें।

नई दिल्ली: चुनाव के समय कैसा माहौल बनाना है मोदी से सीखें।

कभी मन की बात कभी देश को संबोधित करके वोट लेने के लिए पब्लिक से झूठ का पोलिंदा कितना बनाएंगे पब्लिक सब कुछ जानती है कौन क्या कर रहा है 

महिलाओं से वोट हासिल करने के लिए मोदी जी किस हद तक जा सकते हैं यह पांच राज्यों की महिलाऐं समझ गई है, मोदी जी आप चिंता न करें। एक तरफ कहते हैं कि मैं देश का चौकिदार हूं चौकिदार रेलवे को बेचकर का रहें हैं। हर तरफ बेरोजगारी पैदा कर रहे हैं। देश के युवा वर्ग भटक रहे हैं अपने आपको चौकिदार कह रहे हैं आपके ऐसा चौकिदार नहीं चाहिए जो देश को बेच कर खा रहा है।

चुनाव के समय मोदी जी नौटंकी क्यों कर रहे हैं। नरेंद्र मोदी ने अप्रैल 2026 में देश को संबोधित करते हुए महिलाओं से माफी मांगी थी। वोट लेने के नौटंकी कर रहे हैं।

नरेंद्र मोदी ने अप्रैल 2026 में देश को संबोधित करते हुए महिलाओं से माफी मांगी थी। यह माफी महिला आरक्षण (नारी शक्ति वंदन) से जुड़े विधेयक/संशोधन पास न हो पाने के बाद मांगी गई। अपने भाषण में उन्होंने कहा कि यह बिल महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के लिए था, लेकिन इसे पास नहीं कराया जा सका।

माफी क्यों मांगी:- उन्होंने कहा कि लाखों कोशिशों के बावजूद यह बिल पारित नहीं हो पाया। इसलिए उन्होंने देश की “माताओं और बहनों” से हाथ जोड़कर माफी मांगी। साथ में क्या कहा उन्होंने इसके लिए विपक्षी पार्टियों (जैसे कांग्रेस, सपा, TMC, DMK) को जिम्मेदार ठहराया। यह भी कहा कि इस असफलता से महिलाओं के अधिकारों और सपनों को नुकसान हुआ।

यानी साफ शब्दों में: यह माफी किसी व्यक्तिगत गलती के लिए नहीं थी, बल्कि महिला आरक्षण बिल पास न हो पाने पर एक राजनीतिक और भावनात्मक प्रतिक्रिया थी।

भाषण के मुख्य बिंदु: नरेंद्र मोदी ने कहा कि महिलाओं को बराबरी का हक देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने “माताओं और बहनों” को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार उनकी भागीदारी बढ़ाना चाहती है।

🙏माफी वाला हिस्सा: उन्होंने माना कि महिला आरक्षण से जुड़ा कदम पूरा नहीं हो पाया। इसी वजह से उन्होंने हाथ जोड़कर माफी मांगी और कहा कि यह उनकी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पाया। राजनीति पर टिप्पणी उन्होंने इस मुद्दे पर विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि कुछ पार्टियों की वजह से महिलाओं को उनका अधिकार मिलने में देरी हो रही है।

👩‍⚖️ महिलाओं के लिए संदेश महिलाओं से कहा कि वे राजनीति और निर्णय लेने में आगे आएं। यह भी भरोसा दिलाया कि सरकार आगे भी उनके सशक्तिकरण के लिए काम करती रहेगी।

कुल मिलाकर यह भाषण एक तरह से स्वीकारोक्ति (कि काम पूरा नहीं हुआ) राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप महिलाओं को संदेश और भरोसा इन तीनों का मिश्रण था।


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