नई दिल्ली: मंगलवार। पेट्रोल, मोबाइल और विदेश यात्रा हो सकती है महंगी।

नई दिल्ली: पेट्रोल, मोबाइल और विदेश यात्रा हो सकती है महंगी।
नई दिल्ली, मंगलवार।

भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया है। 
अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण रुपये में लगातार दबाव देखा जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण रुपये में लगातार दबाव देखा जा रहा है।

वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार रुपया 96 रुपये प्रति डॉलर के करीब पहुँच गया, जिसे भारतीय मुद्रा के इतिहास की बड़ी गिरावट माना जा रहा है।

अर्थशास्त्रियों का कहना है कि विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकालने, अमेरिका में ब्याज दरें ऊँची रहने तथा वैश्विक तनाव बढ़ने से डॉलर की मांग तेजी से बढ़ी है। 

भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, इसलिए डॉलर महंगा होने का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।

इस गिरावट का असर आम जनता की जेब पर भी पड़ सकता है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका है। 

साथ ही मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, लैपटॉप और अन्य आयातित सामान महंगे हो सकते हैं। विदेश में पढ़ाई और यात्रा करने वालों का खर्च भी बढ़ सकता है।

हालांकि, निर्यात करने वाली भारतीय कंपनियों को इससे कुछ राहत मिल सकती है क्योंकि उन्हें विदेशों से मिलने वाले डॉलर के बदले अधिक रुपये प्राप्त होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में रुपये पर दबाव और बढ़ सकता है।

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