नई दिल्ली:देशभर में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा, पेट्रोल-डीज़ल गाड़ियों पर निर्भरता घटाने की तैयारी।
संवाददाता अमन कुमार मिश्र रिपोर्ट।
नई दिल्ली, सोमवार।

संवाददाता अमन कुमार मिश्र रिपोर्ट।
देश में बढ़ते प्रदूषण और महंगे ईंधन के बीच केंद्र सरकार अब Electric vehicle को तेजी से बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है।
सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में Petrol और Diesel से चलने वाले वाहनों पर निर्भरता कम करना है।
सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक दोपहिया, कार और बसों की खरीद पर सब्सिडी दी जा रही है।
कई राज्यों में रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी छूट दी गई है। इसके साथ ही देशभर में चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क बढ़ाने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बड़ी संख्या में लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाते हैं, तो ईंधन की मांग में कमी आ सकती है। इससे लंबे समय में पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।
हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों और लंबी दूरी की यात्रा के लिए अभी भी पेट्रोल-डीज़ल वाहनों की जरूरत बनी हुई है। चार्जिंग सुविधा और बैटरी लागत जैसी चुनौतियों के कारण सरकार फिलहाल चरणबद्ध तरीके से बदलाव की नीति अपना रही है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ने से प्रदूषण कम होगा और भारत की विदेशी तेल पर निर्भरता भी घटेगी। वहीं ऑटोमोबाइल उद्योग इसे भविष्य का सबसे बड़ा बदलाव मान रहा है।
भारत के सभी राज्यों में इलेक्ट्रॉनिक वाहन खरीदने पर छूट दी गई है।
इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर सब्सिडी
रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन में छूट
चार्जिंग स्टेशन बढ़ाना
बैटरी निर्माण को प्रोत्साहन
सरकारी बसों और दोपहिया में EV अपनाना
तेल आयात पर निर्भरता कम करना
प्रदूषण घटाना
शहरों की हवा बेहतर करना
भविष्य की ऑटो इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा बढ़ाना
लेकिन पूरी तरह पेट्रोल-डीज़ल वाहन बंद करना अभी आसान नहीं है, क्योंकि:चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर हर जगह नहीं है,बैटरी महंगी है,लंबी दूरी और भारी वाहनों में चुनौतिपूर्ण हैं,बिजली उत्पादन भी पर्याप्त और स्वच्छ होना चाहिए
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