चीन की सत्ता बेनाम सेना।
शी जिनपिंग की बड़ी कार्रवाई, दर्जनों जनरल बर्खास्त।
चीन के दर्जनों जनरलों को शी जिनपिंग ने बर्खास्त किया।
बीजिंग, विशेष संवाददाता।

चीन की सेना के भीतर “पावर स्ट्रगल” या “शुद्धिकरण अभियान” (purge) कह रहे हैं। हालांकि चीन सरकार आधिकारिक तौर पर इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई बताती है।
चीन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में सेना के भीतर बड़े स्तर पर कार्रवाई जारी है। पिछले दो वर्षों में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (P L A) के दर्जनों वरिष्ठ जनरलों और रक्षा अधिकारियों को पद से हटाया गया है। इस घटनाक्रम ने चीन की राजनीति और सेना के बीच तनाव की अटकलों को तेज कर दिया है।
कई मिडिया रिपोर्ट से जानकारी अनुसार: बल्कि सेना पर राजनीतिक नियंत्रण मजबूत करने की कोशिश भी है।
P L A की रॉकेट फ़ोर्स और शीर्ष सैन्य नेतृत्व में बड़े स्तर पर सफाई हुई।
2023 से अब तक 75 से 100 से अधिक वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को हटाया या जांच के दायरे में लाया गया।
कुछ अधिकारियों पर केवल रिश्वत नहीं, बल्कि “राजनीतिक अविश्वास” और X i के आदेश तंत्र को कमजोर करने के आरोप भी लगे।
सूत्रों के अनुसार चीन सरकार ने भ्रष्टाचार, सत्ता के दुरुपयोग और राजनीतिक निष्ठा पर सवाल उठने के बाद कई शीर्ष सैन्य अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू की। सबसे ज्यादा असर P L A की रॉकेट फ़ोर्स और रक्षा मंत्रालय पर पड़ा है।
पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफु और Wei Fenghe पर भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कई अधिकारियों को हिरासत में लिया गया जबकि कुछ को सार्वजनिक पदों से अचानक हटा दिया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग सेना पर अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह केवल भ्रष्टाचार विरोधी अभियान नहीं बल्कि सेना में पूर्ण निष्ठा सुनिश्चित करने की रणनीति भी हो सकती है।
हालांकि चीन सरकार का कहना है कि यह अभियान “राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य अनुशासन” बनाए रखने के लिए चलाया जा रहा है। सरकार ने सेना में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की बात कही है।
दुनियाभर के रणनीतिक विशेषज्ञ इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं क्योंकि चीन की सेना एशिया की सबसे बड़ी सैन्य ताकतों में गिनी जाती है। माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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