नई दिल्ली: ब्रिक्स देशों की बैठक में ADR व्यवस्था पर सहमति बनी।

ब्रिक्स देशों की बैठक में ADR व्यवस्था पर सहमति बनी।

मध्यस्थता और सुलह को बढ़ावा देने हेतु संयुक्त घोषणा अपनाई गई।

BRICS देशों के न्याय मंत्रियों की बैठक में वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) व्यवस्था को मजबूत करने पर महत्वपूर्ण सहमति बनी। भारत की अध्यक्षता में गुजरात के गांधीनगर में आयोजित बैठक में सदस्य देशों ने “मध्यस्थता और पंचाट के माध्यम से क्षमता निर्माण” संबंधी संयुक्त घोषणा को अपनाया।

बैठक में भारत, ब्राज़ील, चीन, रूस, दक्षिण अफ्रीका सहित विस्तारित BRICS समूह के देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। चर्चा का मुख्य उद्देश्य अदालतों पर बढ़ते बोझ को कम करना तथा व्यापारिक एवं निवेश संबंधी विवादों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना रहा।

घोषणा में मध्यस्थता (Mediation) और पंचाट (Arbitration) को अधिक प्रभावी एवं सुलभ बनाने पर जोर दिया गया। सदस्य देशों ने ADR से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम, डिजिटल विवाद समाधान प्रणाली और कानूनी सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

भारत के कानून एवं न्याय मंत्रालय के अनुसार, यह पहल सदस्य देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक तेज और कम खर्चीला बनाने में सहायक होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि BRICS देशों द्वारा ADR व्यवस्था को बढ़ावा देने से वैश्विक दक्षिण के देशों को एक वैकल्पिक और सहयोगात्मक कानूनी मंच मिल सकेगा।

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