प्रधानमंत्री मोदी पश्चिम बंगाल की जनता का करोड़ो रुपए पानी में गलाने कोच बिहार आ रहे हैं।
पश्चिम बंगाल: बंगाल में प्रधानमंत्री की एक रैली की सटीक अधिकारिक खर्च सार्वजनिक रूप से तय घोषित एक रैली पर एक करोड़ रुपए खर्च होते हैं।
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पश्चिम बंगाल की जनता का करोड़ो रुपए पानी में गलाने कोच बिहार आ रहे हैं। |
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पटना बिहार की जनता मोदी की रैली में कितना चाहते है इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं फिर भी बिहार में सरकार बना ली। |
सुरक्षा (SPG, पुलिस, बैरिकेडिंग) मंच, पंडाल, साउंड सिस्टम भीड़ लाने के लिए बस/लॉजिस्टिक्स हेलीकॉप्टर/यात्रा व्यवस्था LED स्क्रीन, मीडिया कवरेज बड़ी रैलियों में लाखों लोगों के आने की तैयारी होती है (जैसे बिहार में एक रैली में 5 लाख तक भीड़ का अनुमान)।
वास्तविक अनुमान क्या माना जाता है? विशेषज्ञों के अनुसार (सामान्य चुनावी विश्लेषण के आधार पर): छोटी रैली: 1–5 करोड़, बड़ी राष्ट्रीय स्तर की रैली (PM स्तर): 10–30 करोड़ या उससे अधिक,बहुत बड़ी हाई-प्रोफाइल रैली: इससे भी ज्यादा हो सकती है,लेकिन 100करोड़ प्रति रैली का आंकड़ा सिर्फ राजनीतिक बयान है प्रमाणित/आधिकारिक नहीं। आधिकारिक तौर पर किसी एक रैली का निश्चित खर्च सार्वजनिक नहीं होता है । 100 करोड़ वाला आंकड़ा दावा (claim) है, तथ्य (verified data) नहीं वास्तविक खर्च रैली के आकार, सुरक्षा और भीड़ पर निर्भर करता है।
तेजस्वी यादव: ने कहा प्रधानमंत्री जब एक रैली में आते हैं तो 100 करोड़ रुपए आम जनता का खर्च होता है। उनका दावा था कि 2014 से लेकर अभी तक 200 रैलियों में 20.000 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।
महत्वपूर्ण बात: यह सिर्फ राजनीतिक आरोप है। इसके समर्थन में कोई आधिकारिक सरकारी डेटा या ऑडिटेड रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं है।
बिहार चुनाव 2020 : कुल चुनाव खर्च (पार्टी स्तर):(ADR) की रिपोर्ट के अनुसार: कुल फंड (सभी पार्टियां) ~₹185 करोड़ कुल खर्च (घोषित) : ~₹81.86 करोड़।
ध्यान दें: ये सिर्फ पार्टी द्वारा घोषित खर्च है। इसमें उम्मीदवारों (candidates) का अलग खर्च शामिल नहीं है।


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