तेहरान: इज़रायल हिजबुल्ला के ठिकानों को निशाना बना रहा है।बेरूत में इज़रायल के हमले हो रहे हैं। |
इजराइल को हिजबुल्लाह ने कर दिखाया। |
लेकिन यह पूरा मामला ईरान–इज़रायल युद्ध का हिस्सा है
बड़ा संदर्भ (ईरान–इज़रायल संघर्ष) यह सब तेहरान (ईरान) और इज़रायल के बीच चल रहे बड़े संघर्ष का हिस्सा है। इज़रायल लेबनान में मौजूद ईरान समर्थित संगठन हिज़्बुल्लाह को भी निशाना बना रहा है। पहले की रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया कि
तेहरान और बेरूत दोनों पर एक साथ हमले हुए थे।
क्या सच में बम गिराए गए:-
पिछले कुछ हफ्तों में इज़रायल ने बेरूत में एयरस्ट्राइक (हवाई हमले) किए हैं। कुछ हमलों में नागरिकों की मौत भी हुई है, हालांकि टारगेट सैन्य ठिकाने बताए गए हैं।रिपोर्ट्स के अनुसार, इज़रायल हिज़्बुल्लाह (Hezbollah) के ठिकानों को निशाना बना रहा है। हाल ही में इज़रायली सेना ने बेरूत के दक्षिणी इलाकों को खाली करने की चेतावनी दी और वहां हवाई हमले जारी रहने की बात कही है।
बेरूत (लेबनान की राजधानी) में इज़राइल ने हमलों की तैयारी और कार्रवाई दोनों की हैं। क्या सच में यह ईरान–इज़रायल युद्ध का हिस्सा है? सीधे तौर पर ईरान और इज़रायल के बीच खुला
(direct) युद्ध नहीं चल रहा, लेकिन दोनों के बीच “प्रॉक्सी वॉर” (proxy war) चल रहा है यानी वे एक-दूसरे से सीधे नहीं, बल्कि दूसरे समूहों/देशों के जरिए लड़ रहे हैं इसमें बेरूत (लेबनान) क्यों जुड़ा है? लेबनान में
Hezbollah नाम का संगठन है यह ईरान का समर्थक और सहयोगी माना जाता है इज़रायल इसे अपना बड़ा दुश्मन मानता है इसलिए जब इज़रायल बेरूत में हमला करता है, तो वह असल में सीधे लेबनान से नहीं बल्कि
ईरान-समर्थित Hezbollah को निशाना बना रहा होता है। प्रॉक्सी वॉर कैसे काम कर रहा है? Iran Hezbollah जैसे समूहों को पैसा,
हथियार और ट्रेनिंग देता है। Israel इन समूहों पर हमले करता है (लेबनान, सीरिया आदि में। इसलिए हमला लेबनान में होता है लेकिन असर ईरान बनाम इज़रायल टकराव का होता है।
बेरूत पर हमले ईरान–इज़रायल संघर्ष का हिस्सा हैं, लेकिन यह
indirect (प्रॉक्सी) तरीके से चल रहा युद्ध है, न कि सीधा आमना-सामना।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें