वॉशिंगटन, अमेरिका। अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया: लोकतंत्र का अनोखा मॉडल।
वॉशिंगटन, अमेरिका।
दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोकतंत्रों में से एक अमेरिका में राष्ट्रपति का चुनाव सीधे जनता के वोटों से नहीं होता।
यहां एक विशेष प्रणाली, जिसे Electoral College कहा जाता है, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव का अंतिम फैसला करती है।
चुनाव प्रक्रिया कैसे शुरू होती है:
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव हर चार वर्ष में आयोजित होते हैं।
प्रमुख राजनीतिक दल पहले अपने उम्मीदवार चुनते हैं।
इसके लिए विभिन्न राज्यों में प्राइमरी और कॉकस चुनाव आयोजित किए जाते हैं।
इसके बाद राष्ट्रीय अधिवेशनों में उम्मीदवारों की औपचारिक घोषणा की जाती है।
जनता वोट देती है, लेकिन राष्ट्रपति सीधे नहीं चुनती:
नवंबर महीने में अमेरिकी नागरिक मतदान करते हैं।
हालांकि वे सीधे राष्ट्रपति के लिए वोट नहीं देते, बल्कि अपने राज्य के "इलेक्टर्स" (निर्वाचकों) के समूह को चुनते हैं।
यही निर्वाचक बाद में राष्ट्रपति के लिए आधिकारिक मतदान करते हैं।
क्या है इलेक्टोरल कॉलेज:
अमेरिका में कुल 538 इलेक्टोरल वोट हैं। किसी उम्मीदवार को राष्ट्रपति बनने के लिए कम-से-कम 270 वोट हासिल करने होते हैं।
प्रत्येक राज्य को उसके कांग्रेस प्रतिनिधियों और सीनेटरों की संख्या के आधार पर इलेक्टोरल वोट मिलते हैं।
विजेता कैसे तय होता है:
अधिकांश राज्यों में "विनर-टेक्स-ऑल" प्रणाली लागू है।
इसका अर्थ है कि जिस उम्मीदवार को राज्य में सबसे अधिक लोकप्रिय वोट मिलते हैं,
उसे उस राज्य के सभी इलेक्टोरल वोट प्राप्त हो जाते हैं।
केवल Maine और Nebraska में अलग व्यवस्था लागू है, जहां इलेक्टोरल वोटों का आंशिक विभाजन संभव है।
अंतिम चरण:
दिसंबर में निर्वाचक अपने-अपने राज्यों में मिलकर राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के लिए मतदान करते हैं।
इसके बाद जनवरी में अमेरिकी कांग्रेस इन वोटों की आधिकारिक गणना और पुष्टि करती है।
विजेता उम्मीदवार को राष्ट्रपति-निर्वाचित घोषित कर दिया जाता है।
विवाद और बहस:
अमेरिकी चुनाव प्रणाली पर समय-समय पर बहस होती रही है। इतिहास में कई बार ऐसा हुआ है कि किसी उम्मीदवार ने राष्ट्रीय स्तर पर अधिक लोकप्रिय वोट प्राप्त किए, लेकिन इलेक्टोरल वोट कम मिलने के कारण चुनाव हार गया। वर्ष 2000 और 2016 इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
अंतिम निष्कर्ष : अमेरिका की चुनावी प्रक्रिया दुनिया की सबसे जटिल और विशिष्ट लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में गिनी जाती है।
यहां जनता की राय महत्वपूर्ण होती है, लेकिन अंतिम फैसला इलेक्टोरल कॉलेज प्रणाली के माध्यम से होता है।
यही कारण है कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव केवल वोटों की गिनती नहीं, बल्कि राज्यों के राजनीतिक संतुलन का भी खेल माना जाता है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें