पेरिस/बर्लिन। राफेल का नया उत्तराधिकारी! यूरोप का महागठबंधन टूटा, अब अकेले छठी पीढ़ी का लड़ाकू विमान बनाएगा फ्रांस।

पेरिस/बर्लिन। राफेल का नया उत्तराधिकारी! यूरोप का महागठबंधन टूटा, अब अकेले छठी पीढ़ी का लड़ाकू विमान बनाएगा फ्रांस।

पेरिस/बर्लिन। यूरोप की सबसे महत्वाकांक्षी रक्षा परियोजनाओं में से एक, Future Combat Air System (FCAS), आखिरकार बिखर गई है। फ्रांस, जर्मनी और स्पेन मिलकर जिस छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान को विकसित करने वाले थे, वह परियोजना गंभीर मतभेदों के कारण टूट गई

रक्षा सूत्रों के अनुसार, FCAS का मुख्य उद्देश्य फ्रांस के Dassault Rafale और जर्मनी-स्पेन के Eurofighter Typhoon का भविष्य का उत्तराधिकारी तैयार करना था। लेकिन तकनीकी नियंत्रण, बौद्धिक संपदा अधिकार (IP) और नेतृत्व को लेकर फ्रांसीसी कंपनी Dassault Aviation तथा Airbus Defence and Space के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि परियोजना समाप्त हो गई।

फ्रांस ने संकेत दिए हैं कि वह अब राफेल के उत्तराधिकारी छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान को अपने दम पर विकसित कर सकता है। फ्रांसीसी रक्षा उद्योग का मानना है कि राफेल की तरह अगली पीढ़ी का विमान भी राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जा सकता है।

उधर जर्मनी भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। बर्लिन ने "Team Gen 6" नामक नए औद्योगिक गठबंधन को आगे बढ़ाने की योजना बनाई है, जिसमें एयरबस और कई प्रमुख रक्षा कंपनियां शामिल हैं। जर्मनी अब या तो अपना नया कार्यक्रम शुरू कर सकता है या फिर ब्रिटेन, इटली और जापान के Global Combat Air Programme (GCAP) जैसे किसी अन्य यूरोपीय प्रयास में शामिल हो सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि FCAS का टूटना यूरोपीय रक्षा एकता के लिए बड़ा झटका है। ऐसे समय में जब रूस-यूक्रेन संघर्ष और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही हैं, यूरोप की संयुक्त लड़ाकू विमान परियोजना का विफल होना महाद्वीप की सामरिक महत्वाकांक्षाओं पर सवाल खड़े करता है।

मुख्य बात:

राफेल का उत्तराधिकारी बनने वाला यूरोपीय महागठबंधन बिखर चुका है। अब फ्रांस और जर्मनी अलग-अलग रास्तों पर चलते हुए छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकसित करने की तैयारी कर रहे हैं।

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