कोलकाता/कुचबिहार पश्चिम बंगाल में अलग-अलग इलाकों में अलग राजनीतिक तस्वीर दिखती है।

पश्चिम बंगाल में अलग-अलग इलाकों में अलग राजनीतिक तस्वीर दिखती है। अभी मोटे तौर पर यह समझा जाता है कि T M C (ममता बनर्जी) की मजबूत पकड़।
मोदी के रोड शो में झांकने वाला कोई नहीं।
कोलकाता कुच बिहार में रोड शो में मोदी की छवि दिखाई दे रहा है इसी से समझ सकते हैं कि बंगाल की जनता ने कैसे नकारा। देखना भी पसंद नहीं करते हैं।

कोलकाता और आसपास का शहर क्षेत्र यहाँ ममता बनर्जी की छवि और लोकल नेटवर्क काफी मजबूत माना जाता है।

दक्षिण बंगाल:-

जैसे:- हावड़ा  हुगली साऊथ 24 परगणा यहाँ टीएमसी का संगठन और कल्याण योजनाएँ असर दिखाती हैं।

BJP ( नरेन्द्र मोदी) की मजबूत चुनौती!

उत्तर बंगाल:-

जैसे: कुचबिहार,अलिपुरद्वार,जलपाईगुड़ी यहाँ बीजेपी ने पिछले चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन इस बार मोदी के दाल नहीं गलेगी।

जंगलमहल क्षेत्र:- ममता बनर्जी की पकड़ मजबूत हुई।

जैसे:पुरूलिया,बांकुड़ा आदिवासी इलाकों में बीजेपी ने अपनी पकड़ बढ़ाई थी लेकिन अब ममता बनर्जी की पकड़ मजबूत हुई है।

“टक्कर वाले” इलाके:- 

नदीया,मुर्शिदाबाद,मालदा यहाँ मुकाबला काफी कड़ा रहता है, कभी टीएमसी, कभी बीजेपी, कभी अन्य दल भी असर डालते हैं।

बड़ी तस्वीर:- मोदी के केन्द्रीय नेतृत्व का (फैक्टर) दिखाई नहीं देता है।

टीएमसी का ग्रामीण + महिला वोट बैंक मजबूत माना जाता है बीजेपी का ध्रुवीकरण + केंद्रीय नेतृत्व (मोदी फैक्टर) असर डालता है स्थानीय उम्मीदवार और गठबंधन भी कई सीटों पर गेम बदल देते हैं इसलिए “किसका जलवा है” यह एक ही जवाब में तय नहीं होता पश्चिम बंगाल में चुनाव इलाके-इलाके का खेल है।

2021 का पूरा रिजल्ट (बेसलाइन समझिए)

कुल सीटें: 294

ममता बनर्जी की T M C: 213 सीटें (48% वोट)

नरेन्द्र मोदी की B J P: 77 सीटें (~38% वोट)

बाकी (कांग्रेस + वाम): लगभग खत्म(0)






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