गुजरात: भारत अब गैस के लिए दुसरे देश पर आश्रित नहीं रहेगा।

गुजरात: भारत अब गैस के लिए दुसरे देश पर आश्रित नहीं रहेगा ।

भारत के किसी राज्य के विधानसभा चुनाव हो या सांसद सदस्य का चुनाव हो कोई न कोई नया मुद्दा उठाया जाता है। ये हैं हमारे देश के नेता का है कमाल होते हैं चुनाव के समय धमाल।

जैसे: बिहार में 125 युनिट बिजली फ्री कर दी गई। महिलाओं को रोजगार के लिए दस हजार रुपए खाते में आवंटित किया गया। 

अब जनता द्वारा पैसा वसूल करने का नया तरीका शाम को साढ़े छः बजे लेकर ग्यारह बजे तक बिजली का चार्ज डबल किया गया है ऐसा क्यों क्योंकि उस समय वोट लेना था।

भारत गैस के लिए दुसरे देश पर अब आश्रित नहीं रहेगा।
मुंबई से लगभग 180 किमी उत्तर-पश्चिम गुजरात के पिपावाव से करीब 80 किमी दूर समुद्र में स्थित है। गुजरात के पास मिला यह गैस भंडार अभी का सबसे ठोस और चालू प्रोजेक्ट है।

कहां मिला गैस का भंडार: ऑयल एंड नेचुरल गैस कारपोरेशन ने गुजरात के तट अरबियन सागर D U D P क्षेत्र में गैस उत्पादन शुरू किया।

कितना है गैस का भंडार: इस प्रोजेक्ट में अनुमानित गैस भंडार लगभग 21.5 बिलियन क्यूबिक मीटर उत्पादन क्षमता लगभग 5 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रति दिन  तक पहुंचने की उम्मीद (ONGC) ने हाल ही में गैस के नए भंडार की खोज की है, जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ONGC ने नए प्राकृतिक गैस (Natural Gas) के भंडार की पहचान की है, जो आमतौर पर समुद्री (offshore) या भू-स्थलीय (onshore) क्षेत्रों में मिलते हैं।

ऐसी खोजें भारत की घरेलू ऊर्जा उत्पादन क्षमता को बढ़ाने में मदद करती हैं।

आयात में कमी – भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है।

ऊर्जा आत्मनिर्भरता – गैस भंडार मिलने से देश आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ता है।

आर्थिक लाभ – इससे सरकार और कंपनियों को राजस्व मिलता है।

स्वच्छ ईंधन – प्राकृतिक गैस को कोयला और तेल से ज्यादा साफ ईंधन माना जाता है।


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