नई दिल्ली। सोने के दाम ने तोड़े रिकॉर्ड, आम लोगों की बढ़ी चिंता बेटी की शादी कैसे करें।
गरीब की बेटी के शादी करना हो गया दुर्लभ।
नई दिल्ली, सोमवार:

गरीब की बेटी के शादी करना हो गया दुर्लभ।
देश में सोने की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। पिछले कुछ वर्षों में सोना रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार महंगाई, अंतरराष्ट्रीय तनाव और बढ़ती निवेश मांग इसके मुख्य कारण हैं।
जानकारी के मुताबिक, वर्ष 1970 में 10 ग्राम सोने की कीमत लगभग ₹184 थी, जो अब बढ़कर कई शहरों में ₹90,000 से ₹1 लाख प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच चुकी है। खासकर कोविड महामारी के बाद सोने की कीमतों में तेज उछाल देखा गया।
सर्राफा बाजार के व्यापारियों का कहना है कि शादी और त्योहारों के सीजन में मांग बढ़ने से कीमतों पर और असर पड़ रहा है। वहीं डॉलर की चाल और अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति भी सोने के भाव तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता जारी रहती है, तो आने वाले समय में सोने की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि बीच-बीच में हल्की गिरावट भी संभव है।
आम लोगों का कहना है कि बढ़ती कीमतों के कारण अब सोना खरीदना पहले की तुलना में काफी मुश्किल हो गया है। कई परिवार अब हल्के वजन के गहनों की ओर रुख कर रहे हैं।
रिपोर्ट: विशेष संवाददाता भारतीय रेलवे कुली समाचार पत्र देश विदेश समाचार। अमन कुमार।
भारत में सोने का दाम कुछ प्रमुख सालों की कीमत (लगभग)
साल 10 ग्राम सोने की औसत कीमत।
1964 -----------------------------------------------₹63
1970 -----------------------------------------------₹184
1980 -----------------------------------------------₹1,330
1990------------------------------------------------₹3,200
2000----------------------------------------------- ₹4,400
2005------------------------------------------------ ₹7,000
2010 ------------------------------------------------₹18,500
2015 ---₹26,000
2020 ₹48,000
2023 ₹60,000+
2024 ₹70,000–75,000+
2026 कई शहरों में ₹ 90,000–1,00,000 के आसपास कीमतें शहर, टैक्स और शुद्धता (22K/24K) के अनुसार थोड़ी बदल सकती हैं।
सोने का दाम क्यों बढ़ता है? (आसान भाषा में)
सोना तब महंगा होता है जब लोग उसे “सुरक्षित निवेश” मानते हैं। मुख्य कारण महंगाई (Inflation) रुपये की कीमत घटती है, इसलिए सोना महंगा दिखने लगता है।
डॉलर और अंतरराष्ट्रीय बाजार:
दुनिया में सोना डॉलर में ट्रेड होता है। डॉलर मजबूत या कमजोर होने से असर पड़ता है।
युद्ध या आर्थिक संकट:
जैसे कोविड, रूस-यूक्रेन युद्ध आदि के समय लोग शेयर छोड़कर सोना खरीदते हैं।
शादी और त्योहारों की मांग।
भारत में त्योहार और शादी के मौसम में खरीद बढ़ती है।
सरकार का टैक्स और आयात शुल्क।
भारत ज्यादातर सोना बाहर से खरीदता है, इसलिए Import Duty बढ़ने पर दाम भी बढ़ते हैं।
कम ब्याज दरें: जब बैंक FD पर कम ब्याज देते हैं, लोग सोने में पैसा लगाते हैं।
2010 के बाद भारत में सोने (24K, लगभग प्रति 10 ग्राम) के दामों में वृद्धि का क्रम इस प्रकार रहा:
वर्ष सोने का औसत दाम (₹/10 ग्राम) पिछले वर्ष से बदलाव।
2010 ₹18,500 —
2011 ₹26,400 ▲ 42.7%
2012 ₹31,050 ▲ 17.6%
2013 ₹29,600 ▼ 4.7%
2014 ₹28,006 ▼ 5.4%
2015 ₹26,343 ▼ 5.9%
2016 ₹28,623 ▲ 8.7%
2017 ₹29,667 ▲ 3.6%
2018 ₹31,438 ▲ 6.0%
2019 ₹35,220 ▲ 12.0%
2020 ₹42,700 ▲ 21.2%
2021 ₹48,720 ▲ 14.1%
2022 ₹52,950 ▲ 8.7%
2023 ₹60,100 ▲ 13.5%
2024 ₹72,500 ▲ 20.6%
2025 ₹78,200 ▲ 7.9%
मुख्य बातें: 2010 से 2012 तक सोने में तेज़ बढ़ोतरी हुई।2013–2015 के बीच कीमतों में गिरावट देखी गई। 2019 के बाद फिर लगातार तेज़ वृद्धि हुई, खासकर 2020 (कोविड काल) और 2024 में।
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