इस्लामाबाद: "आपरेशन हीरोफ"पाकिस्तान के सात सैनिक को बंधक बनाकर मौत के घाट उतार दिया।

इस्लामाबाद: "आपरेशन हीरोफ"पाकिस्तान के सात सैनिक को बंधक बनाकर मौत के घाट उतार दिया।
आपरेशन हीरोफआपरेशन हीरोफ के दौरान पकड़े गए 7 पाकिस्तानी सैनिकों को बीएलए ने मारने का दावा किया है। घटना पाकिस्तान के बलूचिस्तान में चल रहे लंबे विद्रोह का हिस्सा है। ब्लुच लिबरेशन आर्मी एक बलूच अलगाववादी उग्रवादी संगठन है। इसका लक्ष्य पाकिस्तान से बलूचिस्तान की स्वतंत्रता है। यह संगठन अक्सर पाकिस्तानी सेना, सरकारी ठिकानों और सीपीइसी परियोजनाओं पर हमले करता रहता है। बीएलए ने जनवरी–फरवरी 2026 में आपरेशन हीरोफ सैकेंड नाम से हमला किया। इस ऑपरेशन के दौरान 17 लोगों को पकड़ा गया, जिनमें से 10 को छोड़ दिया गया क्योंकि वे स्थानीय प्रशासन से जुड़े थे। बाकी 7 पाकिस्तानी सैनिकों को बंधक रखा गया। BLA ने पाकिस्तान सरकार से कैद किए गए बलूच लड़ाकों की रिहाई के बदले सैनिकों की अदला-बदली की मांग की। जब उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो संगठन ने घोषणा की कि इन 7 सैनिकों को मौत की सजा देकर मार दिया गया।

बलूचिस्तान में संघर्ष कई ऐतिहासिक, राजनीतिक और आर्थिक कारणों से चल रहा है। यह पाकिस्तान के लिए बहुत संवेदनशील इलाका है। इसे समझने के लिए मुख्य कारण।1948 में पाकिस्तान में विलय का विवाद बलूचिस्तान पहले कलात रियासत का हिस्सा था। 1947 में भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के समय Mir Ahmad Yar Khan (कलात के खान) ने स्वतंत्र रहने की कोशिश की। लेकिन 1948 में Pakistan Army ने सैन्य कार्रवाई की और इसे पाकिस्तान में मिला लिया। कई बलूच नेता इसे जबरन विलय मानते हैं, इसलिए अलगाववाद की भावना बनी रही।Balochistan पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है और यहाँ बहुत संसाधन हैं।गैस,कोयला,सोना और तांबा,समुद्री बंदरगाह बलूच लोगों का आरोप है कि संसाधनों का फायदा Punjab और केंद्र सरकार को मिलता है,लेकिन स्थानीय लोगों को विकास या रोजगार कम मिलता है। ग़रीबी और विकास की कमी इतने संसाधन होने के बावजूद शिक्षा,स्वास्थ्य,सड़क और पानी इन सुविधाओं की बहुत कमी है। इससे लोगों में सरकार के खिलाफ गुस्सा बढ़ता गया।सुरक्षा बलों पर मानवाधिकार के आरोप बलूच कार्यकर्ता आरोप लगाते हैं कि पाकिस्तान की सेना लोगों को गायब कर देती है।कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार या मार दिया जाता है,इन आरोपों के कारण विद्रोह और तेज हुआ।चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) बलूचिस्तान में स्थित Gwadar Port बहुत महत्वपूर्ण है। यह China–Pakistan Economic Corridor (CPEC) का मुख्य केंद्र है, जो China और Pakistan की बड़ी परियोजना है। लेकिन कई बलूच समूह कहते हैं,इस परियोजना से बाहरी लोग फायदा उठा रहे हैं,स्थानीय लोगों को जमीन और संसाधन खोने पड़ रहे हैं,इसलिए उग्रवादी समूह चीन की परियोजनाओं और इंजीनियरों पर भी हमले करते हैं। समुद्री महत्व Gwadar Port अरब सागर में एक महत्वपूर्ण बंदरगाह है जो भविष्य में बड़ा व्यापारिक केंद्र बन सकता है। संसाधन यह पाकिस्तान के लिए ऊर्जा और खनिज संपदा का बड़ा स्रोत है।क्षेत्रफल Balochistan पाकिस्तान के कुल क्षेत्रफल का लगभग 44% है। रणनीतिक स्थान यह तीन देशों से जुड़ा है,Iran,Afghanistan,Pakistan का अरब सागर तट,बलूचिस्तान में संघर्ष मुख्य रूप से स्वायत्तता, संसाधनों पर अधिकार, और राजनीतिक असंतोष के कारण है। वहीं पाकिस्तान के लिए यह क्षेत्र भू-राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।



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