क्रेमलिन ने लंदन को दी चेतावनी, यूक्रेन के मिसाइल कारखाने पर हमले के बाद बढ़ा तनाव।

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क्रेमलिन ने लंदन को दी चेतावनी, यूक्रेन के मिसाइल कारखाने पर हमले के बाद बढ़ा तनाव।

मॉस्को/लंदन, 24 जून। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। 

यूक्रेन द्वारा रूस के एक महत्वपूर्ण मिसाइल इलेक्ट्रॉनिक्स कारखाने पर किए गए हमले के बाद क्रेमलिन समर्थक हलकों से ब्रिटेन के खिलाफ कड़ी चेतावनियां सामने आई हैं। 

रूसी पक्ष का आरोप है कि पश्चिमी देशों, विशेष रूप से ब्रिटेन, की मदद के बिना ऐसे गहरे हमले संभव नहीं हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, यूक्रेन ने हाल ही में रूस के वोरोनेझ क्षेत्र में स्थित एक मिसाइल इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन संयंत्र को निशाना बनाया। 

यूक्रेनी सेना का दावा है कि यह संयंत्र रूस की मिसाइल निर्माण क्षमता के लिए महत्वपूर्ण था। हमले में कई लोगों के मारे जाने और घायल होने की भी खबर है।

इसी बीच रूसी मीडिया और कुछ प्रमुख प्रचारकों ने ब्रिटेन को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा है कि यदि लंदन यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइलें और सैन्य सहायता देता रहा तो रूस जवाबी कदम उठा सकता है। 

कुछ रूसी टिप्पणीकारों ने यहां तक कहा कि रूस को ब्रिटेन के खिलाफ "अल्टीमेटम" जारी करना चाहिए। हालांकि, ऐसी टिप्पणियां आधिकारिक रूसी सैन्य कार्रवाई की घोषणा नहीं मानी जातीं।

ब्रिटेन हाल के महीनों में यूक्रेन को सैन्य सहायता बढ़ाने और उसकी वायु रक्षा तथा लंबी दूरी की हमले की क्षमता मजबूत करने का समर्थन करता रहा है। लंदन में हुई उच्चस्तरीय बैठकों में भी यूक्रेन को अतिरिक्त सहायता देने पर चर्चा हुई थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यूक्रेन द्वारा रूसी सैन्य और ऊर्जा ढांचे पर लगातार बढ़ते हमलों से मॉस्को पर दबाव बढ़ा है। 

इसके जवाब में रूस की ओर से तीखी बयानबाजी और संभावित प्रतिशोध की चेतावनियां भी तेज हो गई हैं।

निष्कर्ष: यूक्रेन के ताजा हमले के बाद रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव और गहरा गया है। 

हालांकि अभी तक क्रेमलिन की ओर से लंदन पर किसी प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन रूसी राजनीतिक और मीडिया हलकों की आक्रामक भाषा ने अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ा दी है।

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