नई दिल्ली/दुर्गापुर/पश्चिम बंगाल/पेट्रोल-डीज़ल फिर महंगा, 10 दिनों में तीसरी बढ़ोतरी।

नईदिल्ली/दुर्गापुर/पश्चिमबंगाल/पेट्रोल-डीज़ल फिर महंगा, 10 दिनों में तीसरी बढ़ोतरी।
दस दिनों में तीसरी बार पेट्रोल डीज़ल के दाम बढ़े।

आम आदमी की जेब पर बढ़ा बोझ, दुर्गापुर समेत पूरे देश में असर।

नई दिल्ली/दुर्गापुर। आम जनता को महंगाई का एक और झटका लगा है। देशभर में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी की गई है। तेल कंपनियों ने 23 मई 2026 को पेट्रोल के दाम में करीब 87 पैसे और डीज़ल में 91 पैसे प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है।

नई कीमतों के बाद राजधानी नई दिल्ली में पेट्रोल ₹99.51 प्रति लीटर और डीजल ₹92.49 प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं कोलकाता और पश्चिम बंगाल के अन्य शहरों, जिनमें दुर्गापुर भी शामिल है, वहां भी ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

बताया जा रहा है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण भारत में ईंधन महंगा हो रहा है। सरकारी तेल कंपनियों का कहना है कि बढ़ती आयात लागत के चलते कीमतों में संशोधन जरूरी हो गया था।

विशेषज्ञों के अनुसार, मई महीने में अब तक पेट्रोल-डीजल करीब ₹5 प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है। लगातार बढ़ती कीमतों का असर परिवहन, कृषि और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

इस बीच विपक्ष ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा है और बढ़ती महंगाई को लेकर आम जनता पर बोझ बढ़ाने का आरोप लगाया है।

24 मई। पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले 10 दिनों में तीसरी बार दाम बढ़ने के बाद जहां जनता महंगाई की मार झेल रही है, वहीं दूसरी ओर तेल की कालाबाजारी करने वालों की चांदी हो रही है।

ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों में कई जगहों पर अधिक दाम पर पेट्रोल-डीजल बेचने की शिकायतें सामने आ रही हैं। कुछ लोग तेल का स्टॉक जमा कर ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बढ़ती कीमतों का फायदा उठाकर अवैध कारोबार करने वाले सक्रिय हो गए हैं। खासकर छोटे कस्बों और हाईवे क्षेत्रों में बोतलों और ड्रमों में खुलेआम महंगे दामों पर तेल बेचा जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और घरेलू स्तर पर लगातार मूल्य वृद्धि ने कालाबाजारी को बढ़ावा दिया है। यदि प्रशासन ने सख्ती नहीं दिखाई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।



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