वाशिंगटन: AI (एआई) के बढ़ते इस्तेमाल से भारतीय कर्मचारियों पर असर, अमेरिकी कंपनियों में छंटनी की चिंता! भारत में सबसे ज्यादा असर दिखाई दिया।

वाशिंगटन: AI (एआई) के बढ़ते इस्तेमाल से भारतीय कर्मचारियों पर असर, अमेरिकी कंपनियों में छंटनी की चिंता! 

भारत के लोगों में सबसे ज्यादा असर दिखाई दिया।

नई दिल्ली, 12 जून 2026।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के तेजी से बढ़ते उपयोग के बीच भारतीय कर्मचारियों की नौकरियों पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। कई अमेरिकी कंपनियां अपने कामकाज में एआई और ऑटोमेशन को अपनाने के कारण कर्मचारियों की संख्या कम कर रही हैं। हाल ही में अमेरिकी रियल एस्टेट कंपनी Opendoor ने भारत में अपने संचालन बंद करने और लगभग 250 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की घोषणा की। कंपनी ने कहा कि एआई आधारित सिस्टम और स्वचालन के कारण पहले किए जाने वाले कई कार्य अब कम कर्मचारियों से पूरे किए जा सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि एआई के बढ़ते उपयोग से आईटी और बैक-ऑफिस सेवाओं में बदलाव आ रहा है। कई कंपनियां भर्ती की गति धीमी कर रही हैं और कर्मचारियों से नई एआई तकनीकों में कौशल बढ़ाने की अपेक्षा कर रही हैं।

Tata Consultancy Services के नेतृत्व ने भी संकेत दिया है कि भविष्य में एआई एजेंटों की संख्या कर्मचारियों के बराबर हो सकती है, हालांकि कंपनी ने बड़े पैमाने पर छंटनी की योजना से इनकार किया है।
दूसरी ओर, कुछ अध्ययनों का कहना है कि एआई केवल नौकरियां खत्म नहीं कर रहा बल्कि नए अवसर भी पैदा कर रहा है। कई कंपनियों में उत्पादकता बढ़ी है और एआई कौशल रखने वाले कर्मचारियों की मांग भी बढ़ रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले वर्षों में सबसे अधिक प्रभाव उन नौकरियों पर पड़ सकता है जो दोहराव वाले और नियमित कार्यों पर आधारित हैं। ऐसे में कर्मचारियों के लिए एआई, डेटा एनालिटिक्स और नई डिजिटल तकनीकों में प्रशिक्षण लेना आवश्यक होता जा रहा है।
निष्कर्ष:
एआई के कारण कुछ क्षेत्रों में नौकरियों पर दबाव बढ़ा है और कई अमेरिकी कंपनियों ने कर्मचारियों की संख्या घटाई है, लेकिन यह कहना कि भारत में हुई सारी बेरोजगारी केवल एआई की वजह से है, पूरी तरह सही नहीं होगा। आर्थिक परिस्थितियां, लागत में कटौती, वैश्विक मंदी और तकनीकी बदलाव भी इसके महत्वपूर्ण कारण हैं।

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