नई दिल्ली: परम 8000 से परमाणु परीक्षण का सिम्युलेशन, ब्रह्माण्ड की खोज अच्छे से किया जाता है।
भारत के वैज्ञानिकों ने जब 1991 में परम 8000 लांच किया था,उस समय भारत ने विश्व में दूसरा स्थान प्राप्त किया। जिसने सुपरकंप्यूटिंग तकनीक विकसित की। तब से लेकर परम युवा सेकेंड और अब परम सिद्धि एआई तक भारत ने अपनी गणना शक्ति को कई गुना बढ़ाया है। परम 8000 कई दिनों से चक्रवाती तूफान की दिशा गति बताता है। कैंसर या जैनेटिक बीमारियों के इलाज को लाखों प्रोटींस और मालिक्यूल्स का मिलान तेजी से करता है। भारत के वैज्ञानिक आज के दिन परम 8000 की नींव रखी। पुणे के एक छोटे से कमरे से शुरू हुआ।
यह सफर आज भारत को दुनिया के उस चुनिंदा सूपरपावर देशों की लाइन में खड़ा कर चुका है, जिनकी ब्रह्माण्ड की सबसे जटिल गणनाएं होती है। परम की मदद से मानसून और चक्रवातों की भविष्यवाणी करना आसान हो गया।


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