नई दिल्ली: भारत में पेट्रोल, डीजल या LPG की कीमतों पर कितना असर पड़ सकता है।
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भयानक रूप से पेट्रोल डीज़ल पर पश्चिम बंगाल एवं चारों राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद वृद्धि होगी। |
ईरान-अमेरिका युद्ध लंबा चलता है, तो भारत में पेट्रोल-डीजल और L P G गैस तीनों पर साफ असर पड़ेगा और वो भी तेज़।अभी जो हालात बन रहे हैं।सबसे बड़ा कारण तेल सप्लाई का रुकना दुनिया का करीब 20% तेल होर्मुज से गुजरता है। युद्ध में यह रास्ता बंद/असुरक्षित हो गया है सप्लाई घट गई। इसी वजह से कच्चे तेल (crude) के दाम $100+ प्रति बैरल तक पहुंच गए। मतलब कच्चा तेल महंगा = भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा।2.भारत में पेट्रोल-डीजल पर असर:-
भारत 80–85% तेल आयात करता है बाहर की कीमत सीधा असर डालती है पहले ही वैश्विक कीमतों में तेज़ उछाल आया है और आगे भी ऊँचा रहने की संभावना है।
संभावित असर: पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं। सरकार टैक्स घटाकर थोड़ी राहत दे सकती है (जैसे पहले किया गया) ट्रांसपोर्ट महंगा सब्ज़ी, सामान, किराया सब महंगा
3. LPG (रसोई गैस) पर सबसे तेज़ असर यह सबसे ज्यादा प्रभावित सेक्टर है भारत की ~60–90% LPG सप्लाई उसी क्षेत्र से आती है,युद्ध के कारण सप्लाई कम डिलीवरी में देरी ब्लैक मार्केटिंग तक देखने को मिली।
अभी तक का असर:- LPG सिलेंडर में लगभग ₹60 तक बढ़ोतरी हो चुकी कुछ जगहों पर लंबी लाइनें और कमी देखी गई मतलब LPG पर असर पेट्रोल-डीजल से भी ज्यादा और जल्दी पड़ता है।
4. अगर युद्ध लंबा चला तो क्या होगा:- तेल और गैस की कमी + महंगाई दोनों बढ़ेंगी भारत को रूस या दूसरे देशों से महंगा तेल खरीदना पड़ेगा या वैकल्पिक ऊर्जा (कोयला, गैस, EV) पर जाना पड़ेगा एक्सपर्ट्स इसे 1970s जैसी ऊर्जा संकट की शुरुआत मान रहे हैं।
आसान भाषा में सार: चीज असर पेट्रोल/डीजल धीरे-धीरे महंगा LPG तुरंत और ज्यादा महंगा/कमी महंगाई हर चीज़ पर असर (खाना, ट्रांसपोर्ट)
Bottom line : छोटा युद्ध सीमित असर: ₹2–10 तक बदलाव) लंबा/गंभीर युद्ध बड़ा असर ₹10–30+ या ज्यादा, L P G में ज्यादा झटका।
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