नई दिल्ली: वन नेशन वन राशन कार्ड योजना कागज़ों में सफल, ज़मीन पर लाभार्थी अब भी परेशान।

नई दिल्ली: वन नेशन वन राशन कार्ड योजना कागज़ों में सफल, ज़मीन पर लाभार्थी अब भी परेशान।

वन नेशन वन कार्ड 

संवाददाता, विशेष रिपोर्ट:

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी "वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC)" योजना का उद्देश्य देश के किसी भी राज्य में रहने वाले पात्र राशन कार्ड धारकों को कहीं से भी राशन प्राप्त करने की सुविधा देना है। सरकार के अनुसार यह योजना पूरे देश में लागू की जा चुकी है और सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को इससे जोड़ा गया है।

हालांकि कई क्षेत्रों में लाभार्थियों का कहना है कि योजना का पूरा लाभ उन्हें अभी भी नहीं मिल रहा है। प्रवासी मजदूरों और गरीब परिवारों को कई बार तकनीकी समस्याओं, आधार प्रमाणीकरण में दिक्कत, सर्वर डाउन रहने तथा स्थानीय स्तर पर जानकारी के अभाव के कारण राशन लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

योजना के तहत पात्र परिवार देश के किसी भी उचित मूल्य की दुकान से अपना निर्धारित राशन प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा विशेष रूप से उन श्रमिकों के लिए शुरू की गई थी जो रोजगार के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य में जाते हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई राशन दुकानों पर अभी भी लाभार्थियों को प्रक्रिया की सही जानकारी नहीं दी जाती। कुछ स्थानों पर मशीनों की तकनीकी खराबी और नेटवर्क समस्याओं के कारण लोगों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि योजना की सफलता के लिए तकनीकी ढांचे को और मजबूत करने, राशन दुकानदारों को प्रशिक्षित करने तथा लाभार्थियों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। तभी "वन नेशन वन राशन कार्ड" का वास्तविक लाभ देश के हर पात्र नागरिक तक पहुंच सकेगा।

निष्कर्ष:

योजना राष्ट्रीय स्तर पर लागू होने के बावजूद कई स्थानों पर इसके प्रभावी क्रियान्वयन में चुनौतियां बनी हुई हैं। सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर दूर करना समय की मांग है।

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