तेहरान: एजेंसी: एक हजार विदेशी नाविकों एवं भारतीय नाविकों को परिवार से बिछड़ने का गम समाप्त हुआ।

तेहरान: एजेंसी: एक हजार विदेशी नाविकों एवं भारतीय नाविकों को परिवार से बिछड़ने का गम समाप्त हुआ।

।।नाविकों को परिवार से बिछड़ने का गम।।

युद्ध सिर्फ देशों की सीमाओं के बीच नहीं लड़ा जाता, बल्कि इसकी असली चोट आम लोगों के दिलों पर पड़ती है। जब मिसाइलें गिरती हैं और गोलियों की आवाज गूंजती है, तो सबसे ज्यादा दर्द उन परिवारों को होता है जो बिछड़ जाते हैं, अपने अपनों की चिंता में हर पल जीते हैं। घर उजड़ जाते हैं, सपने टूट जाते हैं और जिंदगी डर के साए में सिमट जाती है। ऐसे माहौल में जब थोड़े समय के लिए भी युद्धविराम होता है, तो वह लोगों के लिए किसी उम्मीद की किरण से कम नहीं होता। 
 भारत सरकार को आगाह किया नाविकों ने 

यह राहत का वह पल होता है, जब लोग फिर से अपने परिवार से जुड़ने, सांस लेने और सामान्य जीवन की कल्पना करने की हिम्मत जुटा पाते हैं। यही दिखाता है कि शांति की छोटी सी शुरुआत भी इंसानियत के लिए कितनी बड़ी मायने रखती है। असल में, ट्रम्प के राष्ट्रपति कार्यकाल (2017–2021) के दौरान अमेरिका और ईरान के संबंध काफी तनावपूर्ण थे। 

शांति की छोटी सी शुरुआत भी इंसानियत के लिए कितनी अहमियत है।

कुछ प्रमुख घटना:- 

ट्रम्प ने ईरान न्युक्लियर डील (J C P O A) से अमेरिका को बाहर निकाला। ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए गए। 

2020 में काशीम सुलेमानी  की अमेरिकी ड्रोन हमले में हत्या हुई, जिससे तनाव और बढ़ गया। इन कदमों को देखते हुए, कई विश्लेषक मानते हैं कि ट्रम्प की नीति “कठोर रुख” की थी, न कि झुकने वाली। 

हालांकि, राजनीति में अलग-अलग लोग एक ही घटना को अलग नजरिए से देखते हैं कुछ लोग किसी कूटनीतिक कदम या बातचीत को “कमजोरी” कह सकते हैं, जबकि अन्य उसे “रणनीतिक निर्णय” मानते हैं।

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