नई दिल्ली:केंद्रीय रेलवे या रेल मंत्रालय ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि कुलियों को कब तक सरकारी नौकरी मिलेगी।

नई दिल्ली:2026-27 के बजट में वित्त मंत्री ने रेलवे के लिए 2.78 दो सौ अठत्तर लाख करोड़ रुपए आवंटित किए। फिर भी रेलवे में कुली को नौकरी देने में बिलंब क्यों।
नई दिल्ली:केंद्रीय रेलवे या रेल मंत्रालय ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि कुलियों को कब तक सरकारी नौकरी मिलेगी।

भारतीय रेलवे बोर्ड रेल भवन से दिनांक 10/03/2026 को विशेष रूप से जानकारी रेलवे कुलियों के लिए दी जाएगी।
कुली समुदाय की मांग:-कुलियों ने वर्षों से यह माँग की है कि रेलवे में स्थायी Group D या नियमित सरकारी नौकरी दी जाए ताकि उन्हें नौकरी-सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और स्थिर आय मिल सके। इन मुद्दों को कुछ राजनीतिक समूहों और सांसदों ने संसद में भी उठाया है।
कोई आधिकारिक नीति या तिथि नहीं:-अब तक केंद्रीय रेलवे या रेल मंत्रालय ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि कुलियों को कब तक सरकारी नौकरी मिलेगी। ऐसी कोई आधिकारिक योजना या अधिसूचना जारी नहीं हुई है।
भारतीय रेलवे के कुली (पोर्टर) को सीधे “सरकारी नौकरी” देने का कोई आधिकारिक तिथि तय नहीं हुई है। सरकार से कुली समुदाय की मांगें उठी हैं और चर्चा भी हुई है, लेकिन फिलहाल कोई ग़ैर-न्यायिक निर्णय या घोषणा जारी नहीं की गई है कि कुलियों को रेलवे में कब स्थायी सरकारी नौकरी मिलेगी।
बजट: 2026-27 में ₹2.78 लाख करोड़ 278,000 करोड़ है, 278 लाख करोड़ नहीं — 278 लाख करोड़ होने पर यह संख्या ₹278,00,000 करोड़ बन जाती जो असंभव रूप से बहुत ज़्यादा होती।
भारतीय रेल कुली को सरकारी नौकरी मिलेगी

असल में रेल मंत्रालय को करीब ₹2.8 लाख करोड़ का बजट मिला है, जो रेलवे नेटवर्क, इंफ्रास्ट्रक्चर, हाई-स्पीड कॉरिडोर, सुरक्षा, स्टेशन अपग्रेड आदि पर खर्च किया जाएगा।
लेकिन यह पैसा इंफ्रास्ट्रक्चर (ट्रैक, स्टेशन, ट्रेन, हाई-स्पीड प्रोजेक्ट) और सेवाओं के विकास के लिए है।

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