भारत-नीदरलैंड रिश्तों को नई मजबूती।
जल प्रबंधन, ऊर्जा और हरित तकनीक में बढ़ेगा सहयोग
India और Netherlands ने द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देते हुए जल प्रबंधन, ऊर्जा सुरक्षा, हरित तकनीक और सप्लाई चेन जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है।
भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ डच द्विपक्षीय वार्ता।
प्रधानमंत्री Narendra Modi और डच नेतृत्व के बीच हुई वार्ता में दोनों देशों ने स्वच्छ ऊर्जा, आधुनिक तकनीक और टिकाऊ विकास को लेकर साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया। बैठक में जल संरक्षण, कृषि नवाचार, बंदरगाह विकास और व्यापारिक संबंधों को भी विस्तार देने की बात कही गई।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और नीदरलैंड मिलकर भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए मजबूत और भरोसेमंद साझेदारी विकसित कर रहे हैं। उन्होंने हरित विकास और तकनीकी सहयोग को आने वाले समय के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया।
विशेषज्ञों के अनुसार, जल प्रबंधन और कृषि तकनीक के क्षेत्र में नीदरलैंड की विशेषज्ञता भारत के लिए काफी लाभकारी साबित हो सकती है। वहीं भारत का तेजी से बढ़ता बाजार और तकनीकी क्षमता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई गति दे सकती है।
नीदरलैंड में पीएम मोदी का बड़ा बयान
“भारत और नीदरलैंड की दोस्ती को मिली नई गति”
Narendra Modi ने अपने नीदरलैंड दौरे के दौरान भारत-नीदरलैंड संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। डच नेताओं के साथ बैठक के बाद उन्होंने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी अब नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही है।
प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि “भारतीय दुनिया के किसी भी कोने में रहें, अपनी जड़ों को कभी नहीं भूलते।” उन्होंने नीदरलैंड में भारतीयों के उत्साह और स्वागत की सराहना करते हुए कहा कि वहां का माहौल किसी भारतीय त्योहार जैसा लग रहा था।
पीएम मोदी ने भारत की तेज आर्थिक प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत आज स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है और दुनिया का प्रमुख नवाचार केंद्र बन रहा है।
वैश्विक संकटों पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी, युद्ध और ऊर्जा संकट जैसी चुनौतियां दुनिया के लिए गंभीर खतरा हैं। उन्होंने देशों से मिलकर काम करने और स्थायी समाधान खोजने की अपील की।
भारत और नीदरलैंड ने जल प्रबंधन, ऊर्जा सुरक्षा, हरित तकनीक और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें