तेहरान:अब्दान:विश्व की सबसे बड़ी और दूसरी रिफाइनरी तेहरान,अब्दान है।
तेहरान रिफाइनरी यह ईरान की राजधानी के पास स्थित है यहां पेट्रोल,डीज़ल, और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों का प्रसंस्करण होता है।
अब्दान रिफाइनरी यह ईरान की सबसे पुरानी रिफाइनरी और सबसे बड़ी रिफाइनरी है। जो ईरान के दक्षिण और पश्चिम हिस्से में स्थित है। इसका संचालन 1912 ई0 में हुई। और आज भी यह ईरान की पेट्रोलियम उत्पादों की बड़ी आपूर्तिकर्ता है।
इतिहास: उस समय ब्रिटीश हुकूमत ने अपने फायदे के लिए रिफाइनरी का निर्माण किया। मोहम्मद मोसाददेघ ने राष्ट्रीयकरण करवाया जिसके कारण बहुत बड़ा विवाद खड़ा हो गया। आज भी ईरान की सबसे महत्वपूर्ण रिफाइनरी में से एक है।
इसने मध्य पूर्व के तेल व्यापार और वैश्विक उर्जा राजनीति पर बड़ा प्रभाव डाला। एक समय इस रिफाइनरी के कारण अबदान शहर विश्व के प्रमुख तेल औधोगिक शहरों में गिना जाता था।
अब्दान रिफाइनरी भारत से जुड़ा हुआ माना जाता है क्योंकि इसके निर्माण,संचालन में भारतीय श्रमिकों का बहुत बड़ा योगदान रहा है।
ब्रिटिश भारत का आर्थिक संबंध: जब यह रिफाइनरी 1912 ई० में बनी थी उस समय ब्रिटीश हुकूमत के शासन के अधीन था। इसलिए इसका प्रबंधन और श्रमिक व्यवस्था ब्रिटिश भारत से जुड़ी थी।
भारतीय श्रमिकों और कर्मचारियों की संख्या : रिफाइनरी में काम करने वाले हजारों मजदूर ब्रिटिश शासन काल में भारतीय श्रमिक एवं कर्मचारियों के रूप कार्य करते थे। आज भी भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान से मजदूर ले जाया करते हैं। की लोग बिहार,बंगाल, उत्तर प्रदेश क्षेत्र से मजदूर थे।
भारतीय समुदाय: भारतीय समुदाय के लोगों का अब्दान रिफाइनरी के आसपास एक बहुत बड़ी बस्ती है। वहां पर भारतीय समुदाय के मंदिर सांस्कृतिक संस्थाएं भी बनें हैं। की भारतीय परिवार कई वर्षो से घर परिवार लेकर रह रहे हैं।
भारत को तेल की आपूर्ति: रिफाइनरी से निकला पेट्रोलियम उत्पाद ब्रिटिश शासन काल में भारत और एशिया के कई हिस्सों में भेजा जाता था।
1951 ई० में जब राजनीति घटना घटी थी उस समय ब्रिटीश कर्मचारी के साथ भारतीय लोग भी भारत लौट आए। वर्तमान समय में भी ईरान और अमेरिका के साथ युद्ध जारी रहने के कारण अबदान शहर से भारतीय लोग भारत वापस आ रहे हैं।

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