तेहरान/ईरान/कुवैत सिटी में अमेरिकी एयरबेस पर ईरानी मिसाइल हमला, खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा तनाव।

कुवैत में अमेरिकी एयरबेस पर ईरानी मिसाइल हमला, खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा तनाव।
मुख्य बिंदु बंदर अब्बास के निकट अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान की जवाबी मिसाइल कार्रवाई। कुवैत स्थित अमेरिकी एयरबेस को बनाया गया निशाना। अधिकांश मिसाइलें वायु रक्षा प्रणाली द्वारा रोकी गईं। तेल आपूर्ति मार्गों और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों देशों से संयम की अपील की।

ईरान/तेहरान/कुवैत सिटी/29/05/2026

बंदर अब्बास पर हुए अमेरिकी हवाई हमले के जबाब में ईरान के कुवैत में अमेरिकी एयरबेस एवं तेल टैंकर पर मिसाइलें दागी।

तेहरान/कुवैत सिटी, 30 मई।

बंदर अब्बास क्षेत्र में अमेरिकी हवाई कार्रवाई के बाद पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। 

ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य एयरबेस की ओर कई मिसाइलें दागीं। 
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया है कि यह हमला अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के प्रतिशोध में किया गया।
कुवैत और अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश मिसाइलों को वायु रक्षा प्रणालियों ने हवा में ही नष्ट कर दिया। 
प्रारंभिक रिपोर्टों में किसी बड़े जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिकी सेना ने कहा कि क्षेत्र में मौजूद उसके ठिकाने पूरी तरह सतर्क हैं और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
इस बीच, होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास तेल परिवहन और समुद्री सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। 
कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में तेल टैंकरों के लिए संभावित खतरे का उल्लेख किया गया है, हालांकि किसी अमेरिकी तेल टैंकर के सीधे मिसाइल हमले का अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित प्रमाण सामने नहीं आया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों के बीच तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने तथा कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील की है।
मुख्य बिंदु
बंदर अब्बास के निकट अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान की जवाबी मिसाइल कार्रवाई।
कुवैत स्थित अमेरिकी एयरबेस को बनाया गया निशाना।
अधिकांश मिसाइलें वायु रक्षा प्रणाली द्वारा रोकी गईं।
तेल आपूर्ति मार्गों और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों देशों से संयम की अपील की।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें