दुर्गापुर/हैदराबाद से दुर्गापुर पहुंचे यात्रियों की परेशानी, एयरपोर्ट से बाहर निकलने के लिए सामान ढोने को मजबूर।
हैदराबाद से काजी नजरूल इस्लाम एयरपोर्ट, दुर्गापुर पहुंचे यात्रियों को मंगलवार को उस समय भारी असुविधा का सामना करना पड़ा  |
एयरपोर्ट पर टैक्सी खड़ी हुई है इस पर प्रशासन का ध्यान नहीं। लेकिन टोटो रिक्शा पर विशेष ध्यान दिया जाता है। |
जब एयरपोर्ट परिसर से बाहर निकलने के लिए उन्हें अपना सामान काफी दूरी तक स्वयं ढोकर ले जाना पड़ा।  |
(ई-रिक्शा) और अन्य छोटे वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध होने के कारण उन्हें भारी लगेज लेकर पैदल चलना पड़ा। |
यात्रियों का आरोप है कि एयरपोर्ट परिसर में टोटो (ई-रिक्शा) और अन्य छोटे वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध होने के कारण उन्हें भारी लगेज लेकर पैदल चलना पड़ा, जबकि टैक्सियों को परिसर में प्रवेश की अनुमति मिलती है। |
यात्रियों ने महिलाओं और बच्चों के साथ यात्रा कर रहे लोगों को अपना सामान लेकर लंबी दूरी तक पैदल चलना पड़ा। |
यात्रियों ने बताया कि विमान से उतरने और सामान प्राप्त करने के बाद उन्हें एयरपोर्ट परिसर से बाहर आने में कठिनाई हुई।
कई यात्रियों, विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ यात्रा कर रहे लोगों को अपना सामान लेकर लंबी दूरी तक पैदल चलना पड़ा।
बाहर निकलने के बाद ही उन्हें टोटो या अन्य स्थानीय परिवहन की सुविधा मिल सकी।
यात्रियों का कहना है कि यदि टैक्सियों को एयरपोर्ट परिसर में प्रवेश की अनुमति है, तो टोटो या अन्य छोटे वाहनों के लिए भी कोई व्यवस्थित व्यवस्था होनी चाहिए।
उनका तर्क है कि सभी यात्रियों को समान सुविधा मिलनी चाहिए और परिवहन व्यवस्था में भेदभाव नहीं होना चाहिए।
एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से पूर्व में सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को देखते हुए टोटो एवं ई-रिक्शा के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाए जाने की जानकारी दी गई है।
देश के कई हवाई अड्डों पर भी सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के कारण ऐसे प्रतिबंध लागू किए जाते हैं।
मिलनी चाहिए और परिवहन व्यवस्था में भेदभाव नहीं होना चाहिए।
एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से पूर्व में सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को देखते हुए टोटो एवं ई-रिक्शा के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाए जाने की जानकारी दी गई है।
देश के कई हवाई अड्डों पर भी सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के कारण ऐसे प्रतिबंध लागू किए जाते हैं।
हालांकि यात्रियों का कहना है कि यदि सुरक्षा कारणों से टोटो को अंदर आने की अनुमति नहीं दी जा सकती,
तो एयरपोर्ट प्रशासन को बैटरी चालित शटल सेवा, सामान ढोने की अतिरिक्त व्यवस्था या निकट पिक-अप प्वाइंट उपलब्ध कराना चाहिए, ताकि यात्रियों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
संवाददाता अमन कुमार मिश्र रिपोर्ट।
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