वाशिंगटन एजेंसी:अमेरिका:डोनाल्ड ट्रम्प की “टैरिफ नीति” से भारत और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ा।
वॉशिंगटन एजेंसी रिपोर्ट: Donald Trump की टैरिफ (आयात शुल्क) नीति का असर केवल United States तक सीमित नहीं रहा, बल्कि India सहित पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ा। विशेषज्ञों के अनुसार इस नीति से व्यापार, उद्योग और बाजारों में कई बड़े बदलाव देखने को मिले।
दुनिया भर के बाजारों में उतार-चढ़ाव: टैरिफ घोषणाओं के बाद अक्सर शेयर बाजार गिर जाते थे। कंपनियों को सप्लाई चेन बदलनी पड़ी। निवेशकों में अस्थिरता बढ़ी। कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने उत्पादन चीन से अन्य देशों में शिफ्ट करना शुरू किया। भारत पर असर भारत पर इसके मिश्रित प्रभाव पड़े। नकारात्मक असर अमेरिका ने कुछ भारतीय उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाए। भारत को दी जाने वाली GPS व्यापार सुविधा समाप्त कर दी गई। इससे भारतीय निर्यातकों को नुकसान हुआ। कुछ सकारात्मक असर महंगाई और उत्पादन लागत:
टैरिफ का मतलब है आयातित सामान महंगा होना।अमेरिका में कई उद्योगों के लिए कच्चा माल महंगा हुआ।इससे कुछ वस्तुओं की कीमतें बढ़ीं। वैश्विक सप्लाई चेन महंगी और जटिल हो गई।
वैश्विक अर्थव्यवस्था की गति धीमी: अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संस्थानों ने चेतावनी दी कि अगर बड़े देशों के बीच टैरिफ युद्ध बढ़ता है तो: वैश्विक व्यापार घट सकता है। निवेश कम हो सकता है।आर्थिक वृद्धि धीमी पड़ सकती है चीन से उत्पादन हटने पर कुछ कंपनियों ने भारत, वियतनाम और अन्य एशियाई देशों में निवेश पर विचार किया। इससे भारत के लिए नए अवसर भी बने।
महंगाई और उत्पादन लागत : टैरिफ का मतलब है आयातित सामान महंगा होना। अमेरिका में कई उद्योगों के लिए कच्चा माल महंगा हुआ। इससे कुछ वस्तुओं की कीमतें बढ़ीं। वैश्विक सप्लाई चेन महंगी और जटिल हो गई। वैश्विक अर्थव्यवस्था की गति धीमी अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संस्थानों ने चेतावनी दी कि अगर बड़े देशों के बीच टैरिफ युद्ध बढ़ता है तो: वैश्विक व्यापार घट सकता है निवेश कम हो सकता है
आर्थिक वृद्धि धीमी पड़ सकती है : Donald Trump की टैरिफ नीति ने अमेरिका-चीन व्यापार तनाव बढ़ाया वैश्विक बाजारों में अस्थिरता पैदा की भारत सहित कई देशों के व्यापार को प्रभावित किया लेकिन साथ ही कुछ देशों के लिए नई औद्योगिक और निवेश संभावनाएं भी पैदा हुईं।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें