इस्लामाबाद को ट्रम्प का बड़ा झटका!
मुस्लिम देशों को बदलना पड़ सकता है पासपोर्ट, पाकिस्तान ने कहा “मंजूर नहीं”
इस्लामाबाद/वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर मध्य पूर्व की राजनीति में बड़ा दांव चल दिया है।
ट्रम्प ने पाकिस्तान समेत कई मुस्लिम देशों से “अब्राहम अकॉर्ड्स” में शामिल होकर इज़राइल के साथ संबंध सामान्य करने की अपील की है।
ट्रम्प के इस प्रस्ताव के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
वजह यह है कि पाकिस्तानी पासपोर्ट पर वर्षों से यह लाइन छपी होती है।
“यह पासपोर्ट इज़राइल को छोड़कर दुनिया के सभी देशों के लिए मान्य है।”
अगर पाकिस्तान इज़राइल को मान्यता देता है, तो उसे अपने पासपोर्ट की यह शर्त हटानी पड़ सकती है।
पाकिस्तान ने ट्रम्प के प्रस्ताव को ठुकराया:
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री Khawaja Asif ने साफ कहा कि इज़राइल से संबंध सामान्य करना पाकिस्तान की “मूल विचारधारा” के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन मुद्दे के समाधान तक पाकिस्तान इज़राइल को मान्यता नहीं देगा।
Abraham Accords?
क्या है Abraham Accords:
वर्ष 2020 में शुरू हुए समझौते हैं, जिनके तहत कई अरब देशों ने इज़राइल के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। इसमें यूएई, बहरीन, मोरक्को और सूडान शामिल हैं।
फिलहाल पासपोर्ट नहीं बदले जाएंगे:
पाकिस्तान एजेंसी:-हालांकि अभी तक पाकिस्तान सरकार ने पासपोर्ट बदलने या इज़राइल को मान्यता देने का कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रम्प के दबाव के बावजूद पाकिस्तान के लिए ऐसा कदम राजनीतिक रूप से बेहद मुश्किल होगा।
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