इजराइल: Knesset ने एक नया कानून पास किया है। (मृत्यु दण्ड) 
इजराइल के यरूशलेम में स्थित पार्लियामेंट इसमें 120 विधायकी यह के कानून बनाते हैं। (Knesset)मृत्यु दण्ड।
इजराइल पार्लियामेंट ने आंतकवाद पर मृत्यु दण्ड देने का नया कानून लागू किया।

हाल ही में (30 मार्च 2026) इज़राइल की संसद Knesset से जुड़ी एक बहुत बड़ी और विवादित प्रेस/घोषणा सामने आई है।
मुख्य मुद्दा: नया “मृत्युदंड कानून”
Knesset ने एक नया कानून पास किया है।के जिसमेंआतंकवाद के मामलों में दोषी ठहराए गए लोगों को मृत्युदंड (फांसी) देने का प्रावधान है। यह बिल 62 बनाम 48 वोट से पास हुआ।इसे प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu का समर्थन मिला।
केनेसेट(सभा) में बनाए हुए कानून का शक्ति से पालन किया जाता है।

कानून में क्या खास है?
वेस्ट बैंक (West Bank) के मामलों में मौत की सजा “डिफ़ॉल्ट” सजा हो सकती है सजा 90 दिनों के अंदर लागू की जा सकती है।कुछ मामलों में अपील या दया याचिका के विकल्प सीमित किए गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया कई मानवाधिकार संगठनों और देशों ने इस कानून का विरोध किया।
आलोचना:
यह कानून भेदभावपूर्ण है अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा गया?
सरकार का कहना:
यह कानून “आतंकवाद रोकने” और “न्याय देने” के लिए है।
विपक्ष और आलोचकों का कहना:
यह “राजनीतिक और खतरनाक कदम” है। दूसरा बड़ा अपडेट (बजट) Knesset ने 2026 का बड़ा बजट भी पास किया। इसमें रक्षा (defense) पर भारी खर्च बढ़ाया गया।
सरल शब्दों में:
हाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस और संसद की गतिविधि का सबसे बड़ा मुद्दा यही नया “मृत्युदंड कानून” है, जिसने पूरे दुनिया में बहस और विवाद पैदा कर दिया है।
हाल ही में(30 मार्च 2026)इज़राइल की संसद Knesset से जुड़ी एक बहुत बड़ी और विवादित प्रेस/घोषणा सामने आई है।
मुख्य मुद्दा: नया “मृत्युदंड कानून”
Knesset ने एक नया कानून पास किया है जिसमेंआतंकवाद के मामलों में दोषी ठहराए गए लोगों को मृत्युदंड (फांसी) देने का प्रावधान है यह बिल 62 बनाम 48 वोट से पास हुआ।इसे प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu का समर्थन मिला।
कानून में क्या खास है?
वेस्ट बैंक (West Bank) के मामलों में मौत की सजा “डिफ़ॉल्ट” सजा हो सकती है। सजा 90 दिनों के अंदर लागू की जा सकती है। कुछ मामलों में अपील या दया याचिका के विकल्प सीमित किए गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया कई मानवाधिकार संगठनों और देशों ने इस कानून का विरोध किया।
आलोचना:
यह कानून भेदभावपूर्ण है। अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा गया?
सरकार का कहना:-
यह कानून “आतंकवाद रोकने” और “न्याय देने” के लिए है। विपक्ष और आलोचकों का कहना यह “राजनीतिक और खतरनाक कदम” है,दूसरा बड़ा अपडेट (बजट)
Knesset ने 2026 का बड़ा बजट भी पास किया
इसमें रक्षा (defense) पर भारी खर्च बढ़ाया गया।
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